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भगदड़ समेत विषम परिस्थतियों से निपटने की कवायद
Updated Thu, 18 Oct 2018 12:42 AM IST
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खादर मेले में पहुंचने को आपात कालीन रास्ते भी बनेंगे
गढ़मुक्तेश्वर। पौराणिक खादर मेले से जुड़े दोनों मुख्य रास्तों के पास अलग से आपात कालीन रास्ते भी बनाए जाएंगे। इससे किसी भी अनहोनी की स्थिति में पुलिस-प्रशासन अमले समेत राहत टीम आसानी से मेला स्थल पर पहुंच सकेंगी।
धार्मिक मेलों के आयोजन के दौरान भगदड़ जैसी घटना अक्सर होती रहती हैं, जिनकी रोकथाम के मद्देनजर पुलिस-प्रशासन गढ़ खादर के कार्तिक पूर्णिमा गंगा स्नान मेले को लेकर पूरी तरह सतर्क होने के साथ ही व्यापक स्तर पर कार्य योजना बनाने में जुटा हुआ है। भगदड़ समेत कोई भी विषम परिस्थिति उत्पन्न होने से निपटने के लिए पुलिस-प्रशासन और जिला पंचायत महकमे ने साझा रणनीति तैयार की है। इसके तहत पौराणिक खादर मेले को जाने वाले दोनों रूटों से जुड़े जंगल में आपात कालीन रास्ते भी बनाए जाएंगे। दोनों ही आपात कालीन रास्तों पर पुलिस-प्रशासन और बचाव टीमों के अलावा कोई अन्य सफर नहीं कर पाएगा। पुलिस इन रास्तों की निगरानी करेगी।
चतुर्दशी को श्रद्धालुओं का दबाव बढ़ने से चोक हो जाते हैं रास्ते
कार्तिक पूर्णिमा गंगा स्नान मेले में चतुर्दशी की संध्या में लाखों भक्तों की भीड़ उमड़ती है। इसी दिन श्रद्धालु दिवंगत परिजनों की आत्मा शांति के लिए दीपदान करने के बाद वापसी प्रारंभ कर देते हैं। पूर्णिमा के मुख्य स्नान की परवी लूटने वाले गंगा भक्तों की विशाल भीड़ मेले की तरफ उमड़ पड़ती है। इससे नगर के मुख्य मार्गों समेत मेले को जाने वाले दोनों ही रास्ते पूरी तरह चोक हो जाते हैं। ऐसी हालत में पुलिस-प्रशासन के अफसरों को भी मेले तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है।
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इन गांवों से निकलेंगे रास्ते
जिला पंचायत जेई आदेश कुमार ने बताया कि मेले को जाने वाले दोनों रूटों के पास आपात कालीन रास्ते भी बनाए जाने हैं। इनमें से एक रास्ता लठीरा, रामसिंह की मंढैया, कुदैनी, रामपुर न्यामतपुर होकर शाहपुर चौधरी से गढ़-मेरठ रोड पर पहुंचेगा। जबकि दूसरा रास्ता खादर मेले से पशु मेला, चक लठीरा और गढ़ के मीरा रेती और महमाई रोड होकर गांव अल्लाबख्शपुर के सामने नेशनल हाइवे पर पहुंचेगा।
दमकल गाड़ियां भी नहीं निकल पातीं
मेले के अस्थाई पंडालों समेत आसपास के जंगल में खड़ी फसलों में अक्सर आग लगने की घटनाएं अक्सर हो जाती हैं, जिन पर काबू करने में दमकल विभाग को कड़ी मशक्कत करनी पड़ती है। इन रास्तों पर भीड़ के कारण दमकल गाड़ियों का मेला स्थल तक पहुंच मुश्किल हो जाता है। उप अग्नि शमन केंद्र प्रभारी गंगाराम सिंह ने बताया कि आपात कालीन रास्तों से सभी स्तर पर काफी राहत होगी, क्योंकि कोई भी अग्निकांड होने पर दमकल गाड़ी और बचाव दल आसानी के साथ मेला स्थल पर पहुंच सकेंगे।
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गढ़मुक्तेश्वर। पौराणिक खादर मेले से जुड़े दोनों मुख्य रास्तों के पास अलग से आपात कालीन रास्ते भी बनाए जाएंगे। इससे किसी भी अनहोनी की स्थिति में पुलिस-प्रशासन अमले समेत राहत टीम आसानी से मेला स्थल पर पहुंच सकेंगी।
धार्मिक मेलों के आयोजन के दौरान भगदड़ जैसी घटना अक्सर होती रहती हैं, जिनकी रोकथाम के मद्देनजर पुलिस-प्रशासन गढ़ खादर के कार्तिक पूर्णिमा गंगा स्नान मेले को लेकर पूरी तरह सतर्क होने के साथ ही व्यापक स्तर पर कार्य योजना बनाने में जुटा हुआ है। भगदड़ समेत कोई भी विषम परिस्थिति उत्पन्न होने से निपटने के लिए पुलिस-प्रशासन और जिला पंचायत महकमे ने साझा रणनीति तैयार की है। इसके तहत पौराणिक खादर मेले को जाने वाले दोनों रूटों से जुड़े जंगल में आपात कालीन रास्ते भी बनाए जाएंगे। दोनों ही आपात कालीन रास्तों पर पुलिस-प्रशासन और बचाव टीमों के अलावा कोई अन्य सफर नहीं कर पाएगा। पुलिस इन रास्तों की निगरानी करेगी।
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चतुर्दशी को श्रद्धालुओं का दबाव बढ़ने से चोक हो जाते हैं रास्ते
कार्तिक पूर्णिमा गंगा स्नान मेले में चतुर्दशी की संध्या में लाखों भक्तों की भीड़ उमड़ती है। इसी दिन श्रद्धालु दिवंगत परिजनों की आत्मा शांति के लिए दीपदान करने के बाद वापसी प्रारंभ कर देते हैं। पूर्णिमा के मुख्य स्नान की परवी लूटने वाले गंगा भक्तों की विशाल भीड़ मेले की तरफ उमड़ पड़ती है। इससे नगर के मुख्य मार्गों समेत मेले को जाने वाले दोनों ही रास्ते पूरी तरह चोक हो जाते हैं। ऐसी हालत में पुलिस-प्रशासन के अफसरों को भी मेले तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है।
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इन गांवों से निकलेंगे रास्ते
जिला पंचायत जेई आदेश कुमार ने बताया कि मेले को जाने वाले दोनों रूटों के पास आपात कालीन रास्ते भी बनाए जाने हैं। इनमें से एक रास्ता लठीरा, रामसिंह की मंढैया, कुदैनी, रामपुर न्यामतपुर होकर शाहपुर चौधरी से गढ़-मेरठ रोड पर पहुंचेगा। जबकि दूसरा रास्ता खादर मेले से पशु मेला, चक लठीरा और गढ़ के मीरा रेती और महमाई रोड होकर गांव अल्लाबख्शपुर के सामने नेशनल हाइवे पर पहुंचेगा।
दमकल गाड़ियां भी नहीं निकल पातीं
मेले के अस्थाई पंडालों समेत आसपास के जंगल में खड़ी फसलों में अक्सर आग लगने की घटनाएं अक्सर हो जाती हैं, जिन पर काबू करने में दमकल विभाग को कड़ी मशक्कत करनी पड़ती है। इन रास्तों पर भीड़ के कारण दमकल गाड़ियों का मेला स्थल तक पहुंच मुश्किल हो जाता है। उप अग्नि शमन केंद्र प्रभारी गंगाराम सिंह ने बताया कि आपात कालीन रास्तों से सभी स्तर पर काफी राहत होगी, क्योंकि कोई भी अग्निकांड होने पर दमकल गाड़ी और बचाव दल आसानी के साथ मेला स्थल पर पहुंच सकेंगे।