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बारिश से तिल-ज्वार की फसलें बर्बाद
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हमीरपुर। जनपद में एक सप्ताह से हो रही लगातार बारिश से हजारों हेक्टेयर में खड़ी खरीफ फसलों को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। वहीं सबसे ज्यादा बोई गई तिल की फसल नष्ट हो गई है। इस साल हो रही अच्छी बारिश से भूजल स्तर ऊपर उठने संभावना है। वहीं मूसलाधार बारिश से खेत खलिहान लबालब हो गए हैं।
सड़कों व गांवों के आम रास्ते कीचड़ से भरे हैं। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार इस वर्ष अभी तक 750 एमएम बारिश रिकार्ड की जा चुकी है। बारिश के क्रम जारी है। बारिश से जनपद में तेजी से घट रहा भूगर्भ जल स्तर सामान्य होने की उम्मीद है। सूखे की मार झेल रहे जनपद में इस वर्ष हरियाली नजर आ रही है। हालांकि अधिक बारिश होने से करीब 45 हजार हेक्टेयर में खड़ी तिल की फसल पूरी तरह से नष्ट हो गई है।
पत्योरा के किसान राजेंद्र द्विवेदी, शिवनरायन मिश्रा, गज्जा निषाद, बलराम आदि ने बताया लगातार बारिश हो रही है। कभी कम तो कभी ज्यादा। जिससे तिल की सारी फसलें नष्ट हो गई हैं। जिस पर फसल बीमा कंपनी को दावा किया है। बताया कई वर्षों बाद इस बार अच्छी बारिश हुई है। कहा फसल खराब होने का गम नहीं है। खुशी इस बात की है कि इस वर्ष बारिश ने सब कुछ हरा भरा कर दिया है। देवगांव निवासी किसान गोपाल सिंह, मदन सिंह ने बताया बुधवार से शुरू बारिश से तिल व ज्वार की फसलें खेतों में बिछ गईं हैं। बताया खेत खलिहान पानी से लबालब हो गए हैं।
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जिले में अच्छी बारिश हो रही है। मौसम विभाग की ओर से अभी दो दिन और बारिश की संभावना है। कहा अभी तक 750 एमएम बारिश रिकार्ड की जा चुकी है। जिन किसानों के खेतों में पानी भरा हो तो मेड़ काटकर पानी निकाल दें। जिनकी फसलें बारिश में खराब हुई हैं। वह 72 घंटे के अंदर फसल दावा अपने नजदीकी कृषि इर्का में जमा कर दें। जिससे संबंधित बीमा कंपनी से सर्वे कराकर फसल क्षति का मुआवजा दिलाया जा सके। -डा. सरस कुमार तिवारी, उप कृषि निदेशक
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सड़कों व गांवों के आम रास्ते कीचड़ से भरे हैं। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार इस वर्ष अभी तक 750 एमएम बारिश रिकार्ड की जा चुकी है। बारिश के क्रम जारी है। बारिश से जनपद में तेजी से घट रहा भूगर्भ जल स्तर सामान्य होने की उम्मीद है। सूखे की मार झेल रहे जनपद में इस वर्ष हरियाली नजर आ रही है। हालांकि अधिक बारिश होने से करीब 45 हजार हेक्टेयर में खड़ी तिल की फसल पूरी तरह से नष्ट हो गई है।
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पत्योरा के किसान राजेंद्र द्विवेदी, शिवनरायन मिश्रा, गज्जा निषाद, बलराम आदि ने बताया लगातार बारिश हो रही है। कभी कम तो कभी ज्यादा। जिससे तिल की सारी फसलें नष्ट हो गई हैं। जिस पर फसल बीमा कंपनी को दावा किया है। बताया कई वर्षों बाद इस बार अच्छी बारिश हुई है। कहा फसल खराब होने का गम नहीं है। खुशी इस बात की है कि इस वर्ष बारिश ने सब कुछ हरा भरा कर दिया है। देवगांव निवासी किसान गोपाल सिंह, मदन सिंह ने बताया बुधवार से शुरू बारिश से तिल व ज्वार की फसलें खेतों में बिछ गईं हैं। बताया खेत खलिहान पानी से लबालब हो गए हैं।
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जिले में अच्छी बारिश हो रही है। मौसम विभाग की ओर से अभी दो दिन और बारिश की संभावना है। कहा अभी तक 750 एमएम बारिश रिकार्ड की जा चुकी है। जिन किसानों के खेतों में पानी भरा हो तो मेड़ काटकर पानी निकाल दें। जिनकी फसलें बारिश में खराब हुई हैं। वह 72 घंटे के अंदर फसल दावा अपने नजदीकी कृषि इर्का में जमा कर दें। जिससे संबंधित बीमा कंपनी से सर्वे कराकर फसल क्षति का मुआवजा दिलाया जा सके। -डा. सरस कुमार तिवारी, उप कृषि निदेशक