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ाखों का गबन करने वाले शिक्षकों की रिपोर्ट दबाई !
Updated Fri, 16 Mar 2018 12:27 AM IST
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लाखों का गबन करने वाले शिक्षकों की रिपोर्ट दबाई
हापुड़। एनपीआरसी के खातों से लाखों का गबन करने वाले शिक्षकों की जांच रिपोर्ट उच्चाधिकारी दबाकर बैठे हैं। उक्त शिक्षक मूल विद्यालयों में लौटने के बाद भी नए एनपीआरसी को खाते हस्तांतरित नहीं कर रहे हैं। ऐसे में घपला करने वालों के मंसूबे चरम पर हैं।
बीते दिनों बेसिक शिक्षा विभाग में एनपीआरसी के पद पर तैनात आधा दर्जन शिक्षकों ने संयुक्त खातों को एकल रूप से चलाकर उनसे लाखों रुपये का गबन कर लिया था। इतना ही नहीं इनमें अनेक एनपीआरसी ऐसे थे जो पात्रता की श्रेणी में भी नहीं आते हैं।
मामले का खुलासा हुआ तो जांच के दौरान तत्कालीन एनपीआरसी को मूल विद्यालयों में लौटा दिया गया। पात्रता के आधार पर नए एनपीआरसी तैनात कर दिए गए, लेकिन अफसरों का संरक्षण मिलने के कारण कई पूर्व एनपीआरसी अभी तक भी खाते हस्तांतरित नहीं कर रहे हैं, जबकि इस मामले की जांच पूरी कर ली गई है और रिपोर्ट बीएसए को सौंपी जा चुकी है। फिर भी कार्रवाई न होने से घपला करने वालों के हौसले बढ़े हुए हैं।
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जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी देवेंद्र गुप्ता का कहना है कि मामले की जांच पूरी करा ली गई है। जल्द ही रिपोर्ट के आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी।
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हापुड़। एनपीआरसी के खातों से लाखों का गबन करने वाले शिक्षकों की जांच रिपोर्ट उच्चाधिकारी दबाकर बैठे हैं। उक्त शिक्षक मूल विद्यालयों में लौटने के बाद भी नए एनपीआरसी को खाते हस्तांतरित नहीं कर रहे हैं। ऐसे में घपला करने वालों के मंसूबे चरम पर हैं।
बीते दिनों बेसिक शिक्षा विभाग में एनपीआरसी के पद पर तैनात आधा दर्जन शिक्षकों ने संयुक्त खातों को एकल रूप से चलाकर उनसे लाखों रुपये का गबन कर लिया था। इतना ही नहीं इनमें अनेक एनपीआरसी ऐसे थे जो पात्रता की श्रेणी में भी नहीं आते हैं।
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मामले का खुलासा हुआ तो जांच के दौरान तत्कालीन एनपीआरसी को मूल विद्यालयों में लौटा दिया गया। पात्रता के आधार पर नए एनपीआरसी तैनात कर दिए गए, लेकिन अफसरों का संरक्षण मिलने के कारण कई पूर्व एनपीआरसी अभी तक भी खाते हस्तांतरित नहीं कर रहे हैं, जबकि इस मामले की जांच पूरी कर ली गई है और रिपोर्ट बीएसए को सौंपी जा चुकी है। फिर भी कार्रवाई न होने से घपला करने वालों के हौसले बढ़े हुए हैं।
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जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी देवेंद्र गुप्ता का कहना है कि मामले की जांच पूरी करा ली गई है। जल्द ही रिपोर्ट के आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी।