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गढ़ पालिका बोर्ड आज भंग हो जाएगी, कहीं खुशी तो कहीं गम का माहौल
Updated Thu, 03 Aug 2017 05:18 PM IST
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आज भंग हो जाएगी गढ़ पालिका बोर्ड
चुनावी तैयारी में जुटे प्रत्याशियों की बेचैनी बढ़ी
बोर्ड की दखल अंदाजी से निजात मिलने को लेकर पालिका कर्मी हो रहे गदगद
अमर उजाला ब्यूरो
गढ़मुक्तेश्वर। पालिका बोर्ड भंग होने से खुशी और गम का माहौल है। क्योंकि जहां बोर्ड से जुड़े सदस्य सत्ता की हनक छिनने से मायूस हैं वहीं उनकी दखल अंदाजी बंद होने को लेकर पालिका कर्मी गदगद हो रहे हैं। वहीं करोड़ों का पेमेंट अटका होने से ठेकेदारों में बेचैनी व्याप्त है।
बता दें कि चेयर पर्सन संगीता पुरुषोत्तम की अध्यक्षता वाली बोर्ड का कार्यकाल तीन अगस्त को (आज) पूरा हो जाएगा। इससे पालिका से जुड़े कामकाज में दखल देने वाले बोर्ड सदस्य पूरी तरह शक्ति विहीन हो जाएंगे, तो वहीं बोर्ड की दखल अंदाजी से निजात मिलने को लेकर कर्मचारी भी गदगद हो रहे हैं। इसके अलावा भी चुनाव पीछे हटने पर चेयरमैन पद से लेकर 25 वार्डों के चुनाव में किस्मत आजमाने की तैयारी करते आ रहे संभावित प्रत्याशियों में मानसिक बेचैनी बढ़ रही है। उन्हें चुनाव लेट होने से अपने खर्च में बढ़ोतरी होने का डर भी सता रहा है। वहीं पालिका बोर्ड भंग होने से ठेकेदारों में भी बेचैनी व्याप्त है, क्योंकि उनका तीन करोड़ से भी अधिक का पेमेंट अटका है। उन्हें डर सता रहा है कि पालिका बोर्ड भंग होने पर अब उनके आका भी जल्द पेमेंट दिलाने में कोई मदद नहीं कर पाएंगे। अधिकांश ठेकेदारों का तो यहां तक कहना है कि उन्होंने जल्द पेमेंट मिलने के भरोसे में आकर ब्याज पर रकम उधार लेकर विकास कार्य कराए थे, लेकिन अब पेमेंट न मिलने से उन पर लगातार ब्याज चढ़ता जा रहा है। ईओ पूर्णिमा सिंह का कहना है कि पालिका बोर्ड भंग होने के बाद भी पेयजल, सफाई, पथ प्रकाश और जनहित से जुड़े विकास कार्यों में कोई ढिलाई नहीं होने दी जाएगी।
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चुनावी तैयारी में जुटे प्रत्याशियों की बेचैनी बढ़ी
बोर्ड की दखल अंदाजी से निजात मिलने को लेकर पालिका कर्मी हो रहे गदगद
अमर उजाला ब्यूरो
गढ़मुक्तेश्वर। पालिका बोर्ड भंग होने से खुशी और गम का माहौल है। क्योंकि जहां बोर्ड से जुड़े सदस्य सत्ता की हनक छिनने से मायूस हैं वहीं उनकी दखल अंदाजी बंद होने को लेकर पालिका कर्मी गदगद हो रहे हैं। वहीं करोड़ों का पेमेंट अटका होने से ठेकेदारों में बेचैनी व्याप्त है।
बता दें कि चेयर पर्सन संगीता पुरुषोत्तम की अध्यक्षता वाली बोर्ड का कार्यकाल तीन अगस्त को (आज) पूरा हो जाएगा। इससे पालिका से जुड़े कामकाज में दखल देने वाले बोर्ड सदस्य पूरी तरह शक्ति विहीन हो जाएंगे, तो वहीं बोर्ड की दखल अंदाजी से निजात मिलने को लेकर कर्मचारी भी गदगद हो रहे हैं। इसके अलावा भी चुनाव पीछे हटने पर चेयरमैन पद से लेकर 25 वार्डों के चुनाव में किस्मत आजमाने की तैयारी करते आ रहे संभावित प्रत्याशियों में मानसिक बेचैनी बढ़ रही है। उन्हें चुनाव लेट होने से अपने खर्च में बढ़ोतरी होने का डर भी सता रहा है। वहीं पालिका बोर्ड भंग होने से ठेकेदारों में भी बेचैनी व्याप्त है, क्योंकि उनका तीन करोड़ से भी अधिक का पेमेंट अटका है। उन्हें डर सता रहा है कि पालिका बोर्ड भंग होने पर अब उनके आका भी जल्द पेमेंट दिलाने में कोई मदद नहीं कर पाएंगे। अधिकांश ठेकेदारों का तो यहां तक कहना है कि उन्होंने जल्द पेमेंट मिलने के भरोसे में आकर ब्याज पर रकम उधार लेकर विकास कार्य कराए थे, लेकिन अब पेमेंट न मिलने से उन पर लगातार ब्याज चढ़ता जा रहा है। ईओ पूर्णिमा सिंह का कहना है कि पालिका बोर्ड भंग होने के बाद भी पेयजल, सफाई, पथ प्रकाश और जनहित से जुड़े विकास कार्यों में कोई ढिलाई नहीं होने दी जाएगी।
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