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डीएम की चेतावनी के बावजूद नहीं बदले हालात
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डीएम के आदेश बेमानी, टीपी नगर शिफ्ट नहीं हुए ट्रांसपोर्टर
हापुड़। डीएम ने शहर के ट्रांसपोर्टरों को टीपी नगर में 30 जून तक शिफ्ट करने के आदेश दिए थे, लेकिन ये आदेश भी बेमानी साबित हो गए। रजिस्ट्री होने के बावजूद आफिस और गोदामों को यहां शिफ्ट नहीं किया गया। जिसके कारण शहर में अभी भी जाम के हालात हैं।
शहर में जाम से हालात बिगड़ते जा रहे हैं। सबसे ज्यादा दिक्कत भारी वाहनों से हो रही है। नो एंट्री में भी ये वाहन शहर में प्रवेश करते हैं। जिसके चलते शहरवासियों को दिक्कत झेलनी पड़ती है। जाम को देखते हुए डीएम अदिति सिंह ने ट्रांसपोर्टरों को ट्रांसपोर्ट नगर में स्थानांतरित करने के लिए 30 जून तक का समय दिया था। ऐेसा न होने पर रजिस्ट्री रद्द करने की चेतावनी जारी की गयी थी। लेकिन 29 जून तक हालात ऐसे ही हैं। प्राधिकरण द्वारा यहां फिलहाल 521 में से 250 बुकिंग आफिस और गोदाम की रजिस्ट्री कराई ेजा चुकी है। लेकिन सारी सुविधाओं के बाजवूद अभी भी किसी को यहां शिफ्ट नहीं किया जा सका है। प्राधिकरण के अधिकारियों के अनुसार यहां शिफ्ट करने के लिए रजिस्ट्री करने वाले ट्रांसपोर्टरों को कई बार नोटिस जारी किया जा चुका है।
एडीएम जयनाथ यादव का कहना है कि ट्रांसपोर्टरों को ट्रांसपोर्ट नगर में शिफ्ट करने के लिए 30 जून तक का समय दिया गया है। यह समयावधि रविवार को समाप्त हो रही है। इसके बाद इन सभी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस मामले में ढिलाई नहीं बरती जाएगी।
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भारी वाहनों से शहर में लगता है जाम
हापुड़ में इस समय सबसे बड़ी समस्या जाम है। शहर में सप्ताह में करीब पांच दिन जाम लगता है और जाम का मुख्य कारण भी भारी वाहन हैं, जो नो एंट्री के बावजूद शहर में प्रवेश करते हैं। पुलिस और परिवहन विभाग उगाही के चलते इस ओर ध्यान नहीं देते और भारी वाहनों को शहर में आसानी से प्रवेश मिल जाता है।
इसके अलावा शहर में दिल्ली रोड, बुलंदशहर रोड और गढ़ रोड पर भारी वाहनों का खासा जमावड़ा रहता है। दुकानों के बाहर सड़क पर भारी वाहन कतार लगाकर खड़े रहते हैं जो जाम का प्रमुख कारण बनता है। जब तक प्रशासन इस मामले में सख्ती नहीं करेगा, शहर के हालात सुधरने वाले नहीं हैं।
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हापुड़। डीएम ने शहर के ट्रांसपोर्टरों को टीपी नगर में 30 जून तक शिफ्ट करने के आदेश दिए थे, लेकिन ये आदेश भी बेमानी साबित हो गए। रजिस्ट्री होने के बावजूद आफिस और गोदामों को यहां शिफ्ट नहीं किया गया। जिसके कारण शहर में अभी भी जाम के हालात हैं।
शहर में जाम से हालात बिगड़ते जा रहे हैं। सबसे ज्यादा दिक्कत भारी वाहनों से हो रही है। नो एंट्री में भी ये वाहन शहर में प्रवेश करते हैं। जिसके चलते शहरवासियों को दिक्कत झेलनी पड़ती है। जाम को देखते हुए डीएम अदिति सिंह ने ट्रांसपोर्टरों को ट्रांसपोर्ट नगर में स्थानांतरित करने के लिए 30 जून तक का समय दिया था। ऐेसा न होने पर रजिस्ट्री रद्द करने की चेतावनी जारी की गयी थी। लेकिन 29 जून तक हालात ऐसे ही हैं। प्राधिकरण द्वारा यहां फिलहाल 521 में से 250 बुकिंग आफिस और गोदाम की रजिस्ट्री कराई ेजा चुकी है। लेकिन सारी सुविधाओं के बाजवूद अभी भी किसी को यहां शिफ्ट नहीं किया जा सका है। प्राधिकरण के अधिकारियों के अनुसार यहां शिफ्ट करने के लिए रजिस्ट्री करने वाले ट्रांसपोर्टरों को कई बार नोटिस जारी किया जा चुका है।
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एडीएम जयनाथ यादव का कहना है कि ट्रांसपोर्टरों को ट्रांसपोर्ट नगर में शिफ्ट करने के लिए 30 जून तक का समय दिया गया है। यह समयावधि रविवार को समाप्त हो रही है। इसके बाद इन सभी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस मामले में ढिलाई नहीं बरती जाएगी।
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भारी वाहनों से शहर में लगता है जाम
हापुड़ में इस समय सबसे बड़ी समस्या जाम है। शहर में सप्ताह में करीब पांच दिन जाम लगता है और जाम का मुख्य कारण भी भारी वाहन हैं, जो नो एंट्री के बावजूद शहर में प्रवेश करते हैं। पुलिस और परिवहन विभाग उगाही के चलते इस ओर ध्यान नहीं देते और भारी वाहनों को शहर में आसानी से प्रवेश मिल जाता है।
इसके अलावा शहर में दिल्ली रोड, बुलंदशहर रोड और गढ़ रोड पर भारी वाहनों का खासा जमावड़ा रहता है। दुकानों के बाहर सड़क पर भारी वाहन कतार लगाकर खड़े रहते हैं जो जाम का प्रमुख कारण बनता है। जब तक प्रशासन इस मामले में सख्ती नहीं करेगा, शहर के हालात सुधरने वाले नहीं हैं।