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Hapur News: किशोरों का गिर रहा बीपी, जानलेवा बन रहा डिहाईड्रेशन
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गढ़ रोड स्थित सीएचसी में मरीजों का उपचार करते चिकित्सक। संवाद
हापुड़। किशोरों में डिहाईड्रेशन के बाद शरीर के महत्वपूर्ण अंग फेल होने का खतरा बढ़ रहा है। बीपी गिरने की समस्या जानलेवा साबित हो रही है। सरकारी अस्पतालों की ओपीडी में ऐसे मरीज पहुंच रहे हैं। चिकित्सक उल्टी-दस्त होने पर शरीर में पानी की कमी न होने देने और तुरंत सही उपचार दिलाने की सलाह दे रहे हैं।
तापमान में बढ़ोतरी हो रही है। ऐसे में शरीर भी डिहाईड्रेट हो रहा है। उल्टी, दस्त की समस्या होने पर झोलाछापों के भरोसे रहने वाले मरीजों की जान आफत में पड़ रही है। हाल ही में हापुड़ में किशोरी की मौत भी इसी वजह से हुई है।
सीएचसी के फिजिशियन डॉ. अशरफ अली ने बताया कि शरीर में पानी की एक निश्चित मात्रा का होना जरूरी है। यदि लंबे समय तक पानी की कमी रहती है तो शरीर के महत्वपूर्ण धीरे धीरे फैलने लगते हैं। इसमें दिल, किडनी मुख्य हैं, जो सबसे अधिक प्रभावित होते हैं। इसी वजह से बीपी का स्तर भी लगातार गिरता जाता है। कई मामलों में बीपी 60 से भी नीचे आ जाता है। उन्होंने बताया कि झोलाछापों द्वारा दी दवाएं कई बार बेहद घातक साबित होती हैं। इसलिए कुशल चिकित्सक से ही उपचार के बाद दवाएं लें।
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इन बातों का रखें ध्यान
हर रोज पांच लीटर तक पानी पिएं।
तरल पदार्थों का सेवन अधिक करें।
उल्टी-दस्त होने पर ओआरएस का घोल पिएं।
कुशल चिकित्सक से ही दवा लें।
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तापमान में बढ़ोतरी हो रही है। ऐसे में शरीर भी डिहाईड्रेट हो रहा है। उल्टी, दस्त की समस्या होने पर झोलाछापों के भरोसे रहने वाले मरीजों की जान आफत में पड़ रही है। हाल ही में हापुड़ में किशोरी की मौत भी इसी वजह से हुई है।
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सीएचसी के फिजिशियन डॉ. अशरफ अली ने बताया कि शरीर में पानी की एक निश्चित मात्रा का होना जरूरी है। यदि लंबे समय तक पानी की कमी रहती है तो शरीर के महत्वपूर्ण धीरे धीरे फैलने लगते हैं। इसमें दिल, किडनी मुख्य हैं, जो सबसे अधिक प्रभावित होते हैं। इसी वजह से बीपी का स्तर भी लगातार गिरता जाता है। कई मामलों में बीपी 60 से भी नीचे आ जाता है। उन्होंने बताया कि झोलाछापों द्वारा दी दवाएं कई बार बेहद घातक साबित होती हैं। इसलिए कुशल चिकित्सक से ही उपचार के बाद दवाएं लें।
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इन बातों का रखें ध्यान
हर रोज पांच लीटर तक पानी पिएं।
तरल पदार्थों का सेवन अधिक करें।
उल्टी-दस्त होने पर ओआरएस का घोल पिएं।
कुशल चिकित्सक से ही दवा लें।