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Hapur News: एजेंट पर बीमा की किस्त के 25 हजार रुपये हड़पने का आरोप
Thu, 01 Jan 2026 10:04 PM IST
गाजियाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
Updated Thu, 01 Jan 2026 10:04 PM IST
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हापुड़। थल सेना के सेवानिवृत्त व्यक्ति ने बीमा एजेंट पर किस्त के 25 हजार रुपये जमा न करने का आरोप लगाया है। आरोप है कि किस्त जमा न होने के कारण उनके मृत बेटे के बीमा के 12.50 लाख रुपये नहीं मिले। न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने आरोपी एजेंट के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
बाबूगढ़ थाना क्षेत्र के गांव नूरपुर निवासी चमन सिंह ने बताया कि वे थल सेना से सेवानिवृत्त हैं। उन्होंने पक्का बाग स्थित इंडियन बैंक की शाखा से वर्ष 2020 में तीन लाख रुपये का ऋण कराया था। इसके लिए बैंक ने बीमा कराने की अनिवार्यता बताई और एजेंट मनीष कुमार से बात कराई। इसमें मनीष कुमार ने उनके पुत्र सुधीर का एक बीमा एसबीआई लाइफ इंश्योरेंश से कर दिया था। इसकी वार्षिक किस्त 25 हजार रुपये तय हुई। 22 अगस्त 2022 को वार्षिक किस्त का भुगतान उनके द्वारा चेक के माध्यम से मनीष कुमार को किया था। इसका भुगतान उनके खाते से हो गया था।
उन्होंने बताया कि आठ जुलाई 2024 को उनके पुत्र सुधीर कुमार की सड़क हादसे में मौत हो गई थी। इसकी सूचना अगस्त में बीमा कंपनी को दे दी गई थी। इसके बाद कंपनी का एजेंट मनीष कुमार सितंबर में उनके पास आया और मृतक पुत्र के प्रमाणपत्र और अन्य दस्तावेज मांगे। आरोपी ने कहा कि बीमे के 12,50000 रुपये जल्द ही उनके खाते में आ जाएंगे। फरवरी 2025 में एजेंट मनीष कुमार से संपर्क किया तो उसने कहा कि अभी प्रक्रिया चल रही है और छह महीने लगेंगे। बाद में उन्हें पता लगा कि 25 हजार रुपये की धनराशि को एजेंट द्वारा जमा नहीं किया गया है। इसलिए बीमे की धनराशि का पूरा भुगतान नहीं हो सका है। उन्होंने एजेंट के मोबाइल फोन पर संपर्क किया तो उसने अभद्रता की। जिसके बाद उन्हें अपने साथ हुई धोखाधड़ी के बारे में जानकारी हो सकी। सीओ वरुण कुमार मिश्रा ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर मामले में पुलिस ने आरोपी एजेंट के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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बाबूगढ़ थाना क्षेत्र के गांव नूरपुर निवासी चमन सिंह ने बताया कि वे थल सेना से सेवानिवृत्त हैं। उन्होंने पक्का बाग स्थित इंडियन बैंक की शाखा से वर्ष 2020 में तीन लाख रुपये का ऋण कराया था। इसके लिए बैंक ने बीमा कराने की अनिवार्यता बताई और एजेंट मनीष कुमार से बात कराई। इसमें मनीष कुमार ने उनके पुत्र सुधीर का एक बीमा एसबीआई लाइफ इंश्योरेंश से कर दिया था। इसकी वार्षिक किस्त 25 हजार रुपये तय हुई। 22 अगस्त 2022 को वार्षिक किस्त का भुगतान उनके द्वारा चेक के माध्यम से मनीष कुमार को किया था। इसका भुगतान उनके खाते से हो गया था।
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उन्होंने बताया कि आठ जुलाई 2024 को उनके पुत्र सुधीर कुमार की सड़क हादसे में मौत हो गई थी। इसकी सूचना अगस्त में बीमा कंपनी को दे दी गई थी। इसके बाद कंपनी का एजेंट मनीष कुमार सितंबर में उनके पास आया और मृतक पुत्र के प्रमाणपत्र और अन्य दस्तावेज मांगे। आरोपी ने कहा कि बीमे के 12,50000 रुपये जल्द ही उनके खाते में आ जाएंगे। फरवरी 2025 में एजेंट मनीष कुमार से संपर्क किया तो उसने कहा कि अभी प्रक्रिया चल रही है और छह महीने लगेंगे। बाद में उन्हें पता लगा कि 25 हजार रुपये की धनराशि को एजेंट द्वारा जमा नहीं किया गया है। इसलिए बीमे की धनराशि का पूरा भुगतान नहीं हो सका है। उन्होंने एजेंट के मोबाइल फोन पर संपर्क किया तो उसने अभद्रता की। जिसके बाद उन्हें अपने साथ हुई धोखाधड़ी के बारे में जानकारी हो सकी। सीओ वरुण कुमार मिश्रा ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर मामले में पुलिस ने आरोपी एजेंट के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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