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सूदखोर से आजिज मजदूर फांसी पर झूला, मौत

Wed, 26 Jul 2017 10:42 PM IST
अमर उजाला/हमीरपुर
अमर उजाला/हमीरपुर Updated Wed, 26 Jul 2017 10:42 PM IST
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Suedeer, hijacked laborer hanging on the hanging
राठ में रोते बिलखते मृतक के परिजन। - फोटो : amarujala
मकान पर सूदखोर के कब्जे और उसकी धमकी से आजिज रिक्शा चालक मजदूर ने फांसी लगाकर जान दे दी। मुआवजे और सूदखोर पर कार्रवाई की मांग को लेकर परिजनों ने मोहल्ले के लोगों के साथ जाम लगा दिया। सूचना पर पहुंचे सीओ श्रीराम ने कार्रवाई का आश्वासन देकर जाम खुलवाया।
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कस्बे के पठानपुरा पुरानी बजरिया निवासी संतोष अनुरागी (45) पुत्र जमुना प्रसाद रिक्शा चलाकर किसी तरह परिवार का भरण पोषण करता था। संतोष की पत्नी चुन्नी देवी ने बताया कि पति ने पुत्रियों के विवाह के लिए पिछले वर्ष नगर के मुगलपुरा मोहल्ला निवासी मलखान यादव से 60 हजार रुपये कर्ज लिया था।
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बताया कि पति ने किसी तरह मेहनत कर थोड़ा-थोड़ा कर ब्याज समेत एक लाख रुपये उसे लौटा दिए थे। इसके बावजूद सूदखोर उससे तकादा करता रहता था। आरोप लगाया कि 24 जुलाई को मलखान यादव ने कब्जा करने की नीयत से अपने कुछ घरेलू सामान उसके मकान में रख दिया और पति को मकान खाली करने की धमकी दी। यह भी आरोप लगाया कि कि दबंग ने 25 जुलाई को उसके घर में घुसकर पति से मारपीट भी की।
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बताया कि जब पति बच्चों सहित सूदखोर के पैरों पर गिरकर गिड़गिड़ाया तब वह मकान खाली करने की बात कहते हुए वहां से चला गया। महिला का कहना है कि सूदखोर द्वारा पूरे परिवार का अपमान पति बर्दाश्त नहीं कर सका। सूदखोर की रोज-रोज की प्रताड़ना और मकान पर कब्जे के भय से आहत होकर संतोष ने बुधवार की सुबह करीब पांच बजे गमछे का फंदा बना पंखे से फांसी लगा ली।

जब पत्नी और बच्चों ने पति को फंदे से लटका देख हड़कंप मच गया। संतोष ने मौके पर ही दम तोड़ दिया था। उधर, पोस्टमार्टम के बाद जैसे ही शव मिला गुस्साए परिजनों ने हमीरपुर मार्ग पर शव रखकर जाम लगा दिया। परिजनों ने पांच लाख रुपये मुआवजा, मकान पर कब्जे को बेदखल कराने और सूदखोर पर मुकदमा दर्ज कराने की मांग की। मौके पर पहुंचे सीओ श्रीराम ने परिजनों को कार्रवाई का आश्वासन दिया। तब कहीं जाकर दो घंटे बाद जाम खुल सका।


तीन दिन से घर में नहीं जला था चूल्हा
पत्नी चुन्नी देवी ने बताया कि आर्थिक तंगी के चलते उसके घर में तीन दिन से भोजन के लाले पड़े थे। सूदखोर के रोज-रोज घर आकर उत्पीड़न किए जाने से भी परिवार के सभी सदस्यों की भूख मर चुकी थी। बताया कि उसके घर में पिछले तीन दिनों से चूल्हा तक नहीं जला है।

 
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