फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hapur News ›   abducted ten years imprisonment.

किशोरी का अपहरण करने वाले को दस साल कारावास

Thu, 10 Nov 2016 10:32 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/ हापुड़
ब्यूरो, अमर उजाला/ हापुड़ Updated Thu, 10 Nov 2016 10:32 PM IST
विज्ञापन
abducted ten years imprisonment.
कोर्ट - फोटो : Demo Pic

क्षेत्र के एक गांव से वर्ष 2013 में एक किशोरी का अपहरण करने के मामले में गुरुवार को फास्ट ट्रैक कोर्ट ने आरोपी को 10 साल की सजा सुनाई है। उस पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी किया है। बाकी आरोपियों को बरी कर दिया गया।

विज्ञापन


आरोपी गिरफ्तारी के बाद से ही जेल में है, जबकि किशोरी नारी निकेतन में है। इनको अपहरण के दो साल बाद मुंबई से पकड़ा गया था। जानकारी के अनुसार मेरठ जिले के थाना मेडिकल के गांव गोकलपुर निवासी निजाम का बेटा मुर्सलीम
विज्ञापन


हापुड़ देहात थाना क्षेत्र के एक गांव में अपने मामा यामीन के पास रहता था। एक अप्रैल 2013 को गांव की एक नाबालिग किशोरी महिलाओं और अन्य लड़कियों के साथ गांव के राज सिंह के खेत में आलू खोदने के लिए गयी थी।
विज्ञापन
विज्ञापन


वहा से अपराह्न दो बजे मुर्सलीम उक्त किशोरी को बहला फुसलाकर ले गया। इस घटना को वहां मौजूद सभी ने देखा, लेकिन गांव का भांजा कोई गड़बड़ करेगा, इसका किसी को विश्वास नहीं था। उक्त किशोरी के घर पर नहीं पहुंचने पर दो दिन तक खोजबीन की गई,

लेकिन कोई सुराग नहीं लगने पर 3 अप्रैल 2013 को धारा 363/366 आईपीसी के तहत मामला दर्ज कराया गया। सरकारी अधिवक्ता सीएस यादव ने बताया कि इस घटना के करीब दो साल बाद दोनों मुंबई से पकड़े गए।

मुर्सलीम ने उक्त किशोरी के साथ निकाह कर दिया था।  पकड़े जाने के बाद से मुर्सलीम जेल में है जबकि किशोरी नारी निकेतन में है। यह मुकदमा एडीजे/ फास्ट ट्रैक कोर्ट के न्यायाधीश चंद्रपाल सिंह द्वितीय की अदालत में विचाराधीन था।

पुलिस ने इस मामले में मुर्सलीम के साथ उसके चार परिजनों को भी आरोपी बनाया था। किशोरी ने अपने बयानों में कहा था कि वह अपनी मर्जी से गयी थी तथा अपनी सहमति से ही संबंध बनाये थे।

न्यायाधीश ने किशोरी के सहमति शब्द का बयानों में प्रयोग किये जाने के कारण रेप की धारा नहीं मानी। बल्कि मुर्सलीम को नाबालिग का अपहरण करने का ही दोषी माना।  


उन्होंने बताया कि न्यायाधीश चंद्रपाल सिंह ने बृहस्पतिवार को निर्णय सुनाते हुए मुर्सलीम को धारा 363 में 7 साल और धारा 366 में 10 साल की सजा सुनाई । इसी के साथ 10 हजार रुपये का जुर्माना भी किया गया है।

दोनों सजाएं एक साथ चलेंगी। जितने दिन वह जेल में रह चुका है, वह सजा में से कम हो जायेंगे। इस मामले में बाकी आरोपियों को बरी कर दिया गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed