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हमले में घायल हुआ मजदूर 16 दिन बाद भी अस्पताल में भर्ती
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जानलेवा हमले के आरोपियों पर नहीं हो रही कार्रवाई
गढ़मुक्तेश्वर। हमले में घायल हुआ मजदूर 16 दिन बाद भी अस्पताल में भर्ती है, लेकिन मुकदमा दर्ज होने के बाद भी आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं। फैसले का दबाव बनाने को आरोपियों ने पीड़ित पक्ष के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज करा दिया। पीड़ित के भाई ने एडीजी मेरठ को पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग की है।
सिंभावली क्षेत्र के गांव वैट का यूनुस मजदूरी कर परिवार का गुजर बसर करता है। दीवार को लेकर कहासुनी होने से गुस्साए पड़ोसियों ने चार जून को घर में घुसकर उस हमला कर दिया था। यूनुस का मेरठ के मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा है। दूसरी तरफ केस दर्ज होने के बाद भी हमलावर खुलेआम घूम रहे हैं। घायल के भाई अय्यूब ने एडीजी मेरठ को पत्र देकर उल्लेख किया है कि अस्पताल में भर्ती चल रहे यूनुस का पुलिस अभी तक हालचाल जानने और बयान नहीं पहुंच पाई है, बल्कि उल्टे आरोपी पक्ष की तरफ से पांच जून को कराई गई मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर फर्जी मुकदमा भी दर्ज कर दिया है। एडीजी प्रशांत कुमार ने पीड़ित पक्ष को भरोसा दिया कि मामले की पूरी तरह निष्पक्ष जांच होगी और विपक्षी से संबंधित मेडिकल का दोबारा परीक्षण भी कराया जाएगा। एसओ का कहना है कि दोनों ही पक्षों की तहरीर पर दर्ज की गईं रिपोर्ट के आधार पर जांच पड़ताल कराई जा रही है।
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गढ़मुक्तेश्वर। हमले में घायल हुआ मजदूर 16 दिन बाद भी अस्पताल में भर्ती है, लेकिन मुकदमा दर्ज होने के बाद भी आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं। फैसले का दबाव बनाने को आरोपियों ने पीड़ित पक्ष के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज करा दिया। पीड़ित के भाई ने एडीजी मेरठ को पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग की है।
सिंभावली क्षेत्र के गांव वैट का यूनुस मजदूरी कर परिवार का गुजर बसर करता है। दीवार को लेकर कहासुनी होने से गुस्साए पड़ोसियों ने चार जून को घर में घुसकर उस हमला कर दिया था। यूनुस का मेरठ के मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा है। दूसरी तरफ केस दर्ज होने के बाद भी हमलावर खुलेआम घूम रहे हैं। घायल के भाई अय्यूब ने एडीजी मेरठ को पत्र देकर उल्लेख किया है कि अस्पताल में भर्ती चल रहे यूनुस का पुलिस अभी तक हालचाल जानने और बयान नहीं पहुंच पाई है, बल्कि उल्टे आरोपी पक्ष की तरफ से पांच जून को कराई गई मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर फर्जी मुकदमा भी दर्ज कर दिया है। एडीजी प्रशांत कुमार ने पीड़ित पक्ष को भरोसा दिया कि मामले की पूरी तरह निष्पक्ष जांच होगी और विपक्षी से संबंधित मेडिकल का दोबारा परीक्षण भी कराया जाएगा। एसओ का कहना है कि दोनों ही पक्षों की तहरीर पर दर्ज की गईं रिपोर्ट के आधार पर जांच पड़ताल कराई जा रही है।
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