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आधार कार्ड अनिवार्यता से खुली शिक्षकों की पोल
ब्यूरो, अमर उजाला/ हापुड़
Updated Mon, 29 May 2017 10:35 PM IST
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आधार कार्ड
- फोटो : Getty Images
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परिषदीय स्कूलों में पंजीकरण प्रक्रिया में आधार कार्ड अनिवार्य करने से छात्रों की संख्या में तेजी से गिरावट आ रही है। अब तक हजारों छात्र कम हो गए हैं। जिन स्कूलों में छात्र कम होंगे, उनमें से अतिरिक्त शिक्षक हटा दिए जाएंगे। इससे तमाम शिक्षकों की मुश्किलें बढ़ी हुई हैं।
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अब तक परिषदीय स्कूलों में फर्जी पंजीकरण के जरिए छात्रों की संख्या अधिक दर्शाई जाती थी। हालांकि छात्रों की संख्या उतनी नहीं होती थी। फर्जी पंजीकरण का खेल शिक्षकों द्वारा कराया जाता था ताकि उस स्कूल में ही तैनाती बनी रहे।
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इस बार सरकार ने छात्रों के पंजीकरण में आधार कार्ड नंबर को लिंक करना अनिवार्य कर दिया है। इससे फर्जी पंजीकरण पर रोक लगने से छात्र संख्या में गिरावट आ रही है। आगामी दिनों में इन स्कूलों में तैनात शिक्षकों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
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जिन स्कूलों में छात्र कम रह जाएंगे, वहां ज्यादा शिक्षक नहीं रख उनका तबादला कर दिया जाएगा। जिले में करीब 700 परिषदीय स्कूल हैं। आधार कार्ड की अनिवार्यता से पूर्व इन स्कूलों में छात्रों की संख्या करीब 70 हजार दर्शाई जाती थी।
इन दिनों छात्रों की संख्या तेजी से गिर रही है, क्योंकि रजिस्ट्रेशन में आधार कार्ड जरूरी कर दिया गया है। 30 छात्रों पर एक शिक्षक की व्यवस्था है। इस अनुपात में ही शिक्षकों की तैनाती की जाती है। छात्रों की कमी पर अतिरिक्त शिक्षकों का तबादला किया जा सकता है।
बीएसए देवेंद्र गुप्ता का कहना है कि छात्रों की संख्या के आधार पर ही स्कूलों में शिक्षक रखे जाएंगे। पंजीकरण में आधार कार्ड लागू किया गया है। जुलाई के बाद ही स्पष्ट होगा कि छात्रों की संख्या कितनी गिरी या बढ़ी है।