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पौराणिक मेले का सदर बाजार नुमाइश की तरह सजेगा
Updated Tue, 23 Oct 2018 11:46 PM IST
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लक्खी मेला: अयोध्या के राम मंदिर की तरह बनेगा मेले का मुख्य द्वार
गढ़मुक्तेश्वर। पौराणिक खादर मेले का मुख्य द्वार अयोध्या के राम मंदिर की तरह बनाया जाएगा। इसमें आधुनिक सुविधाओं वाले फायर और वाटरप्रूफ टेंट लगाए जाएंगे। वहीं मेले के सदर बाजार को नुमाइश की तरह सजाया जाएगा। कवि सम्मेलन, कव्वाली, मुशायरा और सामाजिक बुराइयों पर आधारित नाटकों का मंचन भी होगा।
महाभारत कालीन कार्तिक पूर्णिमा गंगा स्नान खादर मेले को योगी सरकार ने पिछले साल राजकीय मेले की मान्यता दी थी। इसके चलते जिला प्रशासन पौराणिक खादर मेले के आयोजन को इस बार पिछले साल की तुलना में और भव्य करने की तैयारी में जुटा हुआ है। मेले की व्यवस्थाओं को ताज, लखनऊ, नोएडा जैसे महोत्सव की तर्ज पर पूरी तरह चाक चौबंद करने की तैयारी हो रही है। मेले का मुख्य द्वार अयोध्या के राम मंदिर वाले मॉडल की तर्ज पर बनेगा। इसके अलावा राधा-कृष्ण, अशोक वाटिका, विलेज थीम की तर्ज पर भी अलग से कई गेट बनाए जाएंगे। मेला आयोजन का जिम्मा संभाल रहे जिला पंचायत विभाग के जेई आदेश कुमार ने बताया कि राजकीय मान्यता मिलने से मेले का आयोजन इस बार पिछले साल के मुकाबले और भी बेहतर होना तय है। सदर बाजार को नुमाइश की तर्ज पर सजाया संवारा जाएगा, जिसमें सभी दुकान एक ही तरह की होंगी। मेले में वीआईपी अफसरों समेत खास महमानों के ठहराव की व्यवस्था अलग से रहेगी, जिसके लिए अत्याधुनिक तकनीक वाले टेंट लगाए जाएंगे। यह टेंट फायर और वाटर प्रूफ होंगे। दर्शकों के मनोरंजन के लिए मेले में कवि सम्मेलन, मुशायरा, रागिनी, कव्वाली, धर्म और संस्कृति पर आधारित कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।
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गढ़मुक्तेश्वर। पौराणिक खादर मेले का मुख्य द्वार अयोध्या के राम मंदिर की तरह बनाया जाएगा। इसमें आधुनिक सुविधाओं वाले फायर और वाटरप्रूफ टेंट लगाए जाएंगे। वहीं मेले के सदर बाजार को नुमाइश की तरह सजाया जाएगा। कवि सम्मेलन, कव्वाली, मुशायरा और सामाजिक बुराइयों पर आधारित नाटकों का मंचन भी होगा।
महाभारत कालीन कार्तिक पूर्णिमा गंगा स्नान खादर मेले को योगी सरकार ने पिछले साल राजकीय मेले की मान्यता दी थी। इसके चलते जिला प्रशासन पौराणिक खादर मेले के आयोजन को इस बार पिछले साल की तुलना में और भव्य करने की तैयारी में जुटा हुआ है। मेले की व्यवस्थाओं को ताज, लखनऊ, नोएडा जैसे महोत्सव की तर्ज पर पूरी तरह चाक चौबंद करने की तैयारी हो रही है। मेले का मुख्य द्वार अयोध्या के राम मंदिर वाले मॉडल की तर्ज पर बनेगा। इसके अलावा राधा-कृष्ण, अशोक वाटिका, विलेज थीम की तर्ज पर भी अलग से कई गेट बनाए जाएंगे। मेला आयोजन का जिम्मा संभाल रहे जिला पंचायत विभाग के जेई आदेश कुमार ने बताया कि राजकीय मान्यता मिलने से मेले का आयोजन इस बार पिछले साल के मुकाबले और भी बेहतर होना तय है। सदर बाजार को नुमाइश की तर्ज पर सजाया संवारा जाएगा, जिसमें सभी दुकान एक ही तरह की होंगी। मेले में वीआईपी अफसरों समेत खास महमानों के ठहराव की व्यवस्था अलग से रहेगी, जिसके लिए अत्याधुनिक तकनीक वाले टेंट लगाए जाएंगे। यह टेंट फायर और वाटर प्रूफ होंगे। दर्शकों के मनोरंजन के लिए मेले में कवि सम्मेलन, मुशायरा, रागिनी, कव्वाली, धर्म और संस्कृति पर आधारित कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।
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