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श्री शिक्षा प्रसार समिति की नई कार्यकारिणी को सीसीएसयू से नहीं मिला अनुमोदन
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श्री शिक्षा प्रसार समिति की नई कार्यकारिणी को सीसीएसयू से नहीं मिला अनुमोदन
हापुड़। श्री शिक्षा प्रसार समिति की नई कार्यकारिणी को सीसीएसयू से अनुमोदन नहीं मिला है। समिति के पूर्व सचिव की शिकायत पर क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी ने एसएसवी पीजी कॉलेज की प्राचार्या को पुरानी प्रबंध समिति के हस्ताक्षर से ही वेतन बिल उनके कार्यालय में प्रेषित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही समिति के चुनाव की जांच भी डिप्टी रजिस्टार ने शुरू कर दी है।
श्री शिक्षा प्रसार समिति के पूर्व सचिव अजय अग्रवाल ने क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी के कार्यालय में शिकायत कर बताया कि 10 मार्च को समिति के त्रिवार्षिक चुनाव का आयोजन हुआ था। नई कार्यकारिणी चुनी जाने के बाद एसएसवी पीजी कॉलेज की प्राचार्या ने कार्यकारिणी को अनुमोदन मिले बिना ही वेतन बिल को नई समिति से हस्ताक्षर कराकर क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी के कार्यालय में प्रेषित कर दिया।
बता दें कि इस मामले में समिति के आजीवन सदस्यों ने भी चुनाव के अनियमितता को लेकर शिकायत की थी, जिसकी जांच डिप्टी रजिस्टार करा रहे हैं। इसी के चलते सीसीएसयू ने नई प्रबंध समिति को अनुमोदन नहीं दिया।
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प्राचार्या द्वारा गलत तरीके से वेतन बिल प्रेषित किए जाने की शिकायत पर क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी राजीव कुमार गुप्ता ने कड़ा संज्ञान लिया है। प्राचार्या को पत्र जारी कर स्पष्ट कहा है कि जब तक नई समिति को अनुमोदन प्राप्त नहीं होता, तब तक पुरानी समिति के हस्ताक्षरों पर ही वेतन बिल उनके कार्यालय प्रेषित किए जाएं।
एसएसवी पीजी कॉलेज की प्राचार्या डा .शशि वशिष्ठ का कहना है कि शिक्षकों का वेतन न रुके, इसलिए उन्होंने नई समिति के हस्ताक्षर कराकर वेतन बिलों को क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी के कार्यालय में प्रेषित कराया था। यह बिल प्रेषित करने के बाद ही इस मामले में शिकायत की गई है। वह किसी के पक्ष व विपक्ष में नहीं है, सिर्फ कॉलेज के हित में कार्य कर रही हैं।
प्रबंध समिति के सचिव सुरेश चंद संपादक का कहना है कि चुनाव को पर्यवेक्षकों की देखरेख में संपन्न कराया गया था, किसी तरह की कोई अनियमितता नहीं हुई। पूर्व सचिव ने तथ्यों को छुपाकर शिकायत की है। उनसे जो दस्तावेज या जानकारी मांगी जा रही है, वह दी जा रही है।
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हापुड़। श्री शिक्षा प्रसार समिति की नई कार्यकारिणी को सीसीएसयू से अनुमोदन नहीं मिला है। समिति के पूर्व सचिव की शिकायत पर क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी ने एसएसवी पीजी कॉलेज की प्राचार्या को पुरानी प्रबंध समिति के हस्ताक्षर से ही वेतन बिल उनके कार्यालय में प्रेषित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही समिति के चुनाव की जांच भी डिप्टी रजिस्टार ने शुरू कर दी है।
श्री शिक्षा प्रसार समिति के पूर्व सचिव अजय अग्रवाल ने क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी के कार्यालय में शिकायत कर बताया कि 10 मार्च को समिति के त्रिवार्षिक चुनाव का आयोजन हुआ था। नई कार्यकारिणी चुनी जाने के बाद एसएसवी पीजी कॉलेज की प्राचार्या ने कार्यकारिणी को अनुमोदन मिले बिना ही वेतन बिल को नई समिति से हस्ताक्षर कराकर क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी के कार्यालय में प्रेषित कर दिया।
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बता दें कि इस मामले में समिति के आजीवन सदस्यों ने भी चुनाव के अनियमितता को लेकर शिकायत की थी, जिसकी जांच डिप्टी रजिस्टार करा रहे हैं। इसी के चलते सीसीएसयू ने नई प्रबंध समिति को अनुमोदन नहीं दिया।
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प्राचार्या द्वारा गलत तरीके से वेतन बिल प्रेषित किए जाने की शिकायत पर क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी राजीव कुमार गुप्ता ने कड़ा संज्ञान लिया है। प्राचार्या को पत्र जारी कर स्पष्ट कहा है कि जब तक नई समिति को अनुमोदन प्राप्त नहीं होता, तब तक पुरानी समिति के हस्ताक्षरों पर ही वेतन बिल उनके कार्यालय प्रेषित किए जाएं।
एसएसवी पीजी कॉलेज की प्राचार्या डा .शशि वशिष्ठ का कहना है कि शिक्षकों का वेतन न रुके, इसलिए उन्होंने नई समिति के हस्ताक्षर कराकर वेतन बिलों को क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी के कार्यालय में प्रेषित कराया था। यह बिल प्रेषित करने के बाद ही इस मामले में शिकायत की गई है। वह किसी के पक्ष व विपक्ष में नहीं है, सिर्फ कॉलेज के हित में कार्य कर रही हैं।
प्रबंध समिति के सचिव सुरेश चंद संपादक का कहना है कि चुनाव को पर्यवेक्षकों की देखरेख में संपन्न कराया गया था, किसी तरह की कोई अनियमितता नहीं हुई। पूर्व सचिव ने तथ्यों को छुपाकर शिकायत की है। उनसे जो दस्तावेज या जानकारी मांगी जा रही है, वह दी जा रही है।