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सीडीओ के निर्देश के बाद भी पब्लिक स्कूल आरटीई को दिखा रहा ठेंगा
Updated Wed, 16 May 2018 11:50 PM IST
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सीडीओ के निर्देश के बाद भी पब्लिक
स्कूल आरटीई को दिखा रहा ठेंगा
हापुड़। मेरठ रोड स्थित एक पब्लिक स्कूल शासनादेश और स्थानीय अफसरों के आदेशों को ठेंगा दिखा रहा है। आरटीई में चयनित छात्रों को प्रवेश देने के बजाय उनके अभिभावकों को हड़का कर भगाया जा रहा है। आश्चर्य की बात यह है कि सीडीओ के निर्देश के बाद भी शिक्षा विभाग के अफसर कड़ा एक्शन नहीं ले रहे हैं।
शिक्षा का अधिकारी अधिनियम के तहत गरीब छात्रों को कान्वेंट स्कूलों की 25 फीसदी सीटों पर प्रवेश दिया जाता है। इस वर्ष भी छात्रों के ऑनलाइन आवेदन करने के बाद उनका चयन आरटीई के तहत कर लिया गया है। मगर, मेरठ रोड स्थित एक नामचीन पब्लिक स्कूल छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ कर रहा है। आलम यह है कि 10 छात्रों के अभिभावक साक्ष्य लेकर स्कूल पहुंचते हैं और अपने बच्चों को प्रवेश दिलाने का अनुरोध करते हैं। मगर, स्कूल प्रबंधन आरटीई को न मानने की बात कह उन्हें हड़काकर वापस भेज देते हैं। करीब एक सप्ताह पूर्व अभिभावकों ने बीएसए से शिकायत की थी। यह मामला सीडीओ तक पहुंचा तो हड़कंप मच गया। आनन-फानन में सीडीओ ने बीएसए को तीव्र कार्रवाई के निर्देश दिए थे, लेकिन कार्रवाई के बजाय शिक्षा विभाग के अफसर अभिभावकों को गुमराह करने में जुटे हैं। बुधवार को अभिभावकों ने डीएम को ज्ञापन सौंपकर जल्द राहत की गुहार लगाई है।
ज्ञापन सौंपने वालों में मोहम्मद आदिल, प्रदीप कुमार, जगजीवन राम, सौरभ कुमार, नरेंद्र कुमार, सुनील कुमार, सुभाष चंद, विनोद कुमार, आकाश दीप आदि मौजूद रहे। बीएसए देवेंद्र गुप्ता का कहना है कि वह मामले की जांच करा रहे हैं। आरटीई के तहत प्रवेश न देने पर स्कूल के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।
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स्कूल आरटीई को दिखा रहा ठेंगा
हापुड़। मेरठ रोड स्थित एक पब्लिक स्कूल शासनादेश और स्थानीय अफसरों के आदेशों को ठेंगा दिखा रहा है। आरटीई में चयनित छात्रों को प्रवेश देने के बजाय उनके अभिभावकों को हड़का कर भगाया जा रहा है। आश्चर्य की बात यह है कि सीडीओ के निर्देश के बाद भी शिक्षा विभाग के अफसर कड़ा एक्शन नहीं ले रहे हैं।
शिक्षा का अधिकारी अधिनियम के तहत गरीब छात्रों को कान्वेंट स्कूलों की 25 फीसदी सीटों पर प्रवेश दिया जाता है। इस वर्ष भी छात्रों के ऑनलाइन आवेदन करने के बाद उनका चयन आरटीई के तहत कर लिया गया है। मगर, मेरठ रोड स्थित एक नामचीन पब्लिक स्कूल छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ कर रहा है। आलम यह है कि 10 छात्रों के अभिभावक साक्ष्य लेकर स्कूल पहुंचते हैं और अपने बच्चों को प्रवेश दिलाने का अनुरोध करते हैं। मगर, स्कूल प्रबंधन आरटीई को न मानने की बात कह उन्हें हड़काकर वापस भेज देते हैं। करीब एक सप्ताह पूर्व अभिभावकों ने बीएसए से शिकायत की थी। यह मामला सीडीओ तक पहुंचा तो हड़कंप मच गया। आनन-फानन में सीडीओ ने बीएसए को तीव्र कार्रवाई के निर्देश दिए थे, लेकिन कार्रवाई के बजाय शिक्षा विभाग के अफसर अभिभावकों को गुमराह करने में जुटे हैं। बुधवार को अभिभावकों ने डीएम को ज्ञापन सौंपकर जल्द राहत की गुहार लगाई है।
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ज्ञापन सौंपने वालों में मोहम्मद आदिल, प्रदीप कुमार, जगजीवन राम, सौरभ कुमार, नरेंद्र कुमार, सुनील कुमार, सुभाष चंद, विनोद कुमार, आकाश दीप आदि मौजूद रहे। बीएसए देवेंद्र गुप्ता का कहना है कि वह मामले की जांच करा रहे हैं। आरटीई के तहत प्रवेश न देने पर स्कूल के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।
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