{"_id":"6924aabd9d896f905c066389","slug":"red-sacrifice-of-kusmara-during-duty-earthly-body-will-reach-village-today-hamirpur-news-c-223-1-hmp1028-132902-2025-11-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hamirpur News: ड्यूटी के दौरान कुसमरा का लाल बलिदानी, आज गांव पहुंचेगा पार्थिव शरीर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hamirpur News: ड्यूटी के दौरान कुसमरा का लाल बलिदानी, आज गांव पहुंचेगा पार्थिव शरीर
विज्ञापन
कुरारा (हमीरपुर)। थाना क्षेत्र के कुसमरा गांव का लाल ड्यूटी के दौरान गोली लगने से बलिदानी हो गया। सूचना मिलते ही पूरे गांव में मातम छा गया। सोमवार सुबह जैसे ही बलिदान की खबर गांव पहुंची, तो घर पर ग्रामीणों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई। हर किसी की आंखें नम हैं और वातावरण गमगीन बना हुआ है।
कुसमरा गांव के गोविंद यादव (32) 2013 में भारतीय सेना में भर्ती हुए थे। उनकी तैनाती इस समय जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा सेक्टर में थी। बताया जा रहा है कि 23 नवंबर की शाम ड्यूटी के दौरान गोली लगने से वह बलिदानी हो गए। सेना अधिकारियों द्वारा फोन पर सूचना मिलने के बाद से घर में कोहराम मचा हुआ है। बलिदानी की पत्नी, छोटे भाई-बहन और बुजुर्ग माता-पिता बदहवास अवस्था में हैं। शहीद गोविंद यादव अपने पीछे एक छोटी बेटी और पत्नी को छोड़ गए हैं। परिवार वालों की मानें तो सेना के अधिकारियों द्वारा उनका पार्थिव शरीर सेना के वाहन से गांव लाया जा रहा है। पार्थिव शरीर पहुंचने के बाद पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा। बलिदान की खबर फैलते ही पूरा गांव शोक में डूब गया है। ग्रामीणों को दुख के साथ-साथ अपने बेटे पर गर्व भी है। लोग बलिदानी की अंतिम झलक देखने व उन्हें श्रद्धांजलि देने का इंतजार कर रहे हैं।
विज्ञापन
कुसमरा गांव के गोविंद यादव (32) 2013 में भारतीय सेना में भर्ती हुए थे। उनकी तैनाती इस समय जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा सेक्टर में थी। बताया जा रहा है कि 23 नवंबर की शाम ड्यूटी के दौरान गोली लगने से वह बलिदानी हो गए। सेना अधिकारियों द्वारा फोन पर सूचना मिलने के बाद से घर में कोहराम मचा हुआ है। बलिदानी की पत्नी, छोटे भाई-बहन और बुजुर्ग माता-पिता बदहवास अवस्था में हैं। शहीद गोविंद यादव अपने पीछे एक छोटी बेटी और पत्नी को छोड़ गए हैं। परिवार वालों की मानें तो सेना के अधिकारियों द्वारा उनका पार्थिव शरीर सेना के वाहन से गांव लाया जा रहा है। पार्थिव शरीर पहुंचने के बाद पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा। बलिदान की खबर फैलते ही पूरा गांव शोक में डूब गया है। ग्रामीणों को दुख के साथ-साथ अपने बेटे पर गर्व भी है। लोग बलिदानी की अंतिम झलक देखने व उन्हें श्रद्धांजलि देने का इंतजार कर रहे हैं।
विज्ञापन