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जलस्तर में गिरावट के बाद भी खादर के लोगों की दिक्कत बरकरार
Updated Sun, 27 Aug 2017 12:57 AM IST
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बर्बादी के बाद उतरा खेतों से गंगा का जलस्तर
- चारे की किल्लत और बीमारी से रहा
अमर उजाला ब्यूरो
गढ़मुक्तेश्वर। गंगा के जलस्तर में गिरावट होने से खादर के गांवों को राहत तो मिली है लेकिन बीमारियों का प्रकोप भी बढ़ा है। ग्रामीणों को चारे की किल्लत भी झेलनी पड़ रही है।
पहाड़ों पर बारिश का सिलसिला धीमा पड़ने से ब्रजघाट गंगा के जलस्तर में तेजी के साथ गिरावट आ रही है। जिससे खादर क्षेत्र के लठीरा, गड़ावली, नयाबांस, आरकपुर, बख्तावरपुर, रामपुर न्यामतपुर, अब्दुल्लापुर, शाकरपुर, मंढैया किशन सिंह समेत डेढ़ दर्जन से भी अधिक गांवों में रहने वाले हजारों परिवार को बाढ़ आने की आशंका से राहत मिली है। पहाड़ों पर बारिश धीमी पड़ने से हरिद्वार समेत बिजनौर बैराज से भी पानी नहीं छोड़ा जा रहा है। हालांकि बाढ़ का खतरा टलने के बाद भी हजारों बीघा निचले जंगल में भरा पानी न निकलने से फसलों में बर्बादी, पशुओं के चारे की किल्लत और मच्छर-मक्खियों का प्रकोप बढ़ने से ग्रामीणों को बीमारियों का प्रकोप झेलना पड़ रहा है।
केंद्रीय जल आयोग के सूत्रों का कहना है कि 24 घंटों में 25 सेंटीमीटर की गिरावट होने से शनिवार को गंगा का जलस्तर घटकर 197.65 मीटर के निशान पर आ गया है।
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- चारे की किल्लत और बीमारी से रहा
अमर उजाला ब्यूरो
गढ़मुक्तेश्वर। गंगा के जलस्तर में गिरावट होने से खादर के गांवों को राहत तो मिली है लेकिन बीमारियों का प्रकोप भी बढ़ा है। ग्रामीणों को चारे की किल्लत भी झेलनी पड़ रही है।
पहाड़ों पर बारिश का सिलसिला धीमा पड़ने से ब्रजघाट गंगा के जलस्तर में तेजी के साथ गिरावट आ रही है। जिससे खादर क्षेत्र के लठीरा, गड़ावली, नयाबांस, आरकपुर, बख्तावरपुर, रामपुर न्यामतपुर, अब्दुल्लापुर, शाकरपुर, मंढैया किशन सिंह समेत डेढ़ दर्जन से भी अधिक गांवों में रहने वाले हजारों परिवार को बाढ़ आने की आशंका से राहत मिली है। पहाड़ों पर बारिश धीमी पड़ने से हरिद्वार समेत बिजनौर बैराज से भी पानी नहीं छोड़ा जा रहा है। हालांकि बाढ़ का खतरा टलने के बाद भी हजारों बीघा निचले जंगल में भरा पानी न निकलने से फसलों में बर्बादी, पशुओं के चारे की किल्लत और मच्छर-मक्खियों का प्रकोप बढ़ने से ग्रामीणों को बीमारियों का प्रकोप झेलना पड़ रहा है।
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केंद्रीय जल आयोग के सूत्रों का कहना है कि 24 घंटों में 25 सेंटीमीटर की गिरावट होने से शनिवार को गंगा का जलस्तर घटकर 197.65 मीटर के निशान पर आ गया है।