{"_id":"5d0bde158ebc3e60c372d5b8","slug":"15610588221-garh-news196","type":"story","status":"publish","title_hn":"इंसान से शैतान और फिर साधू बन गया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
इंसान से शैतान और फिर साधू बन गया
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
इंसान से शैतान और फिर साधू बन गया
गढ़मुक्तेश्वर। इंसान से शैतान और फिर साधू बने किसान के नौकर ने रिश्ते नातों को अलविदा कहकर धर्म का चोला पहन लिया था। करीब 19 साल बाद पुलिस के हत्थे चढ़ने पर सारी हकीकत सामने आई। उसने मालिक की हत्या का बदला लेने के लिए दोहरे हत्याकांड को अंजाम दिया था।
जनपद बागपत के छपरौली निवासी ओमवीर की कहानी हिंदी फिल्म की कहानी जैसा ही है। करीब 19 साल से सिंभावली क्षेत्र के गांव जमालपुर के शिव मंदिर में राकेश नाथ गिरि बनकर पुजारी का काम देख रहा था। गांव जमालपुर ही नहीं बल्कि आसपास के दर्जनों गांवों में ओमवीर उर्फ राकेश नाथ गिरि को बड़े सम्मान की नजरों से देखा जाता है, क्योंकि वह हर साल मंदिर में भंडारा कर हरिद्वार, प्रयागराज, बनारस, विदुर कुटी, शुक्रताल जैसे तीर्थ स्थलों के साधू संतों को बुलाकर धार्मिक कार्य करवाता था। ओमवीर उर्फ राकेश गिरि को बागपत पुलिस ने 17 जून की रात गिरफ्तार किया था। उसके इंसान से शैतान और फिर साधू बनने का इतिहास सामने आने पर गांव जमालपुर समेत आसपास के लोग भौचक्के हो गए। हरियाणा के पानीपत जनपद के समालखा क्षेत्र में नौकरी करने के दौरान मालिक किसान मखनी की हत्या हो गई थी, जिसने ओमवीर उर्फ राकेश गिरि की जिंदगी का सारा खाका ही बदलकर रख दिया। अपने किसान मालिक की हत्या का बदला लेने को घरेलू नौकर ओमवीर ने 19 साल पहले सतीश और रामकिशन को मौत के घाट उतार दिया था। उसके बाद राकेश नाथ गिरि बनकर उसने भगवा चोला धारण कर गांव जमालपुर के मंदिर में डेरा जमा लिया था।
सीओ अशोक शुक्ल ने बताया कि दोहरे हत्याकांड में गिरफ्तार न होने पर हरियाणा पुलिस ने ओमवीर उर्फ राकेश नाथ गिरि पर पांच हजार का इनाम भी घोषित किया था। उसे पकड़ में आने पर बागपत पुलिस ने जेल भेज दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
गढ़मुक्तेश्वर। इंसान से शैतान और फिर साधू बने किसान के नौकर ने रिश्ते नातों को अलविदा कहकर धर्म का चोला पहन लिया था। करीब 19 साल बाद पुलिस के हत्थे चढ़ने पर सारी हकीकत सामने आई। उसने मालिक की हत्या का बदला लेने के लिए दोहरे हत्याकांड को अंजाम दिया था।
जनपद बागपत के छपरौली निवासी ओमवीर की कहानी हिंदी फिल्म की कहानी जैसा ही है। करीब 19 साल से सिंभावली क्षेत्र के गांव जमालपुर के शिव मंदिर में राकेश नाथ गिरि बनकर पुजारी का काम देख रहा था। गांव जमालपुर ही नहीं बल्कि आसपास के दर्जनों गांवों में ओमवीर उर्फ राकेश नाथ गिरि को बड़े सम्मान की नजरों से देखा जाता है, क्योंकि वह हर साल मंदिर में भंडारा कर हरिद्वार, प्रयागराज, बनारस, विदुर कुटी, शुक्रताल जैसे तीर्थ स्थलों के साधू संतों को बुलाकर धार्मिक कार्य करवाता था। ओमवीर उर्फ राकेश गिरि को बागपत पुलिस ने 17 जून की रात गिरफ्तार किया था। उसके इंसान से शैतान और फिर साधू बनने का इतिहास सामने आने पर गांव जमालपुर समेत आसपास के लोग भौचक्के हो गए। हरियाणा के पानीपत जनपद के समालखा क्षेत्र में नौकरी करने के दौरान मालिक किसान मखनी की हत्या हो गई थी, जिसने ओमवीर उर्फ राकेश गिरि की जिंदगी का सारा खाका ही बदलकर रख दिया। अपने किसान मालिक की हत्या का बदला लेने को घरेलू नौकर ओमवीर ने 19 साल पहले सतीश और रामकिशन को मौत के घाट उतार दिया था। उसके बाद राकेश नाथ गिरि बनकर उसने भगवा चोला धारण कर गांव जमालपुर के मंदिर में डेरा जमा लिया था।
विज्ञापन
सीओ अशोक शुक्ल ने बताया कि दोहरे हत्याकांड में गिरफ्तार न होने पर हरियाणा पुलिस ने ओमवीर उर्फ राकेश नाथ गिरि पर पांच हजार का इनाम भी घोषित किया था। उसे पकड़ में आने पर बागपत पुलिस ने जेल भेज दिया है।
विज्ञापन