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एडीएम साहब अपने गांव की सुध तो लो
अमर उजाला, गढ़
Updated Mon, 29 Feb 2016 09:41 PM IST
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एडीएम का गोद लिया गांव भी चहुमुखी विकास तो दूर बल्कि जन समस्याओं के मकड़जाल से मुक्त नहीं हो पा रहा है। लाखों की लागत से बनी टंकी चालू न होने से ग्रामीण दूषित पानी पीने को मजबूर हैं।
इससे गुस्साए ग्रामीणों ने विरोध में प्रदर्शन कर आंदोलन की चेतावनी दी है। बता दें कि 30 जनवरी को दौरे पर आए एडीएम हरिश्चंद्र ने समस्याओं की भरमार देख बहादुरगढ़ क्षेत्र के गांव जखैड़ा रहमतपुर को गोद ले लिया था।
इसके बाद भी जन समस्याओं से कोई मुक्ति नहीं मिली। अमित कुमार, किरनपाल, लेखराज सोनी का कहना है कि गांव में लाखों रुपये की लागत से टंकी का निर्माण तो हो चुका है, परंतु पेयजल सप्लाई न होने से दूषित पानी पीना पड़ रहा है।
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बादल, राजेंद्र, कृष्ण कुमार, नैनसिंह का कहना है कि प्राइमरी स्कूल के पास गंदगी का अंबार लगा हुआ है। इसकी दुर्गंध से बच्चों समेत आसपास में रहने वाले परिवार बुरी तरह परेशान हैं।
हबीब, देवेंद्र, जगवती का कहना है कि गांव की आबादी दस हजार से भी अधिक है। फिर भी एकमात्र सफाई कर्मी तैनात है। जिसके छुट्टी पर जाने के बाद आबादी से जुड़ी सड़कें कूड़ा करकट और गंदगी से अट जाती हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार लिखित और मौखिक तौर पर शिकायत की जा चुकी हैं लेकिन संबंधित अधिकारी कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। जन समस्याओं से मुक्ति दिलाने के लिए बड़े स्तर पर कदम उठाए जा रहे हैं।
ब्लॉक प्रशासन को सफाई में सुधार के लिए लगातार डिमांड भेजी जा रही हैं। पानी की टंकी चालू न होने के विषय में जनपद के आला अफसरों को अविलंब अवगत कराया जाएगा। मनोज कुमार, ग्राम प्रधान
तहसील और ब्लॉक स्तर से टीम भेजकर गांवों से जुड़ी सभी समस्याओं को चिह्नित कराया जाएगा। इसके बाद उनका अविलंब निराकरण कराने की कार्रवाई प्रारंभ कराई जाएगी। हरिश्चंद्र, एडीएम
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इससे गुस्साए ग्रामीणों ने विरोध में प्रदर्शन कर आंदोलन की चेतावनी दी है। बता दें कि 30 जनवरी को दौरे पर आए एडीएम हरिश्चंद्र ने समस्याओं की भरमार देख बहादुरगढ़ क्षेत्र के गांव जखैड़ा रहमतपुर को गोद ले लिया था।
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इसके बाद भी जन समस्याओं से कोई मुक्ति नहीं मिली। अमित कुमार, किरनपाल, लेखराज सोनी का कहना है कि गांव में लाखों रुपये की लागत से टंकी का निर्माण तो हो चुका है, परंतु पेयजल सप्लाई न होने से दूषित पानी पीना पड़ रहा है।
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बादल, राजेंद्र, कृष्ण कुमार, नैनसिंह का कहना है कि प्राइमरी स्कूल के पास गंदगी का अंबार लगा हुआ है। इसकी दुर्गंध से बच्चों समेत आसपास में रहने वाले परिवार बुरी तरह परेशान हैं।
हबीब, देवेंद्र, जगवती का कहना है कि गांव की आबादी दस हजार से भी अधिक है। फिर भी एकमात्र सफाई कर्मी तैनात है। जिसके छुट्टी पर जाने के बाद आबादी से जुड़ी सड़कें कूड़ा करकट और गंदगी से अट जाती हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार लिखित और मौखिक तौर पर शिकायत की जा चुकी हैं लेकिन संबंधित अधिकारी कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। जन समस्याओं से मुक्ति दिलाने के लिए बड़े स्तर पर कदम उठाए जा रहे हैं।
ब्लॉक प्रशासन को सफाई में सुधार के लिए लगातार डिमांड भेजी जा रही हैं। पानी की टंकी चालू न होने के विषय में जनपद के आला अफसरों को अविलंब अवगत कराया जाएगा। मनोज कुमार, ग्राम प्रधान
तहसील और ब्लॉक स्तर से टीम भेजकर गांवों से जुड़ी सभी समस्याओं को चिह्नित कराया जाएगा। इसके बाद उनका अविलंब निराकरण कराने की कार्रवाई प्रारंभ कराई जाएगी। हरिश्चंद्र, एडीएम