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Hamirpur News: किशोर की हत्या में आरएसएस का तत्कालीन नगर प्रचारक दोषी करार

Tue, 30 May 2023 11:14 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 30 May 2023 11:14 PM IST
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The then city pracharak of RSS convicted in the murder of a teenager
हमीरपुर। घर से पढ़ने निकले मुख्यालय निवासी कक्षा नौ के छात्र की हत्या के मामले में मंगलवार को आरएसएस के तत्कालीन नगर प्रचारक को कोर्ट ने दोषी करार दिया है। सजा के बिंदुओं पर बुधवार को सुनवाई होगी। एक आरोपी को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया गया। दो बाल अपचारियों का मामला किशोर न्यायालय में विचाराधीन है।
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वादी पक्ष के अधिवक्ता खलील अजमत व कुशल द्विवेदी ने बताया कि मुख्यालय के बंगाली मोहाल निवासी कक्षा नौ का छात्र 12 दिसंबर 2007 को घर से पढ़ने निकला था। इसके बाद वह घर नहीं पहुंचा। दूसरे दिन छात्र के बाबा ने कोतवाली में गुमशुदगी दर्ज कराई। पुलिस ने 22 अगस्त 2008 को जालौन के माधौगढ़ थानांतर्गत मिर्जापुर गांव निवासी आरएसएस के तत्कालीन नगर प्रचारक हरनाम सिंह सेंगर व मैनपुरी निवासी कोडर थानाक्षेत्र के कुर्रा गांव निवासी पंकज सिंह को गिरफ्तार किया था। हरनाम की निशानदेही पर मुख्यालय स्थित प्रेरणा कुंज में उसके कमरे से छात्र की पैंट, चप्पल व अंग्रेजी की गाइड बरामद की थी। अपराध में सहयोग करने वाले दो बाल अपचारी भी गिरफ्तार किए गए थे। हरनाम ने कुबूल किया था कि उसने कुकर्म के बाद छात्र की हत्या कर शव यमुना नदी में फेंक दिया। पुलिस की ओर से हरनाम व पंकज सिंह के खिलाफ कोर्ट में प्रेषित आरोप पत्र पर सुनवाई करते हुए अपर सत्र न्यायाधीश डकैती कोर्ट पीके जयंत ने हरनाम को हत्या का दोषी करार दिया है। वहीं, साक्ष्य के अभाव में पंकज को बरी कर दिया गया। सजा के बिंदुओं पर आज सुनवाई होगी। सरकार की ओर से पैरवी अपर शासकीय अधिवक्ता मणिकर्ण शुक्ला व राजेश तिवारी ने की।
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गुमशुदा कक्षा नौ के छात्र की हत्या के मामले में करीब साढ़े पंद्रह वर्ष बाद आए फैसले को लेकर वादी पक्ष ने न्याय मिलने पर खुशी जताई है। वादी पक्ष के अधिवक्ता के अनुसार अदालत ने परिस्थिति जन साक्ष्य के आधार पर सजा सुनाई गई है।
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वादी के अधिवक्ता खलील अहमद ने बताया कि मामले में विवेचक समेत सात गवाह पेश हुए। जिसमें छात्र के दो चाचा व उसकी मां ने गवाही दी। जिन्होंने उसे प्रेरणा कुंज जाते देखने की बात कही। इसके अलावा एक गवाह द्वारा दोषी के कमरे से समान बरामदगी की गवाही दी। इसके अलावा एक और गवाह ने उनके सामने दोषी द्वारा पुलिस से कुकर्म की बात स्वीकार करने की गवाही दी। जिसे पर परिस्थिति जन साक्ष्य को देखते हुए अदालत ने आरोपी को दोषी करार दिया है। जिसमें मृतक का अंतिम बार देखे जाने व आरोपी द्वारा स्वीकार करने व कमरे में सामान मिलना शामिल है। बताया कि छात्र का शव बरामद न होने के कारण न्यायालय में कुकर्म की पुष्टि नहीं हो सकी। जिस पर हत्या व साक्ष्य मिटाने के मामले में ही आरोपी को दोषी करार दिया गया है।
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