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पिपलेड़ा में एनआईए टीम का फिर से छापा
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पिपलेड़ा में एनआईए टीम का फिर से छापा
हापुड़। धौलाना थाना क्षेत्र के गांव पिपलेड़ा में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की टीम ने गुरुवार को अपराह्न फिर छापा मारा जिससे गांव में हड़कंप मच गया। हालांकि यहां से किसी की गिरफ्तारी या बरामदगी नहीं हुई है बल्कि पूछताछ के बाद उक्त टीम लौट गई। एसपी संकल्प शर्मा का दावा है कि यह टीम पिछले मामलों की जांच के सिलसिले में आई थी, कोई नया मामला नहीं था।
उल्लेखनीय है कि शनिवार 12 जनवरी को तड़के भी एनआईए की टीम स्थानीय पुलिस बल के साथ गांव पिपलैड़ा पहुंची थी। पुलिस ने ताहिर अली के मकान पर छापा मारकर उसके 21 वर्षीय पुत्र शहजाद को हिरासत में ले लिया था।
टीम ने उक्त कार्रवाई अपने साथ लाए गए मेरठ क्षेत्र के गांव जिसौरा निवासी एक मौलवी अफसार की निशानदेही पर की थी। शहजाद गांव की मस्जिद परिसर में ही बने मदरसे में हिंदी पढ़ाता है। इससे पहले मौलाना अफसार भी इसी मदरसे में पढ़ाता था। हालांकि पूछताछ के बाद शहजाद को छोड़ दिया गया था।
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ग्रामीणों की माने तो गुरुवार की शाम करीब एक दर्जन जवानों के साथ एनआईए की टीम अफसार को साथ लेकर गांव में पहुंची थी। अफसार का कहना था कि उसके कुछ रुपये शहजाद पर हैं जिसको लेकर पुलिस इस मामले की जानकारी करने आई थी कि उक्त पैसा शहजाद ने अफसार से क्यों लिया था।
बताया गया है कि इस मामले की जानकारी करने का बाद एनआईए की टीम यूपीएसआईडीसी पुलिस चौकी पर चली गई। अफसार के पैसे शहजाद ने वापस किए या नहीं इसकी जानकारी नहीं मिल सकी। लेकिन इतना जरूर है कि जैसे ही एनआईए की गाडियां पिपलेड़ा गांव में पहुंची, ग्रामीणों में हड़कंप मच गया।
पुलिस अधीक्षक संकल्प शर्मा से जानकारी करने पर बताया कि इसे छापा कहना उचित नहीं है। बल्कि यह पुराने मामले को लेकर जंाच कार्यवाई है। पिपलेड़ा से गुरुवार को एनआईए की टीम ने किसी की गिरफ्तारी नहीं की और न ही कुछ बरामद किया है।
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हापुड़। धौलाना थाना क्षेत्र के गांव पिपलेड़ा में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की टीम ने गुरुवार को अपराह्न फिर छापा मारा जिससे गांव में हड़कंप मच गया। हालांकि यहां से किसी की गिरफ्तारी या बरामदगी नहीं हुई है बल्कि पूछताछ के बाद उक्त टीम लौट गई। एसपी संकल्प शर्मा का दावा है कि यह टीम पिछले मामलों की जांच के सिलसिले में आई थी, कोई नया मामला नहीं था।
उल्लेखनीय है कि शनिवार 12 जनवरी को तड़के भी एनआईए की टीम स्थानीय पुलिस बल के साथ गांव पिपलैड़ा पहुंची थी। पुलिस ने ताहिर अली के मकान पर छापा मारकर उसके 21 वर्षीय पुत्र शहजाद को हिरासत में ले लिया था।
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टीम ने उक्त कार्रवाई अपने साथ लाए गए मेरठ क्षेत्र के गांव जिसौरा निवासी एक मौलवी अफसार की निशानदेही पर की थी। शहजाद गांव की मस्जिद परिसर में ही बने मदरसे में हिंदी पढ़ाता है। इससे पहले मौलाना अफसार भी इसी मदरसे में पढ़ाता था। हालांकि पूछताछ के बाद शहजाद को छोड़ दिया गया था।
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ग्रामीणों की माने तो गुरुवार की शाम करीब एक दर्जन जवानों के साथ एनआईए की टीम अफसार को साथ लेकर गांव में पहुंची थी। अफसार का कहना था कि उसके कुछ रुपये शहजाद पर हैं जिसको लेकर पुलिस इस मामले की जानकारी करने आई थी कि उक्त पैसा शहजाद ने अफसार से क्यों लिया था।
बताया गया है कि इस मामले की जानकारी करने का बाद एनआईए की टीम यूपीएसआईडीसी पुलिस चौकी पर चली गई। अफसार के पैसे शहजाद ने वापस किए या नहीं इसकी जानकारी नहीं मिल सकी। लेकिन इतना जरूर है कि जैसे ही एनआईए की गाडियां पिपलेड़ा गांव में पहुंची, ग्रामीणों में हड़कंप मच गया।
पुलिस अधीक्षक संकल्प शर्मा से जानकारी करने पर बताया कि इसे छापा कहना उचित नहीं है। बल्कि यह पुराने मामले को लेकर जंाच कार्यवाई है। पिपलेड़ा से गुरुवार को एनआईए की टीम ने किसी की गिरफ्तारी नहीं की और न ही कुछ बरामद किया है।