{"_id":"673778c9a07013a369050f7a","slug":"20-year-jail-for-rapist-hapur-news-c-135-1-hpr1001-117032-2024-11-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hapur News: नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को बीस वर्ष के कारावास की सजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hapur News: नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को बीस वर्ष के कारावास की सजा
Fri, 15 Nov 2024 10:07 PM IST
गाजियाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
Updated Fri, 15 Nov 2024 10:07 PM IST
विज्ञापन
हापुड़। अपर जिला जज एवं सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट कोर्ट ने नाबालिग से दुष्कर्म करने के मामले में शुक्रवार को निर्णय सुनाया। जिसमें कोर्ट ने मामले के आरोपी को दुष्कर्म का दोषी करार देते हुए बीस वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही दोषी पर 25 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
थाना पिलखुवा क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। जिसमें उसने कहा कि उसकी 14 वर्षीय नाबालिग पुत्री 30 दिसंबर 2016 को बिना बताए घर से कहीं चली गई। जिसकी काफी तलाश की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। जानकारी करने पर पता चला गांव कांवी थाना पिलखुवा निवासी मोनू उनकी नाबालिग पुत्री को बहलाफुसला कर अपने साथ ले गया गया।
पुलिस ने आरोपी मोनू के खिलाफ पॉक्सो, दुष्कर्म, अपहरण सहित विभिन्न धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की। पुलिस ने मामले में कार्रवाई कर आरोपी मोनू को गिरफ्तार कर लिया और पीडि़ता को बरामद कर उसके परिजनों को सौंप दिया। पुलिस ने मामले के आरोप पत्र न्यायालय में पेश किए। न्यायालय में पीडि़ता ने अपने बयान में कहा कि आरोपी मोनू उसको बहलाफुसला कर अपने साथ ले गया और उसके साथ दुष्कर्म भी किया। जिससे वह गर्भवती हो गई। अभियोजन पक्ष की तरफ से मामले में आठ गवाह न्यायालय में पेश किए गए।
विज्ञापन
न्यायाधीश उमाकांत जिंदल ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद शुक्रवार को मामले में निर्णय सुनाया। जिसमें न्यायाधीश उमाकांत जिंदल ने आरोपी मोनू को दुष्कर्म का दोषी करार देते हुए बीस वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। साथ ही दोषी पर पच्चीस हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया।
पीडि़ता को एक लाख रुपये देने के आदेश
न्यायाधीश उमाकांत जिंदल ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को पीडि़ता को पुनर्वास के लिए एक लाख रुपये की प्रतिकार धनराशि देने के भी आदेश किए है। साथ ही आदेश में यह भी कहा है कि प्राधिकरण के पास प्रतिकार की धनराशि देने के लिए फंड न होने पर जिलाधिकारी राज्य सरकार से उक्त धनराशि प्राप्त कर एक माह के अंदर दे।
विज्ञापन
थाना पिलखुवा क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। जिसमें उसने कहा कि उसकी 14 वर्षीय नाबालिग पुत्री 30 दिसंबर 2016 को बिना बताए घर से कहीं चली गई। जिसकी काफी तलाश की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। जानकारी करने पर पता चला गांव कांवी थाना पिलखुवा निवासी मोनू उनकी नाबालिग पुत्री को बहलाफुसला कर अपने साथ ले गया गया।
विज्ञापन
पुलिस ने आरोपी मोनू के खिलाफ पॉक्सो, दुष्कर्म, अपहरण सहित विभिन्न धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की। पुलिस ने मामले में कार्रवाई कर आरोपी मोनू को गिरफ्तार कर लिया और पीडि़ता को बरामद कर उसके परिजनों को सौंप दिया। पुलिस ने मामले के आरोप पत्र न्यायालय में पेश किए। न्यायालय में पीडि़ता ने अपने बयान में कहा कि आरोपी मोनू उसको बहलाफुसला कर अपने साथ ले गया और उसके साथ दुष्कर्म भी किया। जिससे वह गर्भवती हो गई। अभियोजन पक्ष की तरफ से मामले में आठ गवाह न्यायालय में पेश किए गए।
विज्ञापन
न्यायाधीश उमाकांत जिंदल ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद शुक्रवार को मामले में निर्णय सुनाया। जिसमें न्यायाधीश उमाकांत जिंदल ने आरोपी मोनू को दुष्कर्म का दोषी करार देते हुए बीस वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। साथ ही दोषी पर पच्चीस हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया।
पीडि़ता को एक लाख रुपये देने के आदेश
न्यायाधीश उमाकांत जिंदल ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को पीडि़ता को पुनर्वास के लिए एक लाख रुपये की प्रतिकार धनराशि देने के भी आदेश किए है। साथ ही आदेश में यह भी कहा है कि प्राधिकरण के पास प्रतिकार की धनराशि देने के लिए फंड न होने पर जिलाधिकारी राज्य सरकार से उक्त धनराशि प्राप्त कर एक माह के अंदर दे।