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संदिग्ध हालात में किशोर की मौत
अमर उजाला ब्यूरो हमीरपुर।
Updated Mon, 19 Oct 2015 10:41 PM IST
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भरूआ सुमेरपुर। थाना क्षेत्र के बांक गांव के मंदिर में कन्या भोज के दौरान किशोर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घटना के दौरान भोज में शामिल कन्याओं में हड़कंप मच गया। बिना प्रसाद ग्रहण किए बालिकाएं घर लौट गईं। परिजनों ने किशोर की मौत के बाद उसका अंतिम संस्कार कर दिया। उधर, स्थानीय थाना पुलिस इस मामले में पल्ला झाड़ रही है।
बांक गांव में सोमवार को सुबह करीब नौ बजे नवरात्र पर राकेश प्रजापति ने मैहर देवी मंदिर में कन्या भोज का आयोजन किया था। इसी बीच संदिग्ध परिस्थितियों में राकेश के 14 वर्षीय पुत्र छुट्टन की मौत हो गई। उधर प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि कन्या भोज के बाद कन्याओं को विदाई के रूप में पैसे देने के लिए पिता ने अपने पुत्र छुट्टन को घर जाकर फुटकर पैसा लाने को कहा था, लेकिन वह नहीं गया तो उसने उसे पीट दिया। इससे बीमार चल रहे बेटे की मौत हो गई। हालांकि परिजन मारपीट से इनकार कर रहे हैं।घटना के बाद उसके पिता के भी होश उड़ गए।
प्रधान ने थाने के एसआई रमाशंकर श्रीवास को इस मामले की जानकारी दी, लेकिन पिता-पुत्र का मामला होने पर पुलिस ने कार्रवाई से हाथ खड़े कर दिए। प्रधान जगभान श्रीवास का कहना है कि किशोर छुट्टन के साथ किसी भी प्रकार की मारपीट उसके परिजनों ने नहीं की है। वह बीमार चल रहा था। बीमारी से उसकी मौत हुई है। उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया है। वहीं थानाध्यक्ष जेपी यादव का कहना है कि परिजनों की ओर से किसी तरह की सूचना थाने में नहीं दी है। घटना की तहकीकात करेंगे।
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बांक गांव में सोमवार को सुबह करीब नौ बजे नवरात्र पर राकेश प्रजापति ने मैहर देवी मंदिर में कन्या भोज का आयोजन किया था। इसी बीच संदिग्ध परिस्थितियों में राकेश के 14 वर्षीय पुत्र छुट्टन की मौत हो गई। उधर प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि कन्या भोज के बाद कन्याओं को विदाई के रूप में पैसे देने के लिए पिता ने अपने पुत्र छुट्टन को घर जाकर फुटकर पैसा लाने को कहा था, लेकिन वह नहीं गया तो उसने उसे पीट दिया। इससे बीमार चल रहे बेटे की मौत हो गई। हालांकि परिजन मारपीट से इनकार कर रहे हैं।घटना के बाद उसके पिता के भी होश उड़ गए।
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प्रधान ने थाने के एसआई रमाशंकर श्रीवास को इस मामले की जानकारी दी, लेकिन पिता-पुत्र का मामला होने पर पुलिस ने कार्रवाई से हाथ खड़े कर दिए। प्रधान जगभान श्रीवास का कहना है कि किशोर छुट्टन के साथ किसी भी प्रकार की मारपीट उसके परिजनों ने नहीं की है। वह बीमार चल रहा था। बीमारी से उसकी मौत हुई है। उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया है। वहीं थानाध्यक्ष जेपी यादव का कहना है कि परिजनों की ओर से किसी तरह की सूचना थाने में नहीं दी है। घटना की तहकीकात करेंगे।
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