फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hamirpur News ›   SNCU team's hard work paid off, newborn's life was saved

एसएनसीयू टीम की मेहनत रंग लाई, नवजात की बची जान

Fri, 13 Aug 2021 11:15 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 13 Aug 2021 11:15 PM IST
विज्ञापन
SNCU team's hard work paid off, newborn's life was saved
महिला अस्पातल में डाक्टर व स्टाफ नर्स के साथ बच्चे को गोद में लिए कुंती। संवाद - फोटो : HAMIRPUR
हमीरपुर। जिला महिला अस्पताल के सिक न्यूबॉर्न केयर यूनिट (एसएनसीयू) की टीम ने 50 दिनों की मेहनत के बाद एक मां को बेऔलाद होने से बचा लिया। महिला ने 50 दिन पूर्व अस्पताल में जुड़वां बच्चों को जन्म दिया था। इसमें एक बच्चे की जन्म के तुरंत बाद ही मौत हो गई थी, जबकि दूसरे को गंभीर हालत में एसएनसीयू वार्ड में भर्ती कराया गया था।
विज्ञापन

शहर के रमेड़ी मोहल्ला निवासी अमित की पत्नी कुंती ने 20 जून को जिला महिला अस्पताल में जुड़वां बच्चों (लड़का-लड़की) को जन्म दिया। समय से पहले इन बच्चों का जन्म हुआ था। लिहाजा डॉक्टरों के सामने इन्हें बचाने की भी चुनौती थी। जन्म के तुरंत बाद एक बच्चे की जान चली गई। दूसरे की हालत नाजुक हो गई। दोनों ही बच्चों को मौत के मुंह में जाता देख मां-बाप का बुरा हाल हो गया।
विज्ञापन

बच्ची को बचाने की जिम्मेदारी अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड की टीम के हवाले कर दी गई। एसएनसीयू टीम के डॉ. सुमित सचान, डॉ. केशव और डॉ. दीपक ने टीम के साथ बच्ची का शिफ्टवार उपचार शुरू किया। 20 जून को भर्ती बच्ची को वार्ड में लगातार पचास दिनों तक रखा गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

डॉ. सुमित ने बताया कि जन्म के समय वजन महज 850 ग्राम था। स्थिति ऐसी थी कि कुछ भी हो सकता था। टीम ने उपचार और देखभाल में बहुत मेहनत की, जिसकी वजह से बच्ची को नया जीवन मिला। गत गुरुवार को बच्ची को पूरी तरह से ठीक होने के बाद डिस्चार्ज कर दिया गया।
एक साल में 649 नवजातों की बचाई गई जान
जिला महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. फौजिया अंजुम नोमानी ने बताया कि एसएनसीयू वार्ड में अप्रैल 2020 से मार्च 2021 तक 878 नवजात शिशुओं को भर्ती करके उपचार किया गया। इसमें 123 बच्चों का वजन डेढ़ किलो और 348 बच्चों का वजन ढाई किलो के अंदर था। इनमें 649 बच्चे पूरी तरह से ठीक हो गए।

160 को उच्च चिकित्सा के लिए रेफर किया गया। उन्होंने वार्ड की टीम की प्रशंसा करते हुए कहा कि टीम बहुत मेहनती है और अपनी जिम्मेदारी को बखूबी निभा रही है। उन्होंने बताया कि वार्ड में बेडो की संख्या बढ़ाकर पंद्रह किए जाने को उन्होंने स्वास्थ्य निदेशक को पत्र लिखा है। अभी भी बेड से ज्यादा संख्या में नवजात बच्चे इस वार्ड में भर्ती हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed