{"_id":"de1e86d68fd1663c9f2de15b15365a2a","slug":"100-quintle-wheet-wet-in-rain-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":" बारिश में भीगा 100 क्विंटल गेहूं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बारिश में भीगा 100 क्विंटल गेहूं
अमर उजाला, गढ़मुक्तेश्वर
Updated Mon, 22 Feb 2016 01:09 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सिंभावली ब्लॉक के गांवों में वितरण के लिए आया 100 क्विंटल से भी अधिक गेहूं बारिश में भीग गया। भीगे गेहूं में संक्रमण-फफूंद पैदा होने की आशंका से उपभोक्ताओं में रोष है।
इसके बाद भी आपूर्ति विभाग के अफसर मौन बैठे हुए हैं। एक सप्ताह पहले हापुड़ एफसीआई से सिंभावली ब्लॉक के गांवों में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के तहत वितरण के लिए सौ कुंतल से भी अधिक अनाज की सप्लाई आई थी।
इसे सिंभावली की गंगानगर विहार कालोनी स्थित एक निजी गोदाम में खुले स्थान पर रखवा दिया गया था। शुक्रवार को बूंदाबांदी होने के बाद भी एसएमआई ने गेहूं की सुध लेना मुनासिब नहीं समझा।
विज्ञापन
शनिवार को भी हुई बारिश से सारा गेहूं बुरी तरह भीग गया। इसके बाद भी एसएमआई समेत विभागीय अधिकारी-कर्मचारी कोई तवज्जो देने को तैयार नहीं हैं।
बताया गया है कि सरकारी सस्ता गल्ला की दुकानों पर पांच मार्च से राशन का वितरण होना है। एसएमआई धर्मेंद्र ने कहा कि अनाज को पन्नी से ढंककर रखवाया गया है।
उसके अंदर बारिश का पानी जाना संभव नहीं है। फिर भी जांच कराकर सारी हकीकत सामने लाई जाएगी। डीएसओ आरएन यादव ने कहा कि अनाज के भीगने का मामला गंभीर है। जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
इसके बाद भी आपूर्ति विभाग के अफसर मौन बैठे हुए हैं। एक सप्ताह पहले हापुड़ एफसीआई से सिंभावली ब्लॉक के गांवों में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के तहत वितरण के लिए सौ कुंतल से भी अधिक अनाज की सप्लाई आई थी।
विज्ञापन
इसे सिंभावली की गंगानगर विहार कालोनी स्थित एक निजी गोदाम में खुले स्थान पर रखवा दिया गया था। शुक्रवार को बूंदाबांदी होने के बाद भी एसएमआई ने गेहूं की सुध लेना मुनासिब नहीं समझा।
विज्ञापन
शनिवार को भी हुई बारिश से सारा गेहूं बुरी तरह भीग गया। इसके बाद भी एसएमआई समेत विभागीय अधिकारी-कर्मचारी कोई तवज्जो देने को तैयार नहीं हैं।
बताया गया है कि सरकारी सस्ता गल्ला की दुकानों पर पांच मार्च से राशन का वितरण होना है। एसएमआई धर्मेंद्र ने कहा कि अनाज को पन्नी से ढंककर रखवाया गया है।
उसके अंदर बारिश का पानी जाना संभव नहीं है। फिर भी जांच कराकर सारी हकीकत सामने लाई जाएगी। डीएसओ आरएन यादव ने कहा कि अनाज के भीगने का मामला गंभीर है। जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।