{"_id":"5cfffdb7bdec22072b5a7b8b","slug":"1560280494222-hapur-news55","type":"story","status":"publish","title_hn":"झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देकर 22 लाख रुपये ऐंठने का आरोप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देकर 22 लाख रुपये ऐंठने का आरोप
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जिंदा व्यक्ति को मृत बता ठगे 22 लाख
हापुड़। कोतवाली क्षेत्र के ईदगाह रोड निवासी एक मीट व्यापारी पर मजदूर की हत्या का झूठा मुकदमा दर्ज कराने की धमकी देकर 22 लाख रुपये ठगने का मामला प्रकाश में आया है। 22 वर्ष बाद मजदूर को जिंदा देख मामले का खुलासा हुआ। पीड़ित ने आरोपी के खिलाफ तहरीर दी, जिस पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया।
कोतवाली पहुंचे आवास विकास कालोनी निवासी असलम ने बताया कि उसके चाचा हाजी यासीन पेशे से मीट व्यापारी है। करीब 22 वर्ष पहले वह मुंबई में व्यापार करते थे। उनके पास त्यौड़ी निवासी रामकुमार खटीक भी काम करता था।
बताया गया कि रामकुमार उसके चाचा के 66 हजार रुपए लेकर फरार हो गया था। आरोप है कि जिला गाजियाबाद क्षेत्र के गांव त्यौड़ी निवासी आसिम पुत्र खिलाफत ने रामकुमार की मां व भाई को बताया कि हाजी यासीन ने उसकी हत्या कर दी है।
विज्ञापन
इतना ही नहीं वर्ष आसिफ ने हाजी यासीन के खिलाफ गाजियाबाद न्यायालय में झूठा शिकायती पत्र देकर मुकदमा लिखवाने का प्रयास किया। शिकायती पत्र वापस लेने की एवज में आरोपित ने पीड़ित से करीब 22 लाख रुपये ऐंठ लिए।
22 साल बाद रामकुमार अपने गांव पहुंचा तो उसकी मुलाकात यासीन से हुई। जिसके बाद मामले का पर्दाफाश हुआ। आनन फानन में हाजी यासीन ने रामकुमार के साथ कोतवाली पहुंचकर पुलिस को मामले से अवगत कराया। पीड़ित ने आरोपित के खिलाफ तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है।
कोतवाली प्रभारी महावीर सिंह चौहान ने बताया कि तहरीर के आधार पर आरोपित के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
हापुड़। कोतवाली क्षेत्र के ईदगाह रोड निवासी एक मीट व्यापारी पर मजदूर की हत्या का झूठा मुकदमा दर्ज कराने की धमकी देकर 22 लाख रुपये ठगने का मामला प्रकाश में आया है। 22 वर्ष बाद मजदूर को जिंदा देख मामले का खुलासा हुआ। पीड़ित ने आरोपी के खिलाफ तहरीर दी, जिस पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया।
कोतवाली पहुंचे आवास विकास कालोनी निवासी असलम ने बताया कि उसके चाचा हाजी यासीन पेशे से मीट व्यापारी है। करीब 22 वर्ष पहले वह मुंबई में व्यापार करते थे। उनके पास त्यौड़ी निवासी रामकुमार खटीक भी काम करता था।
विज्ञापन
बताया गया कि रामकुमार उसके चाचा के 66 हजार रुपए लेकर फरार हो गया था। आरोप है कि जिला गाजियाबाद क्षेत्र के गांव त्यौड़ी निवासी आसिम पुत्र खिलाफत ने रामकुमार की मां व भाई को बताया कि हाजी यासीन ने उसकी हत्या कर दी है।
विज्ञापन
इतना ही नहीं वर्ष आसिफ ने हाजी यासीन के खिलाफ गाजियाबाद न्यायालय में झूठा शिकायती पत्र देकर मुकदमा लिखवाने का प्रयास किया। शिकायती पत्र वापस लेने की एवज में आरोपित ने पीड़ित से करीब 22 लाख रुपये ऐंठ लिए।
22 साल बाद रामकुमार अपने गांव पहुंचा तो उसकी मुलाकात यासीन से हुई। जिसके बाद मामले का पर्दाफाश हुआ। आनन फानन में हाजी यासीन ने रामकुमार के साथ कोतवाली पहुंचकर पुलिस को मामले से अवगत कराया। पीड़ित ने आरोपित के खिलाफ तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है।
कोतवाली प्रभारी महावीर सिंह चौहान ने बताया कि तहरीर के आधार पर आरोपित के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।