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Hapur News: सतेंद्र की गिरफ्तारी से सकते में श्यामपुर के ग्रामीण
Mon, 05 Feb 2024 10:08 PM IST
गाजियाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
Updated Mon, 05 Feb 2024 10:08 PM IST
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जासूसी प्रकरण -- -
हापुड़। गांव श्यामपुर निवासी भारतीय दूतावास कर्मी सतेंद्र सिवाल को एटीएस द्वारा गिरफ्तार किए जाने के बाद गांव के लोग अभी भी सकते में हैं। ग्रामीणों ने बताया कि घर से निकलने पर सभी को राम-राम करने वाला सीधा साधा सतेंद्र पाकिस्तानी एजेंट नहीं हो सकता। पिता का कहना है कि उसके घर की आर्थिक स्थिति किसी से छिपी नहीं है। उसके बेटे को लेकर जरूर कोई बड़ी गलत फहमी हुई है।
देहात थाना क्षेत्र के गांव श्यामपुर निवासी सतेंद्र सिवाल को एटीएस ने तीन फरवरी को पाकिस्तानी हैंडलर को सूचनाएं देने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया था। जिसके बाद गांव श्यामपुर में पूरे मामले को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। सतेंद्र की गद्दारी और उसके निर्दोष होने को लेकर लोगों में बहस हो रही है। अभी तक शांत और प्रतिष्ठित परिवारों का गांव श्यामपुर इस बदनामी को पचा नहीं पा रहा है। ग्रामीण अभी भी सकते में है। वहीं परिजन सतेंद्र को तरह निर्दोष बता रहे हैं। सुबह परिजनों ने खुद को मकान के अंदर कैद किया हुआ था। आसपास गली में सन्नाटा पसरा हुआ था। लेकिन दोपहर बाद गांव के कुछ लोग सतेंद्र के पिता जयवीर सिंह के पास पहुंचे और ढ़ांढ़स बंधाया।
ग्रामीणों के अनुसार जयवीर घटना को लेकर सदमे में है। उसने बताया कि उसने जैसे तैसे अपने बच्चों को पढ़ाकर इस काबिल बनाया है। उसके घर की माली हालत किसी से छिपी नहीं है। बेटे की तनख्वाह महीने के अंत तक खर्च हो जाती है। घर घेर पुराने हो गए हैं, इन्हें बनवाने के लिए रुपये नहीं हैं।
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परिजन बोले बेटे के बैंक खातों की करा लो जांच
अवैध रूप से मोटी रकम लेने के आरोपों पर परिजनों का कहना है कि बेटे के बैंक खातों की जांच करा लो, दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। घर में 15 साल पुरानी एक बाइक के अलावा कुछ नहीं है। बेटियों के शादी क्रेडिट कार्ड से ऋण लेकर की है। ऐसे में उसके बेटे को लेकर कोई बड़ी गलत फहमी हुई है।
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कनाडा की पूजा से संपर्क में था सतेंद्र-
सूत्रों की माने तो सतेंद्र को इस बात का अहसास तक नहीं था कि वह किसी पाकिस्तान हैंडलर से बात कर रहा है। कनाडा की रहने वाली पूजा के नाम से महिला हैंडलर ने उससे बात करनी शुरू की थी। साथ रहने के बड़े-बड़े ख्वाब दिखाकर हैंडलर ने पहले उसे अपने प्रेम जाल में फंसाया और फिर किसी विशेष प्रोजेक्ट के नाम पर जानकारियां लेने की शुरूआत की। प्रेम जाल में सतेंद्र ऐसा उलझा कि वह इससे न बाहर निकल पाया और न ही षड़यंत्र को समझ पाया।
पुराने मामलों में आरोपियों को नहीं मिली जमानत
सतेंद्र का मामला भले भी कैसा रहा हो, लेकिन ऐसे मामलों में पुराने आरोपियों को जमानत तक नहीं मिली है। जिले के गांव बिहुनी निवासी पूर्व सैनिक सौरभ शर्मा जनवरी 2021 से ही जेल में बंद है। गांव में घर में बूढ़ी मां के अलावा उसकी छोटी बहन रहती है। ग्रामीणों ने बताया कि पकड़े जाने से बाद से सौरभ को जमानत नहीं मिली है और न ही वह कभी पैरोल पर बाहर आया। छोटा भाई नोएडा में नौकरी करता है और कभी कभी ही गांव आता है। वैट निवासी एजेंट साकिब भी 2020 से ही जेल में बंद है। वह करीब 15 दिन पहले अपने पिता के बीमार होने पर कुछ घंटों की पैरोल पर अस्पताल आया था। जहां से उसे वापस जेल भेज दिया गया।
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हापुड़। गांव श्यामपुर निवासी भारतीय दूतावास कर्मी सतेंद्र सिवाल को एटीएस द्वारा गिरफ्तार किए जाने के बाद गांव के लोग अभी भी सकते में हैं। ग्रामीणों ने बताया कि घर से निकलने पर सभी को राम-राम करने वाला सीधा साधा सतेंद्र पाकिस्तानी एजेंट नहीं हो सकता। पिता का कहना है कि उसके घर की आर्थिक स्थिति किसी से छिपी नहीं है। उसके बेटे को लेकर जरूर कोई बड़ी गलत फहमी हुई है।
देहात थाना क्षेत्र के गांव श्यामपुर निवासी सतेंद्र सिवाल को एटीएस ने तीन फरवरी को पाकिस्तानी हैंडलर को सूचनाएं देने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया था। जिसके बाद गांव श्यामपुर में पूरे मामले को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। सतेंद्र की गद्दारी और उसके निर्दोष होने को लेकर लोगों में बहस हो रही है। अभी तक शांत और प्रतिष्ठित परिवारों का गांव श्यामपुर इस बदनामी को पचा नहीं पा रहा है। ग्रामीण अभी भी सकते में है। वहीं परिजन सतेंद्र को तरह निर्दोष बता रहे हैं। सुबह परिजनों ने खुद को मकान के अंदर कैद किया हुआ था। आसपास गली में सन्नाटा पसरा हुआ था। लेकिन दोपहर बाद गांव के कुछ लोग सतेंद्र के पिता जयवीर सिंह के पास पहुंचे और ढ़ांढ़स बंधाया।
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ग्रामीणों के अनुसार जयवीर घटना को लेकर सदमे में है। उसने बताया कि उसने जैसे तैसे अपने बच्चों को पढ़ाकर इस काबिल बनाया है। उसके घर की माली हालत किसी से छिपी नहीं है। बेटे की तनख्वाह महीने के अंत तक खर्च हो जाती है। घर घेर पुराने हो गए हैं, इन्हें बनवाने के लिए रुपये नहीं हैं।
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परिजन बोले बेटे के बैंक खातों की करा लो जांच
अवैध रूप से मोटी रकम लेने के आरोपों पर परिजनों का कहना है कि बेटे के बैंक खातों की जांच करा लो, दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। घर में 15 साल पुरानी एक बाइक के अलावा कुछ नहीं है। बेटियों के शादी क्रेडिट कार्ड से ऋण लेकर की है। ऐसे में उसके बेटे को लेकर कोई बड़ी गलत फहमी हुई है।
कनाडा की पूजा से संपर्क में था सतेंद्र-
सूत्रों की माने तो सतेंद्र को इस बात का अहसास तक नहीं था कि वह किसी पाकिस्तान हैंडलर से बात कर रहा है। कनाडा की रहने वाली पूजा के नाम से महिला हैंडलर ने उससे बात करनी शुरू की थी। साथ रहने के बड़े-बड़े ख्वाब दिखाकर हैंडलर ने पहले उसे अपने प्रेम जाल में फंसाया और फिर किसी विशेष प्रोजेक्ट के नाम पर जानकारियां लेने की शुरूआत की। प्रेम जाल में सतेंद्र ऐसा उलझा कि वह इससे न बाहर निकल पाया और न ही षड़यंत्र को समझ पाया।
पुराने मामलों में आरोपियों को नहीं मिली जमानत
सतेंद्र का मामला भले भी कैसा रहा हो, लेकिन ऐसे मामलों में पुराने आरोपियों को जमानत तक नहीं मिली है। जिले के गांव बिहुनी निवासी पूर्व सैनिक सौरभ शर्मा जनवरी 2021 से ही जेल में बंद है। गांव में घर में बूढ़ी मां के अलावा उसकी छोटी बहन रहती है। ग्रामीणों ने बताया कि पकड़े जाने से बाद से सौरभ को जमानत नहीं मिली है और न ही वह कभी पैरोल पर बाहर आया। छोटा भाई नोएडा में नौकरी करता है और कभी कभी ही गांव आता है। वैट निवासी एजेंट साकिब भी 2020 से ही जेल में बंद है। वह करीब 15 दिन पहले अपने पिता के बीमार होने पर कुछ घंटों की पैरोल पर अस्पताल आया था। जहां से उसे वापस जेल भेज दिया गया।