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रजनी लता खटीक से छिनी जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी
Updated Mon, 21 Aug 2017 11:52 PM IST
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रजनी से छिनी जिपं अध्यक्ष की कुर्सी
- अविश्वास प्रस्ताव के दौरान 12 सदस्यों ने अध्यक्ष के विपक्ष में डाला वोट
- सपा के सदस्यों ने भी भाजपा के पक्ष में की वोटिंग
- रजनी लता खटीक के पक्ष के सदस्य नहीं पहुंचे वोट डालने
- एडीजे अमरजीत त्रिपाठी की देखरेख में हुई वोटिंग
अमर उजाला ब्यूरो
हापुड़। कलक्ट्रेट में जिला पंचायत कार्यालय पर सोमवार सुबह से ही सियासी पारा गरमा गया था। अविश्वास प्रस्ताव के दौरान हुई वोटिंग में वर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष रजनी लता खटीक अपनी कुर्सी सलामत नहीं रख पाई। रजनीलता के खिलाफ एकजुट हुए भाजपा व सपा के 12 सदस्यों ने वोट डाला। जबकि मजे की बात रही की रजनी लता गुट का कोई भी सदस्य वोट डालने नहीं पहुंच पाया। वोटिंग के दौरान मौके पर भारी पुलिसबल मौजूद रहा।
दरअसल, जिला पंचायत अध्यक्ष रजनी लता खटीक पर अनियमितता और भ्रष्टाचार का आरोप लगाकर चार अगस्त को भाजपा व सपा के 11 सदस्यों ने डीएम के सामने अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया था। डीएम ने 21 अगस्त को अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग कराने के आदेश दिए थे। सोमवार को सुबह से ही जिला पंचायत ऑफिस को छावनी में तब्दील कर दिया गया था। सुबह में अविश्वास प्रस्ताव पर बैठक हुई, जिसमें सदस्यों ने अध्यक्ष पर भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के आरोप लगाए। इसके बाद 12 बजे एडीजे अमरजीत त्रिपाठी, एडीएम रजनीश राय व एएसपी राममोहन सिंह की मौजूदगी में वोटिंग शुरू हुई। कुल 19 सदस्यों में से 12 सदस्यों ने अपने वोट डाले। सबसे बड़ी बात यह है कि सभी ने अध्यक्ष के खिलाफ मतदान किया। जबकि अध्यक्ष रजनी लता के पक्ष में किसी सदस्य ने हिस्सा नहीं लिया। हालांकि अध्यक्ष को कुर्सी से हटाने के लिए महज 10 वोटों की जरूरत थी, जिसके बाद अविश्वास प्रस्ताव पास कर दिया गया।
सुरक्षा को लेकर नगर पालिका और कलक्ट्रेट परिसर में किसी भी बाहरी व्यक्ति का प्रवेश वर्जित कर दिया गया था। डॉग स्कवायड भी मौके पर जांच की। कुल मिलाकर मतदान शांतिपूर्ण रहा। इस दौरान सांसद राजेंद्र अग्रवाल, विधायक विजय पाल आढ़ती, संजय कृपाल, कपिल एसएम, प्रफुल्ल सारस्वत, अशोक, मोहन सिंह, वाईपी सिंह, नरेश तोमर, विनय अग्रवाल, अमित शर्मा, राजीव अग्रवाल, डा. शिवकुमार, तेजपाल प्रमुख, सुबोध नागर, पुुरुषोत्तम वर्मा, अनिल आजाद, नितिन पराशर, प्रवीन सेठी, लल्लू सिंह उपस्थित थे।
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इन सदस्यों ने की वोटिंग
अमृता कुमार, कमलेश, अनीता सिंह, शशि कसाना, आबिदा, नवीन शर्मा, कामिल खां, हरेंद्र चौधरी, उमेश वर्मा, नरेंद्र मावी, जीतराम, केके सिंह।
घोषणा होने पर सपा को भूले भाजपाई
वोटिंग के बाद रजनी लता को कुर्सी से हटाए जाने की खुशी में भाजपा कार्यकर्ताओं ने भाजपा के पक्ष में नारे लगाने शुरू कर दिए। सपाइयों ने खुद की उपेक्षा होते देख उन्होंने भी अखिलेश यादव जिंदाबाद के नारे लगाए।
सतपाल यादव ने भाजपाईयों पर लगाये आरोप
जिला पंचायत अध्यक्ष रजनी लता के संरक्षक कहे जाने वाले पूर्व सपा नेता सतपाल यादव ने भाजपा नेताओं पर गंभीर आरोप लगाये हैं। सतपाल यादव का कहना है कि वे अपने समर्थकों के साथ वोटिंग में हिस्सा न ले सकें इसके लिए उनके खिलाफ जिला पंचायत सदस्य शशि कसाना को धमकी देने और अपहरण के प्रयास की रिपोर्ट दर्ज करायी गयी है। जबकि सदस्य के साथ गार्ड मौजूद थे। शशि कसाना और उनके व उनके भाई के मोबाइल की लोकेशन से इसकी जांच करायी जा सकती है।
अविश्वास प्रस्ताव पास होने बाद अध्यक्ष पद खाली हो गया है। जिसकी रिपोर्ट प्रशासन द्वारा शासन को भेजी जाएगी। जिसके बाद नई प्रक्रिया के तहत चुनाव आयोग द्वारा तिथि घोषित कर अध्यक्ष पद के लिए दोबारा से चुनाव होगा। राजनीश राय, एडीएम
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- अविश्वास प्रस्ताव के दौरान 12 सदस्यों ने अध्यक्ष के विपक्ष में डाला वोट
- सपा के सदस्यों ने भी भाजपा के पक्ष में की वोटिंग
- रजनी लता खटीक के पक्ष के सदस्य नहीं पहुंचे वोट डालने
- एडीजे अमरजीत त्रिपाठी की देखरेख में हुई वोटिंग
अमर उजाला ब्यूरो
हापुड़। कलक्ट्रेट में जिला पंचायत कार्यालय पर सोमवार सुबह से ही सियासी पारा गरमा गया था। अविश्वास प्रस्ताव के दौरान हुई वोटिंग में वर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष रजनी लता खटीक अपनी कुर्सी सलामत नहीं रख पाई। रजनीलता के खिलाफ एकजुट हुए भाजपा व सपा के 12 सदस्यों ने वोट डाला। जबकि मजे की बात रही की रजनी लता गुट का कोई भी सदस्य वोट डालने नहीं पहुंच पाया। वोटिंग के दौरान मौके पर भारी पुलिसबल मौजूद रहा।
दरअसल, जिला पंचायत अध्यक्ष रजनी लता खटीक पर अनियमितता और भ्रष्टाचार का आरोप लगाकर चार अगस्त को भाजपा व सपा के 11 सदस्यों ने डीएम के सामने अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया था। डीएम ने 21 अगस्त को अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग कराने के आदेश दिए थे। सोमवार को सुबह से ही जिला पंचायत ऑफिस को छावनी में तब्दील कर दिया गया था। सुबह में अविश्वास प्रस्ताव पर बैठक हुई, जिसमें सदस्यों ने अध्यक्ष पर भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के आरोप लगाए। इसके बाद 12 बजे एडीजे अमरजीत त्रिपाठी, एडीएम रजनीश राय व एएसपी राममोहन सिंह की मौजूदगी में वोटिंग शुरू हुई। कुल 19 सदस्यों में से 12 सदस्यों ने अपने वोट डाले। सबसे बड़ी बात यह है कि सभी ने अध्यक्ष के खिलाफ मतदान किया। जबकि अध्यक्ष रजनी लता के पक्ष में किसी सदस्य ने हिस्सा नहीं लिया। हालांकि अध्यक्ष को कुर्सी से हटाने के लिए महज 10 वोटों की जरूरत थी, जिसके बाद अविश्वास प्रस्ताव पास कर दिया गया।
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सुरक्षा को लेकर नगर पालिका और कलक्ट्रेट परिसर में किसी भी बाहरी व्यक्ति का प्रवेश वर्जित कर दिया गया था। डॉग स्कवायड भी मौके पर जांच की। कुल मिलाकर मतदान शांतिपूर्ण रहा। इस दौरान सांसद राजेंद्र अग्रवाल, विधायक विजय पाल आढ़ती, संजय कृपाल, कपिल एसएम, प्रफुल्ल सारस्वत, अशोक, मोहन सिंह, वाईपी सिंह, नरेश तोमर, विनय अग्रवाल, अमित शर्मा, राजीव अग्रवाल, डा. शिवकुमार, तेजपाल प्रमुख, सुबोध नागर, पुुरुषोत्तम वर्मा, अनिल आजाद, नितिन पराशर, प्रवीन सेठी, लल्लू सिंह उपस्थित थे।
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इन सदस्यों ने की वोटिंग
अमृता कुमार, कमलेश, अनीता सिंह, शशि कसाना, आबिदा, नवीन शर्मा, कामिल खां, हरेंद्र चौधरी, उमेश वर्मा, नरेंद्र मावी, जीतराम, केके सिंह।
घोषणा होने पर सपा को भूले भाजपाई
वोटिंग के बाद रजनी लता को कुर्सी से हटाए जाने की खुशी में भाजपा कार्यकर्ताओं ने भाजपा के पक्ष में नारे लगाने शुरू कर दिए। सपाइयों ने खुद की उपेक्षा होते देख उन्होंने भी अखिलेश यादव जिंदाबाद के नारे लगाए।
सतपाल यादव ने भाजपाईयों पर लगाये आरोप
जिला पंचायत अध्यक्ष रजनी लता के संरक्षक कहे जाने वाले पूर्व सपा नेता सतपाल यादव ने भाजपा नेताओं पर गंभीर आरोप लगाये हैं। सतपाल यादव का कहना है कि वे अपने समर्थकों के साथ वोटिंग में हिस्सा न ले सकें इसके लिए उनके खिलाफ जिला पंचायत सदस्य शशि कसाना को धमकी देने और अपहरण के प्रयास की रिपोर्ट दर्ज करायी गयी है। जबकि सदस्य के साथ गार्ड मौजूद थे। शशि कसाना और उनके व उनके भाई के मोबाइल की लोकेशन से इसकी जांच करायी जा सकती है।
अविश्वास प्रस्ताव पास होने बाद अध्यक्ष पद खाली हो गया है। जिसकी रिपोर्ट प्रशासन द्वारा शासन को भेजी जाएगी। जिसके बाद नई प्रक्रिया के तहत चुनाव आयोग द्वारा तिथि घोषित कर अध्यक्ष पद के लिए दोबारा से चुनाव होगा। राजनीश राय, एडीएम