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Hapur News: सिंभावली के भरना गांव से जुड़ा है चौधरी साहब का नाता
Fri, 09 Feb 2024 09:40 PM IST
गाजियाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
Updated Fri, 09 Feb 2024 09:40 PM IST
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गढ़मुक्तेश्वर। किसानों के मसीहा कहे जाने वाले देश के पूर्व प्रधानमंत्री स्व. चौधरी चरण सिंह का नाता सिंभावली ब्लाक के गांव भरना से भी जुड़ा है। आज भी गांव के बुजुर्गों को याद है कि उन्होंने गांव में आकर एक किसान के घर रूककर साग और मक्का की रोटी का भोजन किया। उसके बाद उन्होंने खेत में बैलों की जोड़ी से हल चला कर किसानों को खेती के प्रति जागरूक भी किया था। पूर्व प्रधानमंत्री को भारत रत्न मिलने से गांव के लोग काफी उत्साहित है।
शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह को भारत रत्न देने की घोषणा की तो ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। वहीं सिंभावली के गांव भरना के लोग भी खुशी से सरोबार हो गए। शिक्षक नरेंद्र सिंह ने बताया कि गांव नूरपुर की मंढ़ैया की एक झोपड़ी में जन्म लेकर उप्र के मुख्यमंत्री, देश के उपप्रधानमंत्री और प्रधानमंत्री पद तक पहुंचने वाले किसानों के मसीहा चौधरी चरण सिंह किसानों को स्वाभिमान के साथ जीने और सियासत पर निगाह रखने का सलीका भी सिखा गए थे। चौधरी चरण सिंह वर्ष 1982 में एक जन सभा के दौरान वह सिंभावली में आए थे। जनसभा को संबोधित करने के बाद वह गांव भरना में रहे वाले विनोद कुमार के यहां पहुंच गए। यहां भोजन में साग और मक्का की रोटी ग्रहण करने के बाद उन्होंने खेतों में हल भी चलाया। उस समय क्षेत्र के लोगों ने उनको चंदा कर एक लाख रुपये भी दिए थे । उन्होंने बताया कि देश के प्रधानमंत्री बने तो अपने लिए कुछ करने के बजाए वह दिन रात किसानों के लिए ही जुटे रहे। चौधरी चरण सिंह आज भी हर किसानों के दिल में जिंदा है। केंद्र सरकार द्वारा पूर्व प्रधानमंत्री को भारत रत्न से नवाजे जाने का फैसला किसानों के हित का फैसला है, चौधरी चरण सिंह इस सम्मान के सच्चे हकदार हैं।
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शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह को भारत रत्न देने की घोषणा की तो ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। वहीं सिंभावली के गांव भरना के लोग भी खुशी से सरोबार हो गए। शिक्षक नरेंद्र सिंह ने बताया कि गांव नूरपुर की मंढ़ैया की एक झोपड़ी में जन्म लेकर उप्र के मुख्यमंत्री, देश के उपप्रधानमंत्री और प्रधानमंत्री पद तक पहुंचने वाले किसानों के मसीहा चौधरी चरण सिंह किसानों को स्वाभिमान के साथ जीने और सियासत पर निगाह रखने का सलीका भी सिखा गए थे। चौधरी चरण सिंह वर्ष 1982 में एक जन सभा के दौरान वह सिंभावली में आए थे। जनसभा को संबोधित करने के बाद वह गांव भरना में रहे वाले विनोद कुमार के यहां पहुंच गए। यहां भोजन में साग और मक्का की रोटी ग्रहण करने के बाद उन्होंने खेतों में हल भी चलाया। उस समय क्षेत्र के लोगों ने उनको चंदा कर एक लाख रुपये भी दिए थे । उन्होंने बताया कि देश के प्रधानमंत्री बने तो अपने लिए कुछ करने के बजाए वह दिन रात किसानों के लिए ही जुटे रहे। चौधरी चरण सिंह आज भी हर किसानों के दिल में जिंदा है। केंद्र सरकार द्वारा पूर्व प्रधानमंत्री को भारत रत्न से नवाजे जाने का फैसला किसानों के हित का फैसला है, चौधरी चरण सिंह इस सम्मान के सच्चे हकदार हैं।
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