{"_id":"5a64dca84f1c1ba2268b5b04","slug":"151516559528-hapur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"कृषि विभाग के ऑनलाइन पोर्टल से जुड़े जिले के 70 हजार किसान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कृषि विभाग के ऑनलाइन पोर्टल से जुड़े जिले के 70 हजार किसान
Updated Mon, 22 Jan 2018 12:05 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कृषि विभाग के ऑनलाइन पोर्टल से जुड़े जिले के 70 हजार किसान
हापुड़। कृषि विभाग की पारदर्शी किसान योजना के तहत ऑनलाइन पोर्टल से जिले के 1.20 लाख किसानों में से 70 हजार को जोड़ा जा चुका है। इससे किसानों को कृषि विभाग की अनुदानित योजनाओं का लाभ मिलने का मार्ग प्रशस्त हुआ है। उन्नतशील कृषि तकनीकों की जानकारी भी किसान समय पर प्राप्त कर सकेंगे।
सूचना क्रांति के युग में कृषि महकमा भी हाईटेक हो रहा है। कृषि विभाग की खाद, बीज, कृषि यंत्र, पेस्टीसाइड समेत अन्य योजनाओं में डीबीटी योजना लागू की जा चुकी है। इससे किसानों को योजनाओं का लाभ सीधे उनके बैंक खाते में किया जा रहा है। इसके अलावा किसानों को खेती किसानी से संबधित सूचनाएं एसएमएस के माध्यम से भी भेजी जा रही हैं।
कृषि विभाग की योजनाओं का लाभ लेने के लिए किसानों को पोर्टल पर पंजीकरण कराने का प्राविधान किया गया है। कृषि विभाग द्वारा विभिन्न माध्यमों व कार्यक्रमों के दौरान किसानों से पारदर्शी किसान योजना से जुड़ने की अपील की जाती है। इसका असर भी दिखने लगा है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार जिले के कुल 1.20 लाख किसानों में से अब तक 70 हजार किसान पोर्टल पर अपना पंजीकरण करा चुके हैं।
विज्ञापन
उप कृषि निदेशक एएन मिश्रा का कहना है कि डीजल सिंचाई इंजन, रोटावेटर, सोलर पंप, स्प्रेयर समेत संकर बीजों पर सरकारी अनुदान प्राप्त करने को ऑनलाइन पंजीकरण होना अनिवार्य है। इसके लिए किसानों को जागरूक किया जा रहा है। जिन किसानों ने अब तक पंजीकरण नहीं कराया है, वे जरूरी दस्तावेजों के साथ कृषि विभाग के कार्यालय या इंटरनेट के माध्यम से पंजीकरण करा सकते हैं।
विज्ञापन
हापुड़। कृषि विभाग की पारदर्शी किसान योजना के तहत ऑनलाइन पोर्टल से जिले के 1.20 लाख किसानों में से 70 हजार को जोड़ा जा चुका है। इससे किसानों को कृषि विभाग की अनुदानित योजनाओं का लाभ मिलने का मार्ग प्रशस्त हुआ है। उन्नतशील कृषि तकनीकों की जानकारी भी किसान समय पर प्राप्त कर सकेंगे।
सूचना क्रांति के युग में कृषि महकमा भी हाईटेक हो रहा है। कृषि विभाग की खाद, बीज, कृषि यंत्र, पेस्टीसाइड समेत अन्य योजनाओं में डीबीटी योजना लागू की जा चुकी है। इससे किसानों को योजनाओं का लाभ सीधे उनके बैंक खाते में किया जा रहा है। इसके अलावा किसानों को खेती किसानी से संबधित सूचनाएं एसएमएस के माध्यम से भी भेजी जा रही हैं।
विज्ञापन
कृषि विभाग की योजनाओं का लाभ लेने के लिए किसानों को पोर्टल पर पंजीकरण कराने का प्राविधान किया गया है। कृषि विभाग द्वारा विभिन्न माध्यमों व कार्यक्रमों के दौरान किसानों से पारदर्शी किसान योजना से जुड़ने की अपील की जाती है। इसका असर भी दिखने लगा है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार जिले के कुल 1.20 लाख किसानों में से अब तक 70 हजार किसान पोर्टल पर अपना पंजीकरण करा चुके हैं।
विज्ञापन
उप कृषि निदेशक एएन मिश्रा का कहना है कि डीजल सिंचाई इंजन, रोटावेटर, सोलर पंप, स्प्रेयर समेत संकर बीजों पर सरकारी अनुदान प्राप्त करने को ऑनलाइन पंजीकरण होना अनिवार्य है। इसके लिए किसानों को जागरूक किया जा रहा है। जिन किसानों ने अब तक पंजीकरण नहीं कराया है, वे जरूरी दस्तावेजों के साथ कृषि विभाग के कार्यालय या इंटरनेट के माध्यम से पंजीकरण करा सकते हैं।