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500 संविदा कर्मचारी विद्युत निगम को हर महीने लगा रहे लाखों रुपये की चपत
Updated Thu, 12 Jul 2018 12:21 AM IST
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500 संविदा कर्मचारी विद्युत निगम को
हर महीने लगा रहे लाखों रुपये की चपत
हापुड़। ऊर्जा निगम में एजेंसियों के माध्यम से संविदा पर लगे जिले में करीब 500 संविदा कर्मचारी हर महीने निगम को लाखों रुपये की चपत लगा रहे हैं। बिना कनेक्शन ही वह एसी, कूलर का लुफ्त उठा रहे हैं। मुख्य अभियंता की ओर से कई स्थानों पर जांच करने पर इसका खुलासा हुआ है। उसके बाद स्थानीय अफसरों को पत्र जारी कर, ऐसे कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
ऊर्जा निगम में सरकारी कर्मचारियों की भारी किल्लत है। आलम यह है कि कार्यालयों से लेकर बिजलीघरों पर व्यवस्था बनाने का कार्य संविदा कर्मी ही देख रहे हैं। ऊर्जा निगम किसी भी कर्मचारी को मुफ्त में बिजली प्रयोग की अनुमति नहीं देता, लेकिन एजेंसियों के माध्यम से संविदा पर लगे बहुत से कर्मचारी जमकर मुफ्त बिजली फूंक रहे हैं।
जानकारी के अनुसार जिलेभर में करीब 700 संविदा कर्मचारी हैं। इनमें से करीब 500 कर्मचारी ऐसे हैं जो बिना विद्युत कनेक्शन लिए ही एसी, कूलर का मजा ले रहे हैं। इससे ऊर्जा निगम को हर महीने लाखों रुपये का चूना लग रहा है, साथ ही लाइन लॉस भी कम होने का नाम नहीं ले रहा है।
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ऊर्जा निगम के मुख्य अभियंता की जांच में कई स्थानों पर इस तरह की घपलेबाजी मिली है। मामले की गंभीरता पर उन्होंने स्थानीय अफसरों को पत्र जारी कर अभियान चलाकर बिजली चोरी मिलने पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
अधिशासी अभियंता सुनील कुमार का कहना है कि मुख्य अभियंता आरपीएस तोमर का पत्र मिला है, अभियान चलाकर जांच कराई जाएगी। बिना कनेक्शन बिजली का प्रयोग करने वालों पर कार्रवाई होगी।
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हर महीने लगा रहे लाखों रुपये की चपत
हापुड़। ऊर्जा निगम में एजेंसियों के माध्यम से संविदा पर लगे जिले में करीब 500 संविदा कर्मचारी हर महीने निगम को लाखों रुपये की चपत लगा रहे हैं। बिना कनेक्शन ही वह एसी, कूलर का लुफ्त उठा रहे हैं। मुख्य अभियंता की ओर से कई स्थानों पर जांच करने पर इसका खुलासा हुआ है। उसके बाद स्थानीय अफसरों को पत्र जारी कर, ऐसे कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
ऊर्जा निगम में सरकारी कर्मचारियों की भारी किल्लत है। आलम यह है कि कार्यालयों से लेकर बिजलीघरों पर व्यवस्था बनाने का कार्य संविदा कर्मी ही देख रहे हैं। ऊर्जा निगम किसी भी कर्मचारी को मुफ्त में बिजली प्रयोग की अनुमति नहीं देता, लेकिन एजेंसियों के माध्यम से संविदा पर लगे बहुत से कर्मचारी जमकर मुफ्त बिजली फूंक रहे हैं।
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जानकारी के अनुसार जिलेभर में करीब 700 संविदा कर्मचारी हैं। इनमें से करीब 500 कर्मचारी ऐसे हैं जो बिना विद्युत कनेक्शन लिए ही एसी, कूलर का मजा ले रहे हैं। इससे ऊर्जा निगम को हर महीने लाखों रुपये का चूना लग रहा है, साथ ही लाइन लॉस भी कम होने का नाम नहीं ले रहा है।
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ऊर्जा निगम के मुख्य अभियंता की जांच में कई स्थानों पर इस तरह की घपलेबाजी मिली है। मामले की गंभीरता पर उन्होंने स्थानीय अफसरों को पत्र जारी कर अभियान चलाकर बिजली चोरी मिलने पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
अधिशासी अभियंता सुनील कुमार का कहना है कि मुख्य अभियंता आरपीएस तोमर का पत्र मिला है, अभियान चलाकर जांच कराई जाएगी। बिना कनेक्शन बिजली का प्रयोग करने वालों पर कार्रवाई होगी।