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खुले मैनहोल बन रहे हादसों का कारण
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खुले मैनहोल बन रहे हादसों का कारण
गढ़मुक्तेश्वर। नगर में सीवर मैनहोल के ढक्कन टूट जाने के कारण अधिकांश मैनहोल खुले पड़े हैं। इसमें गिरकर आए दिन वाहन चालक चोटिल हो रहे हैं। लोगों का आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बाद भी अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। सर्दी के मौसम में घने कोहरे में टूटे मैनहोल के कारण और भी अधिक हादसे हो रहे हैं।
गंगा में गिरने वाले दूषित पानी की रोकथाम को लेकर गढ़ पालिका क्षेत्र में जल निगम द्वारा सीवर लाइन बिछाई गई थी। जिसे गढ़-ब्रजघाट में बनाए गए एसटीपी से जोड़ा गया था। नगर के सभी 25 वार्डों में सीवर लाइन बिछाने का काम कराया गया। लेकिन घटिया सामग्री और मानक के विपरीत कार्य होने के चलते टूटे मैनहोल और धंसी सीवर लाइन का खामियाजा नगरवासियों को भुगतना पड़ रहा है। नगर में पुरानी दिल्ली रोड, रेलवे रोड, नक्का कुआं रोज, ब्रजघाट समेत अन्य गली मोहल्लों में सीवर लाइन के मैनहोल जर्जर स्थिति में है। कई मैनहोल से ढक्कन ही गायब हैं, जो सर्दी के मौसम में बढ़ रहे कोहरे के कारण कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं। नगरवासियों का कहना है कि इन क्षतिग्रस्त मैनहोलों के बारे में आलाधिकारियों को कई बार शिकायती पत्र देकर कार्रवाई की मांग कर चुकी है, लेकिन समस्या का कोई समाधान नहीं निकल पा रहा है।
बब्लू भाटी ने कहा कि नगर में सीवर मैनहोल के ढक्कन क्षतिग्रस्त हैं, जिससे सर्दी के मौसम में पड़ने वाला घना कोहरा वाहन चालकों के लिए हादसे के खतरा बन सकता है। खास तौर पर दोपहिया वाहन चालकों को अधिक खतरा रहता है। लेकिन कोई ध्यान देने को तैयार नहीं है।
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प्रशांत चौधरी ने कहा कि सीवर मैनहोल की समस्याओं के लिए पहले भी अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है, लेकिन लापरवाही के चलते लोग खुले मैनहोलों में गिरकर चोटिल हो रहे हैं।
तुषार चौधरी ने कहा कि रात के अंधेरे में नगर की सड़कों से गुजरने में खतरा बना रहता है, क्योंकि बीच सड़क पर बने सीवर मैनहोल के क्षतिग्रस्त और खुले ढक्कन हादसे को न्योता दे रहे हैं।
एसडीएम विजयवर्धन तोमर ने बताया कि संबंधित विभाग को पत्र भेजकर नगर में सीवर मैनहोलों के टूटे ढक्कनों को बदलवा जाएगा।
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गढ़मुक्तेश्वर। नगर में सीवर मैनहोल के ढक्कन टूट जाने के कारण अधिकांश मैनहोल खुले पड़े हैं। इसमें गिरकर आए दिन वाहन चालक चोटिल हो रहे हैं। लोगों का आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बाद भी अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। सर्दी के मौसम में घने कोहरे में टूटे मैनहोल के कारण और भी अधिक हादसे हो रहे हैं।
गंगा में गिरने वाले दूषित पानी की रोकथाम को लेकर गढ़ पालिका क्षेत्र में जल निगम द्वारा सीवर लाइन बिछाई गई थी। जिसे गढ़-ब्रजघाट में बनाए गए एसटीपी से जोड़ा गया था। नगर के सभी 25 वार्डों में सीवर लाइन बिछाने का काम कराया गया। लेकिन घटिया सामग्री और मानक के विपरीत कार्य होने के चलते टूटे मैनहोल और धंसी सीवर लाइन का खामियाजा नगरवासियों को भुगतना पड़ रहा है। नगर में पुरानी दिल्ली रोड, रेलवे रोड, नक्का कुआं रोज, ब्रजघाट समेत अन्य गली मोहल्लों में सीवर लाइन के मैनहोल जर्जर स्थिति में है। कई मैनहोल से ढक्कन ही गायब हैं, जो सर्दी के मौसम में बढ़ रहे कोहरे के कारण कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं। नगरवासियों का कहना है कि इन क्षतिग्रस्त मैनहोलों के बारे में आलाधिकारियों को कई बार शिकायती पत्र देकर कार्रवाई की मांग कर चुकी है, लेकिन समस्या का कोई समाधान नहीं निकल पा रहा है।
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बब्लू भाटी ने कहा कि नगर में सीवर मैनहोल के ढक्कन क्षतिग्रस्त हैं, जिससे सर्दी के मौसम में पड़ने वाला घना कोहरा वाहन चालकों के लिए हादसे के खतरा बन सकता है। खास तौर पर दोपहिया वाहन चालकों को अधिक खतरा रहता है। लेकिन कोई ध्यान देने को तैयार नहीं है।
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प्रशांत चौधरी ने कहा कि सीवर मैनहोल की समस्याओं के लिए पहले भी अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है, लेकिन लापरवाही के चलते लोग खुले मैनहोलों में गिरकर चोटिल हो रहे हैं।
तुषार चौधरी ने कहा कि रात के अंधेरे में नगर की सड़कों से गुजरने में खतरा बना रहता है, क्योंकि बीच सड़क पर बने सीवर मैनहोल के क्षतिग्रस्त और खुले ढक्कन हादसे को न्योता दे रहे हैं।
एसडीएम विजयवर्धन तोमर ने बताया कि संबंधित विभाग को पत्र भेजकर नगर में सीवर मैनहोलों के टूटे ढक्कनों को बदलवा जाएगा।