{"_id":"5eef9cde8ebc3e42e9176b8b","slug":"surya-grahan-hamirpur-news-knp5668052102","type":"story","status":"publish","title_hn":"सौर फिल्टर से देखा सूर्य ग्रहण, जिला विज्ञान क्लब ने सूर्य ग्रहण देखने के लिए लगाए कैंप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सौर फिल्टर से देखा सूर्य ग्रहण, जिला विज्ञान क्लब ने सूर्य ग्रहण देखने के लिए लगाए कैंप
विज्ञापन
शहर में सूर्य ग्रहण को देखते समाजसेवी।
- फोटो : HAMIRPUR
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हमीरपुर। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद उत्तर प्रदेश की ओर से संचालित जिला विज्ञान क्लब के तत्वावधान में विशेषज्ञों की मदद से प्रमाणित सौर फिल्टर (सोलर गूगल्स) से सूर्य ग्रहण का अवलोकन हुआ। फक्कड़ कुटी में सामाजिक दूरी का भी पालन किया गया।
नगर पालिका अध्यक्ष कुलदीप निषाद ने बताया सूर्य ग्रहण का अवलोकन जिला विज्ञान क्लब की ओर से प्रमाणित सौर फिल्टर से कराया गया। बताया सूर्य ग्रहण एक खगोलीय घटना है।
क्लब के जिला समन्वयक डा. जीके द्विवेदी ने बताया अगली खगोलीय घटना वलयाकार सूर्य ग्रहण भारत में अगले दशक दिखाई देगा। जो 21 मई 2031 को होगा और पूर्ण सूर्य ग्रहण 20 मार्च 2034 को देखा जाएगा।
विज्ञापन
बताया कभी भी सूर्य को सीधे आंखों से नहीं देखना चाहिए। सूर्य को दूरबीन या रंगीन फिल्म, धूप के चश्मे, एक्सरे फिल्म, धूप के चश्मों से सीधे अवलोकन न करें।
सूर्य ग्रहण के अवलोकन के समय जीआईसी के बाबूराम कनौजिया, राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस के अखिलेश शुक्ला, तकनीकी ज्ञान केंद्र के रमाकांत और बच्चे आर्यन, आर्या व परी ने भी सोलर फिल्टर से सूर्य ग्रहण का अवलोकन किया।
विज्ञापन
नगर पालिका अध्यक्ष कुलदीप निषाद ने बताया सूर्य ग्रहण का अवलोकन जिला विज्ञान क्लब की ओर से प्रमाणित सौर फिल्टर से कराया गया। बताया सूर्य ग्रहण एक खगोलीय घटना है।
विज्ञापन
क्लब के जिला समन्वयक डा. जीके द्विवेदी ने बताया अगली खगोलीय घटना वलयाकार सूर्य ग्रहण भारत में अगले दशक दिखाई देगा। जो 21 मई 2031 को होगा और पूर्ण सूर्य ग्रहण 20 मार्च 2034 को देखा जाएगा।
विज्ञापन
बताया कभी भी सूर्य को सीधे आंखों से नहीं देखना चाहिए। सूर्य को दूरबीन या रंगीन फिल्म, धूप के चश्मे, एक्सरे फिल्म, धूप के चश्मों से सीधे अवलोकन न करें।
सूर्य ग्रहण के अवलोकन के समय जीआईसी के बाबूराम कनौजिया, राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस के अखिलेश शुक्ला, तकनीकी ज्ञान केंद्र के रमाकांत और बच्चे आर्यन, आर्या व परी ने भी सोलर फिल्टर से सूर्य ग्रहण का अवलोकन किया।