फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hamirpur News ›   self employment news two lady start balini milk company

बुंदेलखंड में दो महिलाओं ने किया कमाल: 24 हजार लोगों को दिया रोजगार, दो साल में एक अरब की हुई दुग्ध उत्पादन कंपनी

Thu, 12 Aug 2021 12:01 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हमीरपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हमीरपुर Published by: शिखा पांडेय Updated Thu, 12 Aug 2021 12:01 PM IST
सार

दो साल में ही कंपनी एक अरब रुपये की हो गई है। साल में एक अरब की हुई कंपनी ने बुंदेलखंड के 613 गांवों में दुग्ध उत्पादन से जुड़ी महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया है।

विज्ञापन
self employment news two lady start balini milk company
अंजनी और उमाकांती - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हमीरपुर जिले में सुमेरपुर ब्लॉक के कुड़ौरा गांव निवासी हाईस्कूल पास अंजनी और बांकी निवासी बीटीसी का प्रशिक्षण ले चुकीं उमाकांती ने बलिनी डेरी से जुड़कर तमाम महिलाओं को आर्थिक रूप से समृद्ध बनाने का काम किया है। उनके प्रयास से बुंदेलखंड में बीते 10 वर्षों से फेल चल रहीं दुग्ध समितियों के स्थान पर बलिनी दुग्ध उत्पादन कंपनी के लिए नई समितियां बनीं और हजारों की संख्या में महिलाएं स्वयं सहायता समूहों के जरिए जुड़कर आर्थिक रूप से समृद्ध हुईं।
विज्ञापन


दो साल में ही कंपनी एक अरब रुपये की हो गई है। साल में एक अरब की हुई कंपनी ने बुंदेलखंड के 613 गांवों में दुग्ध उत्पादन से जुड़ी महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया है। वर्ष 2019 में बलिनी दुग्ध उत्पादन कंपनी की शुरुआत हुई और सिर्फ दो साल में कंपनी एक अरब रुपये की हो गई है।
विज्ञापन


राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) और नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड नई दिल्ली के सहयोग से बलिनी दुग्ध उत्पादन कंपनी की शुरुआत जनवरी 2019 में बुंदेलखंड के पांच जिलों हमीरपुर, बांदा, झांसी, जालौन व चित्रकूट में एक साथ हुई।
विज्ञापन
विज्ञापन


अब यह बुंदेलखंड के सातों जिलों में संचालित है। एनआरएलएम के जिला प्रबंधक प्रशांत मिश्रा ने बताया कि दो वर्ष में कंपनी एक अरब रुपये जुटा चुकी है। इसमें बोर्ड आफ डायरेक्टर बनाई गई अंजनी और उमाकांती का अहम योगदान है। दोनों ने जिले के साथ दूसरे जनपदों में स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को इस मुहिम से जोड़ा।

इससे अधिक मात्रा में दुग्ध कलेक्शन किया जा सका और पशु पालक महिलाओं के लाभान्वित होने के साथ कंपनी भी लाभ में पहुंच गई। अंजनी व उमाकांती खुद पशुपालन कर दुग्ध उत्पादन के काम से जुड़ी थीं। इसीलिए शुरुआत में सर्वे के दौरान ही पात्रता के आधार पर उनका चयन बोर्ड आफ डायरेक्टर के पद पर किया गया।


इसके बाद उनके अथक प्रयास से कंपनी ने यह मुकाम हासिल किया। सबसे बड़ी बात ये है कि बीते 10 वर्षों में क्षेत्र में तमाम दुग्ध समितियां निष्क्रिय हो गईं, लेकिन इन दोनों और समूह की महिलाओं के प्रयास से नई समितियां बनने के साथ लाभ भी कमा रहीं हैं। उन्होंने बताया कि बुंदेलखंड क्षेत्र में जहां एक ओर रोजगार के अभाव में जबरदस्त पलायन की समस्या है, वहीं दूसरी ओर इसी क्षेत्र के करीब 613 गांवों की 24 हजार से अधिक महिलाएं दूध उत्पादन के काम से जुड़कर आत्मनिर्भर हुई हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed