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Hamirpur News: सड़क का आश्वासन निकला कोरा, ग्रामीणों का धैर्य टूटा
Tue, 30 Dec 2025 12:19 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर
Updated Tue, 30 Dec 2025 12:19 AM IST
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हमीरपुर। सोमवार को परसदवा डेरा के ग्रामीण कलक्ट्रेट पहुंचे और यहां पर जिलाधिकारी दफ्तर के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। कहा कि अब तक गांव की कच्ची सड़क पर काम शुरू नहीं हो पाया। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर सड़क नहीं बनाई गई तो उसी रास्ते पर धरना देगें।
परसदवा डेरा गांव से अक्तूबर माह के अंत में प्रसव पीड़ा से कराहती प्रसूता को परिजन खराब रास्ता के चलते बैलगाड़ी से अस्पताल लेकर गए थे। यह खबर समाचार पत्रों में प्रकाशित हुई तो अधिकारी गांव पहुंचे। यहां पर मौसम साफ होते ही सड़क बनवाने का भरोसा गांव के लोगों को दिया। दो माह बीत गए लेकिन सड़क का आश्वासन कोरा ही साबित हुआ।
कलक्ट्रेट पहुंचे गांव निवासी राजेंद्र कुमार, किसना निषाद, उमाशंकर, जगदीश, यादव, राम आसरे नरेश, बद्री, किशोरी, मनीबा, बालकिशोर, मीरा, राम औतार, भूरी, बच्चा, छोटा, समलिया, चंद्रपाल, प्रेम नारायण, रामसेवक, रामपाल, रीना, छोटेलाल, मातादीन, शैलेन्द्र ने जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन दिया। बताया कि ग्राम पंचायत छानी से उनके मजरा तक मात्र तीन किलोमीटर लंबी सड़क है। आजादी के बाद से अभी तक इस सड़क का निर्माण नहीं हुआ है। सड़क निर्माण न होने से ग्रामीणों को आने जाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
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जनप्रतिनिधियों ने नहीं दिया ध्यान
वर्ष 2019 में विधानसभा उपचुनाव में जनप्रतिनिधि द्वारा वादा किया लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। वोट लेने के बाद फिर किसी ने समस्या को नहीं सुना। वर्ष 2024 में लोकसभा चुनाव के दौरान ग्रामीणों के अनशन करने के दौरान उपजिलाधिकारी मौदहा ने पक्की सड़क निर्माण कराने का आश्वासन दिया था। यह आश्वासन भी कोरा निकला।
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परसदवा डेरा गांव से अक्तूबर माह के अंत में प्रसव पीड़ा से कराहती प्रसूता को परिजन खराब रास्ता के चलते बैलगाड़ी से अस्पताल लेकर गए थे। यह खबर समाचार पत्रों में प्रकाशित हुई तो अधिकारी गांव पहुंचे। यहां पर मौसम साफ होते ही सड़क बनवाने का भरोसा गांव के लोगों को दिया। दो माह बीत गए लेकिन सड़क का आश्वासन कोरा ही साबित हुआ।
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कलक्ट्रेट पहुंचे गांव निवासी राजेंद्र कुमार, किसना निषाद, उमाशंकर, जगदीश, यादव, राम आसरे नरेश, बद्री, किशोरी, मनीबा, बालकिशोर, मीरा, राम औतार, भूरी, बच्चा, छोटा, समलिया, चंद्रपाल, प्रेम नारायण, रामसेवक, रामपाल, रीना, छोटेलाल, मातादीन, शैलेन्द्र ने जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन दिया। बताया कि ग्राम पंचायत छानी से उनके मजरा तक मात्र तीन किलोमीटर लंबी सड़क है। आजादी के बाद से अभी तक इस सड़क का निर्माण नहीं हुआ है। सड़क निर्माण न होने से ग्रामीणों को आने जाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
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जनप्रतिनिधियों ने नहीं दिया ध्यान
वर्ष 2019 में विधानसभा उपचुनाव में जनप्रतिनिधि द्वारा वादा किया लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। वोट लेने के बाद फिर किसी ने समस्या को नहीं सुना। वर्ष 2024 में लोकसभा चुनाव के दौरान ग्रामीणों के अनशन करने के दौरान उपजिलाधिकारी मौदहा ने पक्की सड़क निर्माण कराने का आश्वासन दिया था। यह आश्वासन भी कोरा निकला।