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Hapur News: गांवों के रास्ते से यूरिया की तस्करी का प्रयास, खेत में पलटा ट्रक, उर्वरक जब्त
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गांव असरा मुरादपुर में कृषि अधिकारी ने पकड़ी यूरिया खाद से भरी गाड़ी। संवाद
हापुड़। तहसील क्षेत्र के गांव असरा मुरादपुर में यूरिया से भरा एक ट्रक खेत में पलट गया। किसानों की सूचना पर कृषि अधिकारी ने जांच की तो कालाबाजारी का संदेह हुआ। यूरिया के संंबंध में बिल/इनवॉइस तक नहीं दिखाई जा सकी। मामले की गंभीरता पर यूरिया सीज कर देहात थाने में तहरीर दी गई है।
दरअसल, जिले में यूरिया को लेकर मारामारी मची है। किसानों को प्रति हेक्टेयर सात कट्टे तक ही यूरिया दिया जा रहा है। आलम यह है कि दो दो कट्टा यूरिया के लिए किसानों को पूरे दिन लाइनों में लगना पड़ रहा है, लेकिन कालाबाजारी में संलिप्त माफिया आसानी से हजारों कट्टों की व्यवस्था कर लेते हैं।
शुक्रवार को असरा मुरादपुर में यूरिया से भरा एक ट्रक खेत में पलट गया। किसानों ने इसकी सूचना कृषि विभाग को दी। जांच में सामने आया कि यह यूरिया मेरठ से किठोर ले जाया जा रहा था। इसके लिए सीधे रूट का प्रयोग न कर गांवों के रास्तों को अपनाया गया। शक होने पर ट्रक चालक से कागज मांगे तो वह बिल आदि नहीं दे सका।
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इसी बीच संबंधित फर्म के मालिक भी मौके पर पहुंचे उनसे बिल/इनवॉइस मांगी गई लेकिन वह उपलब्ध नहीं करा सके। एक बिल दिखाया गया वह भी भ्रामक लग रहा था। संभावना जताई जा रही है कि किसानों को मिलने वाले अनुदानित यूरिया को फैक्टरियों में खपाने की तैयारी थी। बहरहाल, यूरिया सीज कर देहात थाना पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया है।
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कोट
असरा मुरादपुर में पकड़ा गया यूरिया यारा कंपनी का है। जिस तरह इस ऑफ रूट से ले जाया जा रहा था उससे कालाबाजारी की प्रबल संभावना है। बिल भी नहीं दिखाया जा सका है। अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।-- गौरव प्रकाश, जिला कृषि अधिकारी।
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दरअसल, जिले में यूरिया को लेकर मारामारी मची है। किसानों को प्रति हेक्टेयर सात कट्टे तक ही यूरिया दिया जा रहा है। आलम यह है कि दो दो कट्टा यूरिया के लिए किसानों को पूरे दिन लाइनों में लगना पड़ रहा है, लेकिन कालाबाजारी में संलिप्त माफिया आसानी से हजारों कट्टों की व्यवस्था कर लेते हैं।
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शुक्रवार को असरा मुरादपुर में यूरिया से भरा एक ट्रक खेत में पलट गया। किसानों ने इसकी सूचना कृषि विभाग को दी। जांच में सामने आया कि यह यूरिया मेरठ से किठोर ले जाया जा रहा था। इसके लिए सीधे रूट का प्रयोग न कर गांवों के रास्तों को अपनाया गया। शक होने पर ट्रक चालक से कागज मांगे तो वह बिल आदि नहीं दे सका।
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इसी बीच संबंधित फर्म के मालिक भी मौके पर पहुंचे उनसे बिल/इनवॉइस मांगी गई लेकिन वह उपलब्ध नहीं करा सके। एक बिल दिखाया गया वह भी भ्रामक लग रहा था। संभावना जताई जा रही है कि किसानों को मिलने वाले अनुदानित यूरिया को फैक्टरियों में खपाने की तैयारी थी। बहरहाल, यूरिया सीज कर देहात थाना पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया है।
कोट
असरा मुरादपुर में पकड़ा गया यूरिया यारा कंपनी का है। जिस तरह इस ऑफ रूट से ले जाया जा रहा था उससे कालाबाजारी की प्रबल संभावना है। बिल भी नहीं दिखाया जा सका है। अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।