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Hapur News: बैनामे से पहले आधार का होगा सत्यापन, रुकेगा फर्जीवाड़ा

Fri, 30 Jan 2026 10:56 PM IST
गाजियाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़ Updated Fri, 30 Jan 2026 10:56 PM IST
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हापुड़। संपत्तियों के बैनामे में फर्जीवाड़ा रोकने के लिए निबंधन विभाग एक फरवरी से आधार कार्ड सत्यापन की अनिवार्य व्यवस्था लागू करने जा रहा है। रजिस्ट्री के दौरान खरीदार, विक्रेता के साथ गवाहों के आधार नंबर का मौके पर सत्यापन होगा। इससे जमीन की खरीद-फरोख्त में धोखाधड़ी और भू-माफिया खेल नहीं कर सकेंगे। इसके लिए जिले के सभी उप-निबंधक कार्यालयों को बायोमेट्रिक मशीनें उपलब्ध करा दी गई हैं।
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जिले की तीनों तहसीलों में हर महीने सैकड़ों बैनामे होते हैं। अभी तक केवल आधार की फोटोकॉपी से काम चल जाता था। इससे फर्जी आधार कार्ड के जरिए दूसरे की जमीन बेचने की आशंका बनी रहती थी, लेकिन पारदर्शिता लाने के लिए निबंधन विभाग एक फरवरी से आधार सत्यापन की अनिवार्य व्यवस्था लागू करने जा रहा है। जिले के चारों उप निबंधन कार्यालय में बायोमीट्रिक मशीनें उपलब्ध करा दी गई हैं।
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निबंधन विभाग के पोर्टल को यूआईडीएआई के सर्वर से जोड़ दिया गया है। जैसे ही पक्षकार बायोमीट्रिक मशीन पर अंगूठा लगाएंगे, दिल्ली स्थित केंद्रीय सर्वर से तत्काल उनकी पहचान की पुष्टि हो जाएगी। पहचान सही पाए जाने पर ही साफ्टवेयर रजिस्ट्री की प्रक्रिया को आगे बढ़ाएगा। इनमें अब इस नई तकनीक से फर्जीवाड़े की गुंजाइश शून्य हो जाएगी। स्टाफ को इस नई प्रणाली के संचालन की विशेष ट्रेनिंग भी दी जा रही है। नई व्यवस्था में केवल फिंगर प्रिंट ही नहीं, बल्कि सुरक्षा के अन्य मानकों को भी जोड़ा गया है।
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यदि किसी बुजुर्ग या शारीरिक श्रम करने वाले व्यक्ति की उंगलियों के निशान नहीं मिलते हैं, तो उनके लिए चेहरे के पहचान की सुविधा दी जाएगी। इसके अतिरिक्त, विशेष परिस्थितियों में आधार से लिंक मोबाइल नंबर पर ओटीपी भेजकर भी सत्यापन किया जा सकेगा। अभी तक रजिस्ट्री दफ्तरों में अक्सर गवाहों की पहचान को लेकर संशय रहता था। कई बार विवादित जमीनों में पेशेवर या फर्जी गवाह खड़े कर दिए जाते थे। अब गवाहों का आधार सत्यापन होने से उनकी पहचान डाटाबेस में हमेशा के लिए दर्ज हो जाएगी। इससे भविष्य में कानूनी विवाद होने पर गवाह अपनी जिम्मेदारी से मुकर नहीं पाएंगे।

उप निबंधक प्रथम हिमांशु चंद्रा ने बताया कि एक फरवरी से जमीन की खरीद-फरोख्त में होने वाली धोखाधड़ी और भू-माफियाओं पर नकेल कसने के लिए शासन ने आधार वेरिफिकेशन की प्रक्रिया शुरू की है।
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