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बोर्ड परीक्षा में नकल कराने पर रद्द होगी स्कूल की मान्यता
Updated Sun, 15 Oct 2017 11:51 PM IST
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बोर्ड परीक्षा में हुई नकल तो रद्द होगी स्कूल की मान्यता
-उप मुख्यमंत्री ने परीक्षा को लेकर अधिकारियों को दी हिदायत
अमर उजाला ब्यूरो
हापुड़। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा बोर्ड नकल विहीन परीक्षाओं को लेकर गंभीर है। बोर्ड ने स्पष्ट कर दिया है कि अगर नकल हुई, तो परीक्षा केंद्र को डिबार करने के बजाय मान्यता ही रद्द कर दी जाएगी। उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने विभागीय अफसरों की वीडियो कांफ्रेंसिंग में भी यह कहा है।
यूपी बोर्ड की परीक्षा के दौरान अमूमन काफी सतर्कता बरती जाती है। परीक्षा में नकल कराने की अधिकारिक पुष्टि जिले में फिलहाल नहीं हो सकी है। फिर भी इस बार नकल विहीन परीक्षा कराने को उप मुख्यमंत्री ने अभी से ही कड़ा रुख अपना लिया है।
अधिकारियों को दिए निर्देशों के अनुसार परीक्षा केंद्र से 200 मीटर की परिधि में केवल परीक्षा संचालन से जुड़े कर्मियों का ही प्रवेश मान्य होगा। ऑनलाइन परीक्षा केंद्र निर्धारण डीआइओएस द्वारा किए जाने वाले स्थलीय सत्यापन की गुणवत्ता पर निर्भर है। किसी अन्य अधिकारी के माध्यम से सत्यापन न कराया जाए। वित्तविहीन विद्यालयों से संबंधित शिक्षकों की सूचना का सत्यापन करते समय यह भी देखें कि क्या गतवर्ष उक्त विद्यालय के शिक्षकों द्वारा मानदेय प्राप्त किया गया है।
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संगीन धाराओं में होंगे नामजद
उपमुख्यमंत्री ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान कहा कि अगर किसी ने नकल कराई, तो कक्ष निरीक्षक, प्रधानाचार्य, प्रबंधक के खिलाफ संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज होगा। शिक्षा अधिनियम, कॉपिंग एक्ट में भी निरुद्ध किया जाएगा। कोई प्रबंधक, प्रधानाचार्य, कक्ष निरीक्षक यह कहकर जिम्मेदारी से नहीं बच सकता कि मामला उनके संज्ञान में नहीं था।
जिला विद्यालय निरीक्षक मनोज आर्य ने बताया कि बोर्ड परीक्षा को लेकर गंभीरता बरते जाने की हिदायत मिली है। परीक्षा को लेकर सतर्कता बरती जाएगी।
-उप मुख्यमंत्री ने परीक्षा को लेकर अधिकारियों को दी हिदायत
अमर उजाला ब्यूरो
हापुड़। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा बोर्ड नकल विहीन परीक्षाओं को लेकर गंभीर है। बोर्ड ने स्पष्ट कर दिया है कि अगर नकल हुई, तो परीक्षा केंद्र को डिबार करने के बजाय मान्यता ही रद्द कर दी जाएगी। उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने विभागीय अफसरों की वीडियो कांफ्रेंसिंग में भी यह कहा है।
यूपी बोर्ड की परीक्षा के दौरान अमूमन काफी सतर्कता बरती जाती है। परीक्षा में नकल कराने की अधिकारिक पुष्टि जिले में फिलहाल नहीं हो सकी है। फिर भी इस बार नकल विहीन परीक्षा कराने को उप मुख्यमंत्री ने अभी से ही कड़ा रुख अपना लिया है।
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अधिकारियों को दिए निर्देशों के अनुसार परीक्षा केंद्र से 200 मीटर की परिधि में केवल परीक्षा संचालन से जुड़े कर्मियों का ही प्रवेश मान्य होगा। ऑनलाइन परीक्षा केंद्र निर्धारण डीआइओएस द्वारा किए जाने वाले स्थलीय सत्यापन की गुणवत्ता पर निर्भर है। किसी अन्य अधिकारी के माध्यम से सत्यापन न कराया जाए। वित्तविहीन विद्यालयों से संबंधित शिक्षकों की सूचना का सत्यापन करते समय यह भी देखें कि क्या गतवर्ष उक्त विद्यालय के शिक्षकों द्वारा मानदेय प्राप्त किया गया है।
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संगीन धाराओं में होंगे नामजद
उपमुख्यमंत्री ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान कहा कि अगर किसी ने नकल कराई, तो कक्ष निरीक्षक, प्रधानाचार्य, प्रबंधक के खिलाफ संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज होगा। शिक्षा अधिनियम, कॉपिंग एक्ट में भी निरुद्ध किया जाएगा। कोई प्रबंधक, प्रधानाचार्य, कक्ष निरीक्षक यह कहकर जिम्मेदारी से नहीं बच सकता कि मामला उनके संज्ञान में नहीं था।
जिला विद्यालय निरीक्षक मनोज आर्य ने बताया कि बोर्ड परीक्षा को लेकर गंभीरता बरते जाने की हिदायत मिली है। परीक्षा को लेकर सतर्कता बरती जाएगी।