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Hamirpur News: आंधी आई तो पुल की जांच छोड़कर भागे अधिकारी
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फोटो01एचएएमपी 32- नदी पार कर वाहन न जाने पाए इसके लिए खोदा गया गड्ढा। संवाद
हमीरपुर। बेतवा नदी पर निर्माणाधीन पुल हादसे की दहशत अब भी अधिकारियों और कर्मचारियों के दिलों में साफ दिखाई दे रही है। सोमवार को जब विशेषज्ञों की टीम हादसे की जांच कर रही थी तभी अचानक तेज आंधी चलने लगी। मौसम का मिजाज बदलते ही मौके पर मौजूद अधिकारी जांच को बीच में छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर भागते नजर आए।
तीन सदस्यीय जांच टीम जब बेतवा नदी पुल हादसे की जांच कर रही थी तभी करीब 05:20 बजे शाम को आंधी चलने लगी। मौसम बिगड़ने पर करीब आधे घंटे के लिए जांच कार्य प्रभावित हुआ। आंधी शुरू होते ही पुल के ऊपर रखे भारी सेगमेंट को लेकर अनहोनी की आशंका बढ़ गई। खासतौर पर चार नंबर पिलर पर रखा स्लैब अधिकारियों की चिंता का बड़ा कारण बना रहा। बताया जा रहा है कि यह हिस्सा अभी पूरी तरह सुरक्षित स्थिति में नहीं है। हल्का कंपन और तेज हवा चलते ही वहां मौजूद कर्मचारियों को तत्काल हटने के निर्देश दिए गए। अधिकारी स्वयं भी सुरक्षित स्थान की ओर भागते हुए नजर आए। पुल हादसे में छह लोगों की मौत के बाद पहले से ही दहशत का माहौल है। ऐसे में अचानक आई आंधी ने मौके पर मौजूद हर व्यक्ति की धड़कनें बढ़ा दीं।
पुल के आसपास जाने से रोका
अधिकारियों ने एहतियातन पुल के आसपास ग्रामीणों को जाने से रोक दिया है। कुरारा ब्लाॅक व राठ मार्ग को जोड़ने वाले इस रास्ते से लोगों का आवागन रहता है। ऐसी स्थिति में रास्ते को काट दिया गया है। बस पैदल जाने का ही रास्ता रह गया है। अधिकारियों का साफ कहना है कि कोई भी व्यक्ति तेज हवा के दौरान यहां से न गुजरे।
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दूर बैठे जांच देख रहे ग्रामीण भी दहशत में आए
पुल हादसे की जांच के लिए टीम के पहुंचने की खबर लगते ही प्रधान प्रतिनिधि बदलू प्रसाद निषाद भी मौके पर पहुंच गए। इसके अलावा गांव के अन्य लोग भी पहुंचे लेकिन दूर बैठकर पूरा नजारा देखते रहे। हर किसी की नजर टीम की गतिविधियों पर थी। हालांकि दूरी पर थे लेकिन सब जानना चाह रहे है कि आखिर पुल क्यों गिरा। इसी दौरान जब आंधी आ गई तो सभी सहम गए। ग्रामीणों का कहना है कि हादसे के बाद से हवा के झोंके डरावने नजर आते है।
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तीन सदस्यीय जांच टीम जब बेतवा नदी पुल हादसे की जांच कर रही थी तभी करीब 05:20 बजे शाम को आंधी चलने लगी। मौसम बिगड़ने पर करीब आधे घंटे के लिए जांच कार्य प्रभावित हुआ। आंधी शुरू होते ही पुल के ऊपर रखे भारी सेगमेंट को लेकर अनहोनी की आशंका बढ़ गई। खासतौर पर चार नंबर पिलर पर रखा स्लैब अधिकारियों की चिंता का बड़ा कारण बना रहा। बताया जा रहा है कि यह हिस्सा अभी पूरी तरह सुरक्षित स्थिति में नहीं है। हल्का कंपन और तेज हवा चलते ही वहां मौजूद कर्मचारियों को तत्काल हटने के निर्देश दिए गए। अधिकारी स्वयं भी सुरक्षित स्थान की ओर भागते हुए नजर आए। पुल हादसे में छह लोगों की मौत के बाद पहले से ही दहशत का माहौल है। ऐसे में अचानक आई आंधी ने मौके पर मौजूद हर व्यक्ति की धड़कनें बढ़ा दीं।
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पुल के आसपास जाने से रोका
अधिकारियों ने एहतियातन पुल के आसपास ग्रामीणों को जाने से रोक दिया है। कुरारा ब्लाॅक व राठ मार्ग को जोड़ने वाले इस रास्ते से लोगों का आवागन रहता है। ऐसी स्थिति में रास्ते को काट दिया गया है। बस पैदल जाने का ही रास्ता रह गया है। अधिकारियों का साफ कहना है कि कोई भी व्यक्ति तेज हवा के दौरान यहां से न गुजरे।
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दूर बैठे जांच देख रहे ग्रामीण भी दहशत में आए
पुल हादसे की जांच के लिए टीम के पहुंचने की खबर लगते ही प्रधान प्रतिनिधि बदलू प्रसाद निषाद भी मौके पर पहुंच गए। इसके अलावा गांव के अन्य लोग भी पहुंचे लेकिन दूर बैठकर पूरा नजारा देखते रहे। हर किसी की नजर टीम की गतिविधियों पर थी। हालांकि दूरी पर थे लेकिन सब जानना चाह रहे है कि आखिर पुल क्यों गिरा। इसी दौरान जब आंधी आ गई तो सभी सहम गए। ग्रामीणों का कहना है कि हादसे के बाद से हवा के झोंके डरावने नजर आते है।