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शासन को पत्र भेजकर 20 नई रोडवेज बसों की मांग की
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हमीरपुर। जनपद में शहर के साथ 80 फीसदी आबादी रेलवे की सुविधा से दूर है। इसके चलते अधिकांश परिवहन रोडवेज की बसों पर निर्भर है। वहीं जनपद में ज्यादातर बसें खटारा हैं, जो अपने गंतव्य तक न पहुंचे से पहले ही रास्ते में ही खड़ी हो जाती हैं। ऐसे में डिपो अपने निर्धारित किलोमीटर पूरा करने में नाकाम है। शहर के रोडवेज डिपो में 20 नई बसों की जरूरत है। जिसे पूरा करने के लिए एआरएम ने अधिकारियों को पत्र भेजा है।
जनपद मुख्यालय दो नदियों यमुना व बेतवा के बीच बसा होने से यहां रेलवे लाइन की सुविधा नहीं है। इसके साथ ही पूरे जनपद में सिर्फ सुमेरपुर व मौदहा कस्बे ऐसे हैं जहां से बांदा-कानपुर रेल लाइन गुजरती है। बाकी जनपद में यात्रा परिवहन निगम की रोडवेज बसों या फिर डग्गामार वाहनों से संचालित होती है। इधर परिवहन निगम में ज्यादातर बसें क्षमता से दोगुना किलोमीटर पूरा कर चुकी हैं। जिससे यात्रियों को इन्हीं खटारा बसों में यात्रा करने के लिए मजबूर हैं। खटारा बसें अक्सर खराब हो जाती हैं। जिससे यात्रियों को परेशानी हो रही है।
एआरएम अकील अहमद ने बताया कि बांदा रीजन में 100 बसों की डिमांड की गई है। उनके पास ज्यादातर बसें कंडम हो चुकी हैं। जो आए दिन वर्कशाप या फिर बीच रास्ते में खड़ी रहती हैं। उन्होंने विभागीय उच्चाधिकारियों को भेजे पत्र में 20 नई बसों की मांग की है। साथ ही इतनी जर्जर बसों को वापस लेने की मांग की है।
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जनपद मुख्यालय दो नदियों यमुना व बेतवा के बीच बसा होने से यहां रेलवे लाइन की सुविधा नहीं है। इसके साथ ही पूरे जनपद में सिर्फ सुमेरपुर व मौदहा कस्बे ऐसे हैं जहां से बांदा-कानपुर रेल लाइन गुजरती है। बाकी जनपद में यात्रा परिवहन निगम की रोडवेज बसों या फिर डग्गामार वाहनों से संचालित होती है। इधर परिवहन निगम में ज्यादातर बसें क्षमता से दोगुना किलोमीटर पूरा कर चुकी हैं। जिससे यात्रियों को इन्हीं खटारा बसों में यात्रा करने के लिए मजबूर हैं। खटारा बसें अक्सर खराब हो जाती हैं। जिससे यात्रियों को परेशानी हो रही है।
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एआरएम अकील अहमद ने बताया कि बांदा रीजन में 100 बसों की डिमांड की गई है। उनके पास ज्यादातर बसें कंडम हो चुकी हैं। जो आए दिन वर्कशाप या फिर बीच रास्ते में खड़ी रहती हैं। उन्होंने विभागीय उच्चाधिकारियों को भेजे पत्र में 20 नई बसों की मांग की है। साथ ही इतनी जर्जर बसों को वापस लेने की मांग की है।
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