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UP Election 2022 : हमीरपुर की छात्रा ने उठाया बड़ा मुद्दा, महिलाओं ने योगी-मोदी सरकार के लिए कही ये बात
Sun, 26 Dec 2021 02:58 PM IST
हिमांशु मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हमीरपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हमीरपुर
Published by: हिमांशु मिश्रा
Updated Sun, 26 Dec 2021 02:58 PM IST
सार
'चाय पर चर्चा' के बाद 'अमर उजाला' का चुनावी रथ 'सत्ता का संग्राम' हमीरपुर की महिलाओं के बीच पहुंचा। यहां महिलाओं ने कई चुनावी मुद्दों पर खुलकर चर्चा की।
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हमीरपुर में चुनावी मुद्दों पर चर्चा करतीं महिलाएं।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
हमीरपुर की महिलाओं ने बेरोजगारी, शिक्षा और महंगाई का मुद्दा का उठाया, हालांकि विकास कार्यों पर महिलाओं ने खुशी जताई। महिलाओं ने कहा कि मौजूदा सरकार ने गरीब वर्ग को पक्का मकान दिया, फ्री राशन दिया जा रहा है, हर घर शौचालय बनवाए गए, बिजली की व्यवस्था काफी बेहतर हो गई है। सड़कें अब ठीक हो गई हैं। कानून व्यवस्था भी पहले के मुकाबले काफी बेहतर है। पढ़िए महिलाओं ने क्या कहा?
दो छात्राओं ने उठाया आरक्षण का मुद्दा
छात्रा दिव्या वाजपेयी ने बताया कि वह पांच बहनें हैं। पिता रिटायर हो चुके हैं। उनकी पेंशन से ही पूरा घर चलता है। दिव्या का कहना है कि आरक्षण से सामान्य वर्ग के बच्चों को बहुत ज्यादा दिक्कत होती है। कहा, 'मैं आर्थिक रूप से बहुत गरीब हूं, लेकिन हमें हर चीज में ज्यादा पैसा देना पड़ता है। हमारी दोस्त है, वो आरक्षित वर्ग में है और उनका परिवार भी आर्थिक तौर पर बहुत ज्यादा समृद्ध है। फिर भी उनको हर चीज में छूट मिलती है। मैं सरकार से पूछना चाहती हूं कि हमें क्यों सजा मिलती है? इसलिए कि हम सामान्य वर्ग में पैदा हुए हैं? हम लोगों के लिए आवाज उठाता है?
छात्रा दिव्यांका पांडेय ने कहा, टीजीटी का पेपर दिया था, मेरे मार्क्स बहुत ज्यादा थे और मेरी दोस्त आरक्षित वर्ग से थी। उसके कम मार्क्स थे। उसका सिलेक्शन हो गया, लेकिन मेरा नहीं। ये भेदभाव सामान्य वर्ग के बच्चों से क्यो हो रहा है?
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दो छात्राओं ने उठाया आरक्षण का मुद्दा
छात्रा दिव्या वाजपेयी ने बताया कि वह पांच बहनें हैं। पिता रिटायर हो चुके हैं। उनकी पेंशन से ही पूरा घर चलता है। दिव्या का कहना है कि आरक्षण से सामान्य वर्ग के बच्चों को बहुत ज्यादा दिक्कत होती है। कहा, 'मैं आर्थिक रूप से बहुत गरीब हूं, लेकिन हमें हर चीज में ज्यादा पैसा देना पड़ता है। हमारी दोस्त है, वो आरक्षित वर्ग में है और उनका परिवार भी आर्थिक तौर पर बहुत ज्यादा समृद्ध है। फिर भी उनको हर चीज में छूट मिलती है। मैं सरकार से पूछना चाहती हूं कि हमें क्यों सजा मिलती है? इसलिए कि हम सामान्य वर्ग में पैदा हुए हैं? हम लोगों के लिए आवाज उठाता है?
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छात्रा दिव्यांका पांडेय ने कहा, टीजीटी का पेपर दिया था, मेरे मार्क्स बहुत ज्यादा थे और मेरी दोस्त आरक्षित वर्ग से थी। उसके कम मार्क्स थे। उसका सिलेक्शन हो गया, लेकिन मेरा नहीं। ये भेदभाव सामान्य वर्ग के बच्चों से क्यो हो रहा है?
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रोजगार और शिक्षा पर क्या बोलीं महिलाएं?
हमीरपुर में चुनावी मुद्दों पर चर्चा करतीं महिलाएं।
- फोटो : अमर उजाला
जीजीआईसी की छात्रा आकांक्षा द्विवेदी ने शिक्षकों की कमी का मुद्दा उठाया। कहा कि स्कूल में कोई भी टीचर्स ठीक नहीं है। इंग्लिश, फिजिक्स, केमिस्ट्री का टीचर नहीं है। बच्चे कैसे पढ़ाई करेंगे?
मीरा ने कहा कि भर्तियां नहीं निकल रहीं हैं। बेरोजगारी बढ़ रही है। श्याम दुलारी ने कहा कि बेरोजगारी बढ़ गई है। बच्चों को नौकरी नहीं मिल रही है।
मीरा ने कहा कि भर्तियां नहीं निकल रहीं हैं। बेरोजगारी बढ़ रही है। श्याम दुलारी ने कहा कि बेरोजगारी बढ़ गई है। बच्चों को नौकरी नहीं मिल रही है।
विकास के मुद्दे पर क्या बोलीं महिलाएं?
हमीरपुर में चुनावी मुद्दों पर चर्चा करतीं महिलाएं।
- फोटो : अमर उजाला
दिव्यांका पांडेय ने कहा कि अभी भी महिला अस्पताल में डॉक्टर्स की कमी है। जो डॉक्टर्स हैं, वो आम लोगों से बहुत अच्छे से बात नहीं करते हैं। डॉक्टर्स की कमी को दूर किया जाना चाहिए। यहां रोजगार और यातायात की बड़ी समस्या है। बस है, लेकिन रेलवे स्टेशन नहीं है।
सोनी ने कहा कि बहुत कुछ बदलाव हुए हैं। कच्चे मकान थे, अब गरीबों को पक्के मकान मिल गए हैं। बिजली की व्यवस्था ठीक हो गई है। नीलम भारती ने कहा कि योगी ने बहुत काम किए हैं। महिलाओं का सम्मान और सुरक्षा बढ़ा है। विकास कार्य तो बहुत ज्यादा हुए हैं। महिलाओं को कॉलोनी मिला, हर घर शौचालय बना, गैस-चूल्हा दिया। किसानों को पैसा मिलता है। बालिकाओं को पढ़ने के लिए पैसा मिलता है। बच्चों को मिड डे मील मिलता है।
पार्वती ने कहा कि मोदी-योगी ने काम तो बहुत करवाया है, लेकिन महंगाई बहुत बढ़ गई है। इसे कम करना चाहिए। कांग्रेस की नेता नीलम निषाद ने कहा कि पहले सिलेंडर 500 रुपये का हुआ करता था, आज एक हजार का मिल रहा है। सरसों का तेल 200 रुपये का मिलता था।
सड़कों को लेकर ज्यादातर महिलाओं ने कहा कि अब पहले के मुकाबले सड़कें बहुत अच्छी हो गई हैं। हालांकि, राधा ने कहा कि सड़कें बहुत खराब हैं। अभी चलिए हमारे साथ हम दिखा देंगे खराब सड़कें। भाजपा नेता शकुंतला निषाद ने राधा पर पलटवार किया। कहा कि पहले किचड़ में चप्पलें टूट जाती थीं। आज सड़कें बहुत बेहतर हो गई है।
85 साल सुखरनिया और जगरानी ने सरकारी योजनाओं का लाभ न मिलने की बात कही।
सोनी ने कहा कि बहुत कुछ बदलाव हुए हैं। कच्चे मकान थे, अब गरीबों को पक्के मकान मिल गए हैं। बिजली की व्यवस्था ठीक हो गई है। नीलम भारती ने कहा कि योगी ने बहुत काम किए हैं। महिलाओं का सम्मान और सुरक्षा बढ़ा है। विकास कार्य तो बहुत ज्यादा हुए हैं। महिलाओं को कॉलोनी मिला, हर घर शौचालय बना, गैस-चूल्हा दिया। किसानों को पैसा मिलता है। बालिकाओं को पढ़ने के लिए पैसा मिलता है। बच्चों को मिड डे मील मिलता है।
पार्वती ने कहा कि मोदी-योगी ने काम तो बहुत करवाया है, लेकिन महंगाई बहुत बढ़ गई है। इसे कम करना चाहिए। कांग्रेस की नेता नीलम निषाद ने कहा कि पहले सिलेंडर 500 रुपये का हुआ करता था, आज एक हजार का मिल रहा है। सरसों का तेल 200 रुपये का मिलता था।
सड़कों को लेकर ज्यादातर महिलाओं ने कहा कि अब पहले के मुकाबले सड़कें बहुत अच्छी हो गई हैं। हालांकि, राधा ने कहा कि सड़कें बहुत खराब हैं। अभी चलिए हमारे साथ हम दिखा देंगे खराब सड़कें। भाजपा नेता शकुंतला निषाद ने राधा पर पलटवार किया। कहा कि पहले किचड़ में चप्पलें टूट जाती थीं। आज सड़कें बहुत बेहतर हो गई है।
85 साल सुखरनिया और जगरानी ने सरकारी योजनाओं का लाभ न मिलने की बात कही।