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Hamirpur News: संपूर्ण समाधान दिवस, 50 में मात्र 5 शिकायतों का निस्तारण
Sat, 18 Oct 2025 11:54 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर
Updated Sat, 18 Oct 2025 11:54 PM IST
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राठ। तहसील सभागार में डीएम घनश्याम मीणा की अध्यक्षता में संपूर्ण समाधान दिवस आयोजित हुआ। 50 शिकायती पत्र आए जिनमें मौके पर मात्र 5 का समाधान हुआ।
सिकंदरपुरा मोहल्ला की उर्मिला देवी ने बताया कि 15 साल से जीजीआईसी में सरोइया थीं। उन्हें बिना किसी कारण के बीच सत्र से अलग कर दिया गया है। पति शिवराज गुप्ता दिव्यांग हैं। परिवार के सामने भरण पोषण की समस्या पैदा हो गई है। सिकंदरपुरा मोहल्ला निवासी सत्यनारायण गुप्ता ने बताया कि व्यापारी हैं। आरोप लगाया कि दो लोग उनकी समाजिक प्रतिष्ठा को क्षति पहुंचाने की धमकी दे रहे। आहत होकर आत्महत्या का प्रयास किया। रिश्तेदार व परिजनों ने बचा लिया। नगर निवासी महिला ने दो युवकों पर बेटी के साथ छेड़छाड़ का आरोप लगाया। बताया कि पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही। जरिया थाने के एक गांव निवासी व्यक्ति ने तीन युवकों पर 13 अक्टूबर की रात अपनी दो बेटियों व एक भतीजी से दुष्कर्म करने का आरोप लगाते हुए प्रार्थना पत्र दिया। आरोप लगाया कि पुलिस दुष्कर्म को प्रेम प्रसंग बताकर राजीनामा का दबाव बना रही है। औंड़ेरा रोड स्थित सेठ छोटेलाल एकेडमी के प्रबंधक धीरेंद्र कुमार श्रीवास्तव ने सड़क के पुनर्निर्माण की मांग की है। बताया कि औंड़ेरा रोड की मुख्य सड़क जर्जर है। बारिश में जलभराव से पूरी सड़क टूट गई है। दुर्घटनाओं की संभावना बनी हुई है। औंड़ेरा गांव के करन सिंह ने ग्राम प्रधान व उसके साथियों पर खेत में खड़ी मूंगफली की फसल गोशाला के मवेशियों से नष्ट कराने का आरोप लगाया है। सीएमओ डॉ गीतम सिंह, सीओ राजीव प्रताप सिंह, मंडी सचिव राजेश कुमार, डॉ अखिलेश कुमार सिंह, मझगवां थानाध्यक्ष दिनेश पांडेय, संतोष कुमार चिकासी आदि रहे।
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मां के हत्याकांड के खुलासे की मांग लेकर पहुंची बेटी
संपूर्ण समाधान दिवस में बौखर गांव निवासी पूजा देवी ने डीएम को प्रार्थना पत्र दिया। बताया कि वह हैदराबाद में रेलवे में कर्मचारी हैं। गांव में मां व पिता रहते थे। 20 सितंबर की रात पिता नंदराम चित्रकूट गए थे। तभी रात में उनकी मां शीलारानी की बंधक बनाकर हत्या कर दी गई थी। बताया कि अभीतक पुलिस हत्यारों का पता नहीं लगा पाई है। गांव में भय व्याप्त है और उनका परिवार गांव से पलायन कर गया है। मां के हत्यारों का पता लगाने व सख्त कार्रवाई की मांग की है।
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पहचान के बिना गुमनाम जिंदगी जी रहे 35 परिवार
- मतदाता हैं पर नहीं मिल रहा सरकारी योजनाओं का लाभ
संवाद न्यूज एजेंसी
राठ। सड़क पर जन्म लेना और सड़क पर ही दम तोड़ देना 35 परिवारों की नियत बन चुकी है। मतदान का अधिकार है पर वर्ग व जाति की पहचान नहीं। इन परिवारों ने समाधान दिवस में डीएम से पहचान दिलाने की गुहार लगाई है।
नगर में विभिन्न सड़कों किनारे झुग्गी बनाकर रहने वाले राहुल, फूलसिंह, गयादीन, गुड्डी, रज्जो, सोना, सूबी, कस्तूरी, सोना, मीरा, रामसिंह, विल्ला, शेरा, हुकुम सिंह आदि ने समाधान दिवस में जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र दिया। बताया कि 35 वर्षों से सड़क किनारे झुग्गी बनाकर रहते हैं। उनके बच्चे सड़क पर जन्मते हैं और मौत भी सड़क पर ही होती है। उन्हें राजस्थानी कहा जाता है जबकि वह लोग कभी राजस्थान नहीं गए। सरकारी दस्तावेजों में उनकी जाति व वर्ग का निर्धारण नहीं है। केंद्र व प्रदेश सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं से वंचित हैं। जबकि सभी निर्वाचन में मतदाता हैं और अपने मताधिकार का प्रयोग करते हैं। सरकारी दस्तावेजों में उनकी जाति व वर्ग निर्धारित कराने, आवास के लिए भूमि आवंटन व सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने की मांग की है।
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सिकंदरपुरा मोहल्ला की उर्मिला देवी ने बताया कि 15 साल से जीजीआईसी में सरोइया थीं। उन्हें बिना किसी कारण के बीच सत्र से अलग कर दिया गया है। पति शिवराज गुप्ता दिव्यांग हैं। परिवार के सामने भरण पोषण की समस्या पैदा हो गई है। सिकंदरपुरा मोहल्ला निवासी सत्यनारायण गुप्ता ने बताया कि व्यापारी हैं। आरोप लगाया कि दो लोग उनकी समाजिक प्रतिष्ठा को क्षति पहुंचाने की धमकी दे रहे। आहत होकर आत्महत्या का प्रयास किया। रिश्तेदार व परिजनों ने बचा लिया। नगर निवासी महिला ने दो युवकों पर बेटी के साथ छेड़छाड़ का आरोप लगाया। बताया कि पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही। जरिया थाने के एक गांव निवासी व्यक्ति ने तीन युवकों पर 13 अक्टूबर की रात अपनी दो बेटियों व एक भतीजी से दुष्कर्म करने का आरोप लगाते हुए प्रार्थना पत्र दिया। आरोप लगाया कि पुलिस दुष्कर्म को प्रेम प्रसंग बताकर राजीनामा का दबाव बना रही है। औंड़ेरा रोड स्थित सेठ छोटेलाल एकेडमी के प्रबंधक धीरेंद्र कुमार श्रीवास्तव ने सड़क के पुनर्निर्माण की मांग की है। बताया कि औंड़ेरा रोड की मुख्य सड़क जर्जर है। बारिश में जलभराव से पूरी सड़क टूट गई है। दुर्घटनाओं की संभावना बनी हुई है। औंड़ेरा गांव के करन सिंह ने ग्राम प्रधान व उसके साथियों पर खेत में खड़ी मूंगफली की फसल गोशाला के मवेशियों से नष्ट कराने का आरोप लगाया है। सीएमओ डॉ गीतम सिंह, सीओ राजीव प्रताप सिंह, मंडी सचिव राजेश कुमार, डॉ अखिलेश कुमार सिंह, मझगवां थानाध्यक्ष दिनेश पांडेय, संतोष कुमार चिकासी आदि रहे।
मां के हत्याकांड के खुलासे की मांग लेकर पहुंची बेटी
संपूर्ण समाधान दिवस में बौखर गांव निवासी पूजा देवी ने डीएम को प्रार्थना पत्र दिया। बताया कि वह हैदराबाद में रेलवे में कर्मचारी हैं। गांव में मां व पिता रहते थे। 20 सितंबर की रात पिता नंदराम चित्रकूट गए थे। तभी रात में उनकी मां शीलारानी की बंधक बनाकर हत्या कर दी गई थी। बताया कि अभीतक पुलिस हत्यारों का पता नहीं लगा पाई है। गांव में भय व्याप्त है और उनका परिवार गांव से पलायन कर गया है। मां के हत्यारों का पता लगाने व सख्त कार्रवाई की मांग की है।
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पहचान के बिना गुमनाम जिंदगी जी रहे 35 परिवार
- मतदाता हैं पर नहीं मिल रहा सरकारी योजनाओं का लाभ
संवाद न्यूज एजेंसी
राठ। सड़क पर जन्म लेना और सड़क पर ही दम तोड़ देना 35 परिवारों की नियत बन चुकी है। मतदान का अधिकार है पर वर्ग व जाति की पहचान नहीं। इन परिवारों ने समाधान दिवस में डीएम से पहचान दिलाने की गुहार लगाई है।
नगर में विभिन्न सड़कों किनारे झुग्गी बनाकर रहने वाले राहुल, फूलसिंह, गयादीन, गुड्डी, रज्जो, सोना, सूबी, कस्तूरी, सोना, मीरा, रामसिंह, विल्ला, शेरा, हुकुम सिंह आदि ने समाधान दिवस में जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र दिया। बताया कि 35 वर्षों से सड़क किनारे झुग्गी बनाकर रहते हैं। उनके बच्चे सड़क पर जन्मते हैं और मौत भी सड़क पर ही होती है। उन्हें राजस्थानी कहा जाता है जबकि वह लोग कभी राजस्थान नहीं गए। सरकारी दस्तावेजों में उनकी जाति व वर्ग का निर्धारण नहीं है। केंद्र व प्रदेश सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं से वंचित हैं। जबकि सभी निर्वाचन में मतदाता हैं और अपने मताधिकार का प्रयोग करते हैं। सरकारी दस्तावेजों में उनकी जाति व वर्ग निर्धारित कराने, आवास के लिए भूमि आवंटन व सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने की मांग की है।