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Hamirpur News: गैंगस्टर के दोषी को दो साल का कठोर कारावास
Thu, 18 Dec 2025 11:45 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर
Updated Thu, 18 Dec 2025 11:45 PM IST
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हमीरपुर। गैंगस्टर न्यायालय के विशेष न्यायाधीश अनिल कुमार खरवार ने बृहस्पतिवार को एक फैसला सुनाया है। राठ थाना क्षेत्र के कैंथा गांव निवासी अरविंद को गैंगस्टर का दोषी करार देते हुए दो साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। पांच हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
जानकारी के मुताबिक चिकासी थाना पुलिस ने 26 फरवरी 2010 को सुरजन, रणविजय व अरविंद के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी। प्राथमिकी में गिरोह बंदी व समाज विरोधी कामों में संलिप्तता को दर्शाया गया था।
जांच शुरू हुई और साक्षियों के बयान दर्ज किए। गैंगचार्ट तैयार कर जिला मजिस्ट्रेट से अनुमोदन कराने के बाद आरोप पत्र विशेष न्यायालय में दाखिल किया। इसके बाद 13 अगस्त 2018 को न्यायालय ने आरोपी को तलब किया।
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यहां पर आरोपी ने आरोप से इंकार किया। अभियोजन पक्ष की ओर से गवाह और साक्ष्य प्रस्तुत किए गए। न्यायालय ने सुनवाई के दौरान गवाह और साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को दोषी करार दिया। उक्त मामले में आरोपी जमानत पर है और किसी अन्य मामले में केंद्रीय कारागार नैनी प्रयागराज में है।
उसे वीसी न्यायिक अभिरक्षा में लिया गया है। न्यायाधीश ने लंच के दंड के प्रश्न की सुनवाई के बाद दोषी को दो साल का कठोर कारावास और पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड न अदा न करने पर एक माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना पड़ेगा।
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जानकारी के मुताबिक चिकासी थाना पुलिस ने 26 फरवरी 2010 को सुरजन, रणविजय व अरविंद के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी। प्राथमिकी में गिरोह बंदी व समाज विरोधी कामों में संलिप्तता को दर्शाया गया था।
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जांच शुरू हुई और साक्षियों के बयान दर्ज किए। गैंगचार्ट तैयार कर जिला मजिस्ट्रेट से अनुमोदन कराने के बाद आरोप पत्र विशेष न्यायालय में दाखिल किया। इसके बाद 13 अगस्त 2018 को न्यायालय ने आरोपी को तलब किया।
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यहां पर आरोपी ने आरोप से इंकार किया। अभियोजन पक्ष की ओर से गवाह और साक्ष्य प्रस्तुत किए गए। न्यायालय ने सुनवाई के दौरान गवाह और साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को दोषी करार दिया। उक्त मामले में आरोपी जमानत पर है और किसी अन्य मामले में केंद्रीय कारागार नैनी प्रयागराज में है।
उसे वीसी न्यायिक अभिरक्षा में लिया गया है। न्यायाधीश ने लंच के दंड के प्रश्न की सुनवाई के बाद दोषी को दो साल का कठोर कारावास और पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड न अदा न करने पर एक माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना पड़ेगा।