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भाजपा के सिर सजा अध्यक्षी का ताज, जयंती जीतीं
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हमीरपुर। जिला पंचायत अध्यक्ष की सीट पर जयंती राजपूत ने राजनैतिक गहमागहमी के बीच शानदार जीत दर्ज कराई। वह दोबारा इस सीट पर काबिज हुई हैं। उन्हें 17 मतों में 11 मत मिले, जबकि निषाद पार्टी के प्रत्याशी दुष्यंत सिंह के खाते में सिर्फ 6 मत आए हैं।
जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए शनिवार को कलेक्ट्रेट में मतदान हुआ। सबसे पहले भाजपा समर्थित प्रत्याशी जयंती राजपूत अपने सदस्यों के साथ वोटिंग में हिस्सा लेने पहुंचीं। उनके साथ राठ विधायक मनीषा अनुरागी, सदर विधायक युवराज सिंह भी मौजूद रहे। इसके बाद भाजपा समर्थित सदस्य विजय पांडेय वोट डालने अकेले कलेक्ट्रेट पहुंचे। वह कुछ ही देर बाद वोट डालकर वापस आए। वोट डालने अखिलेश यादव की रिश्तेदार वंदना यादव भी अपने सदस्यों के साथ पहुंचीं। इसी बीच निषाद पार्टी के प्रत्याशी दुष्यंत सिंह भी आए। मतदान करने के बाद इन लोगों को बाहर कर दिया गया था।
लेकिन बाद में मतगणना से पहले निषाद पार्टी के प्रत्याशी व भाजपा प्रत्याशी को कलेक्ट्रेट के अंदर मतगणना स्थल पर बुलवाया गया। मतगणना के बाद समर्थक सदस्यों के साथ जयंती राजपूत कलक्ट्रेट गेट से बाहर निकलीं। जहां उन्होंने बताया जिला पंचायत बोर्ड में कुल 17 सदस्यों में से उन्हें 11 व दुष्यंत सिंह को छह मत मिले हैं। चुनाव जीतने के बाद उन्होंने कहा वह जिले की सैदपुर क्षेत्र से जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ी।
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कहा क्षेत्र में चुनाव के दौरान तीन-तीन बार गांव गांव गईं। जहां उन्हें सबसे ज्यादा पेयजल समस्या की शिकायतों का सामना करना पड़ा। कहा अभी तमाम गांवों के आम रास्तों में सीसी या इंटरलाकिंग नहीं है। उन्होंने कहा कि उन्हें 11 सदस्यों का साथ मिला है। उनके विश्वास में खरा उतरेंगी और समूचे ग्रामीण क्षेत्रों का विकास करने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी।
25 सितंबर 2018 को पहली बार ली थी शपथ
हमीरपुर। नवनिर्वाचित जिला पंचायत अध्यक्ष जयंती राजपूत करीब ढाई साल पहले भी जिला पंचायत की कुर्सी पर काबिज हो चुकी है। तब वह सपा की वंदना यादव के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाकर अध्यक्ष पद की सीट पर बैठीं थीं। तब 25 सितंबर 2018 को जयंती राजपूत को अध्यक्ष पद की शपथ समारोह कलक्ट्रेट में धूमधाम के साथ हुआ।
केंद्रीय राज्यमंत्री साध्वी निरंजन ज्योति की मौजूदगी में जिलाधिकारी ने पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई थी। लेकिन बाद में यह मामला हाईकोर्ट पहुंचा था। जहां से पिछले साल दिसंबर में अविश्वास प्रस्ताव के बाद कराए गए जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव को हाईकोर्ट ने अवैध घोषित कर दिया था। हाईकोर्ट के आदेश के कुछ माह बाद वंदना यादव जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर फिर काबिज हो गईं थी। तभी से जयंती राजपूत को दोबारा सीट पर काबिज कराने के लिए भाजपा के स्थानीय नेताओं ने यहां पूरी ताक झोंक दी थी।
पति ने जयंती को पहनाई माला
चुनाव जीतने के बाद नवनिर्वाचित जिला पंचायत अध्यक्ष को भाजपा की महिला पदाधिकारी फूलमाला पहनाकर उनका स्वागत कर रही थी। तो पुरुष समर्थक फूल देकर उनका स्वागत कर रहे थे। ऐसे में अध्यक्ष के पति संतराम राजपूत अपने को नहीं रोक पाए और उन्होंने भी निर्वाचित अध्यक्ष धर्मपत्नी को फूल माला गले में पहनाकर स्वागत किया। इस पल को जिसने भी देखा, उसने सराहा। भाजपा प्रत्याशी जयंती राजपूत को जिला निर्वाचन अधिकारी ने विजयी प्रमाणपत्र दिया। भाजपा कार्यकर्ताओं ने जय श्रीराम के नारे लगाए।
बंदी में खूब बिकी शराब
बंदी के दौरान कलक्ट्रेट के बाहर व अन्य स्थानों पर सभी प्रकार के प्रतिष्ठान पूरी तरह से बंद रहे। मगर कलक्ट्रेट के बाहर मुख्य मार्ग में देसी, अंग्रेजी और बीयर की दुकानें खुली रहीं। जिससे समर्थकों को इसके लिए इधर-उधर भटकना नहीं पड़ा। शराब तो उन्हें आसानी से मिल गई। मगर गिलास व चखना न मिलने पर इधर से उधर भटके। साथ ठेकों में जमकर लोगों की भीड़ भी रही।
पहले से रूट नहीं किया निर्धारित
चुनाव को लेकर पुलिस व यातायात विभाग ने पहले से रूट निर्धारित नहीं किया। जिससे आम लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ी। लक्ष्मीबाई, तहसील तिराहा, बस स्टैंड, अमनशहीद और आकिल तिराहे में मोबाइल बैरियर लगाकर चार पहिया वाहनों को नहीं निकलने दिया गया। बाहर से आने वाले लोग क्षीरसागर गेस्टहाउस से बंगाली मोहाल होते हुए सुभाष बाजार से कोतवाली होते हुए कुरारा मार्ग को निकले। जाने वालों को भी इसी मार्ग से जाना पड़ा। पुलिस अगर पहले से रूट निर्धारित कर देती तो लोगों को परेेशानी न उठानी पड़ती।
सपा और निषाद पार्टी ने धांधली के लगाए आरोप
जिले की जलालपुर सीट से निर्वाचित हुई वंदना यादव ने मतदान के बाद आरोप लगाया कि भाजपा प्रत्याशी के दबाव में प्रशासन रहा। मतदान में धांधली की है। जबरदस्ती वोट डलवाए गए हैं। निषाद पार्टी के प्रत्याशी दुष्यंत सिंह को कलेक्ट्रेट के अंदर से बाहर कराया गया है। उन्होंने कहा इसकी शिकायत पार्टी मुख्यालय भेजी जा रही है। वहीं निषाद पार्टी के प्रत्याशी दुष्यंत सिंह ने कहा कि मतदान में पारदर्शिता नहीं की गई है। पार्टी के विधायक अंदर मौजूद रहे लेकिन उन्हें बाहर कर दिया गया है। निषाद पार्टी के कार्यकर्ताओं ने भी सड़क पर विरोध करते हुए जमकर नारेबाजी की है।
वोटरों के चेक किए प्रमाण पत्र
शनिवार को हुए मतदान में कलक्ट्रेट के मुख्य गेट पर तैनात ललपुरा प्रभारी ओमप्रकाश यादव ने सभी सदस्यों व प्रत्याशियों के प्रमाणपत्र चेक किए। जांच पड़ताल के बाद ही अंदर जाने दिया।
दो गज दूरी की उड़ी धज्जियां
जिला पंचायत अध्यक्ष पद के मतदान में भाजपाइयों ने जमकर नियमों की धज्जियां उड़ाईं। कलक्ट्रेट के मुख्य गेट पर पुलिस फोर्स तैनात होने के बाद भी भाजपा सहित अन्य दलों की भीड़ लगी रही। जिसे हटाने का प्रयास नहीं किया गया। भाजपा प्रत्याशी जयंती राजपूत के मतदान केंद्र में पहुंचने से पहले उनके साथ सैकड़ों की संख्या में समर्थक नारेबाजी कर बिना मास्क के पहुंचे। जिसमें विधायकों के साथ जिलाध्यक्ष बृजकिशोर गुप्ता समेत अन्य भाजपाई मौजूद रहे।
मीडिया कर्मियों से अभद्रता
मतदान को लेकर सुबह करीब दस बजे से कलक्ट्रेट के मुख्य गेट पर सरगर्मी तेज हो गई। मतदान कवरेज को लेकर कलक्ट्रेट परिसर में जा रहे मीडिया कर्मियों से मुख्यगेट में तैनात डिप्टी कलेक्टर संजीव कुमार शाक्य की बहस हो गई। उन्होंने सभी मीडिया कर्मियों को गेट बाहर निकाल कर कवरेज को कहा। जिससे करीब 15 मिनट तक बहस चलती रही।
इन थानों का पुलिस फोर्स तैनात रहा
मतदान को शांतिपूर्ण कराने को लेकर एसपी नरेंद्र कुमार सिंह ने सुरक्षा को लेकर सदर सीओ अनुराग सिंह, सरीला सीओ विवेक यादव, छह इंस्पेक्टर, एक प्लाटून पीएसी, महिला सिपाही समेत एक सैकड़ा कांस्टेबल तैनात किए थे। मतदान को शांतिपूर्ण कराने के लिए कलक्ट्रेट को पांचों गेटों को सील करा दिया गया था।
दस सदस्यों के साथ पहुंचीं भाजपा प्रत्याशी
भाजपा प्रत्याशी जयंती राजपूत अपने दस सदस्यों के साथ कलक्ट्रेट के मुख्य गेट पहुंचीं। जहां राठ विधायक मनीषा अनुरागी ने प्रत्याशी जयंती राजपूत समेत अन्य सदस्यों को माला पहनाकर मतदान के लिए भेजा। प्रत्याशी के साथ मतदान करने गए सदस्यों में सुमन, सुनीता, रामदुलारी, अंजू पाल, हरिओम, अनुज थे।
10:58 पर कलक्ट्रेट पहुंचे प्रेक्षक
जिला पंचायत अध्यक्ष पद का शांतिपूर्ण मतदान कराने के लिए आईएएस श्रीशचंद्र वर्मा को प्रेक्षक बनाया गया था। शनिवार को अध्यक्ष पद का नामांकन सुबह दस बजे से शुरू हो गया। 10:58 पर प्रेक्षक अपनी स्कॉट के साथ कलक्ट्रेट के मुख्य गेट पर पहुंचे। जहां कलक्ट्रेट के मुख्य गेट में तैनात सिपाहियों ने गेट खोलकर प्रेक्षक को अंदर जाने दिया।
पानी व चाय के लिए तरसते रहे लोग
जिला पंचायत अध्यक्ष पद का मतदान होने के चलते ड्यूटी में तैनात सिपाही पानी पीने के लिए परेशान दिखे। वहीं कुछ सिपाही चाय की तलाश में भटकते नजर आए। वहीं मतदान के लिए लगाई गई बैरिकेडिंग से पैदल सामान लादकर आ रहे यात्रियों को चिलचिलाती धूप में पानी न मिलने से छाया में बैठकर हैंडपंपों से अपनी प्यास बुझानी पड़ी।
छाया में बैठे सिपाहियों को एसओ ने फटकारा
कलक्ट्रेट के मुख्य गेट पर तैनात सिपाही दोपहर करीब एक बजे समीप ही बंद पड़ी दुकानों के चबूतरे पर छाया में बैठ गए। वहां तैनात ललपुरा कोतवाल ओमप्रकाश यादव ने सिपाहियों को फटकार लगाते हुए ड्यूटी में ध्यान देने की बात कही। जिस पर कुछ सिपाहियों ने बहस की। मीडिया कर्मियों के पास पहुंचते ही सभी सतर्क हो गए।
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जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए शनिवार को कलेक्ट्रेट में मतदान हुआ। सबसे पहले भाजपा समर्थित प्रत्याशी जयंती राजपूत अपने सदस्यों के साथ वोटिंग में हिस्सा लेने पहुंचीं। उनके साथ राठ विधायक मनीषा अनुरागी, सदर विधायक युवराज सिंह भी मौजूद रहे। इसके बाद भाजपा समर्थित सदस्य विजय पांडेय वोट डालने अकेले कलेक्ट्रेट पहुंचे। वह कुछ ही देर बाद वोट डालकर वापस आए। वोट डालने अखिलेश यादव की रिश्तेदार वंदना यादव भी अपने सदस्यों के साथ पहुंचीं। इसी बीच निषाद पार्टी के प्रत्याशी दुष्यंत सिंह भी आए। मतदान करने के बाद इन लोगों को बाहर कर दिया गया था।
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लेकिन बाद में मतगणना से पहले निषाद पार्टी के प्रत्याशी व भाजपा प्रत्याशी को कलेक्ट्रेट के अंदर मतगणना स्थल पर बुलवाया गया। मतगणना के बाद समर्थक सदस्यों के साथ जयंती राजपूत कलक्ट्रेट गेट से बाहर निकलीं। जहां उन्होंने बताया जिला पंचायत बोर्ड में कुल 17 सदस्यों में से उन्हें 11 व दुष्यंत सिंह को छह मत मिले हैं। चुनाव जीतने के बाद उन्होंने कहा वह जिले की सैदपुर क्षेत्र से जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ी।
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कहा क्षेत्र में चुनाव के दौरान तीन-तीन बार गांव गांव गईं। जहां उन्हें सबसे ज्यादा पेयजल समस्या की शिकायतों का सामना करना पड़ा। कहा अभी तमाम गांवों के आम रास्तों में सीसी या इंटरलाकिंग नहीं है। उन्होंने कहा कि उन्हें 11 सदस्यों का साथ मिला है। उनके विश्वास में खरा उतरेंगी और समूचे ग्रामीण क्षेत्रों का विकास करने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी।
25 सितंबर 2018 को पहली बार ली थी शपथ
हमीरपुर। नवनिर्वाचित जिला पंचायत अध्यक्ष जयंती राजपूत करीब ढाई साल पहले भी जिला पंचायत की कुर्सी पर काबिज हो चुकी है। तब वह सपा की वंदना यादव के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाकर अध्यक्ष पद की सीट पर बैठीं थीं। तब 25 सितंबर 2018 को जयंती राजपूत को अध्यक्ष पद की शपथ समारोह कलक्ट्रेट में धूमधाम के साथ हुआ।
केंद्रीय राज्यमंत्री साध्वी निरंजन ज्योति की मौजूदगी में जिलाधिकारी ने पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई थी। लेकिन बाद में यह मामला हाईकोर्ट पहुंचा था। जहां से पिछले साल दिसंबर में अविश्वास प्रस्ताव के बाद कराए गए जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव को हाईकोर्ट ने अवैध घोषित कर दिया था। हाईकोर्ट के आदेश के कुछ माह बाद वंदना यादव जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर फिर काबिज हो गईं थी। तभी से जयंती राजपूत को दोबारा सीट पर काबिज कराने के लिए भाजपा के स्थानीय नेताओं ने यहां पूरी ताक झोंक दी थी।
पति ने जयंती को पहनाई माला
चुनाव जीतने के बाद नवनिर्वाचित जिला पंचायत अध्यक्ष को भाजपा की महिला पदाधिकारी फूलमाला पहनाकर उनका स्वागत कर रही थी। तो पुरुष समर्थक फूल देकर उनका स्वागत कर रहे थे। ऐसे में अध्यक्ष के पति संतराम राजपूत अपने को नहीं रोक पाए और उन्होंने भी निर्वाचित अध्यक्ष धर्मपत्नी को फूल माला गले में पहनाकर स्वागत किया। इस पल को जिसने भी देखा, उसने सराहा। भाजपा प्रत्याशी जयंती राजपूत को जिला निर्वाचन अधिकारी ने विजयी प्रमाणपत्र दिया। भाजपा कार्यकर्ताओं ने जय श्रीराम के नारे लगाए।
बंदी में खूब बिकी शराब
बंदी के दौरान कलक्ट्रेट के बाहर व अन्य स्थानों पर सभी प्रकार के प्रतिष्ठान पूरी तरह से बंद रहे। मगर कलक्ट्रेट के बाहर मुख्य मार्ग में देसी, अंग्रेजी और बीयर की दुकानें खुली रहीं। जिससे समर्थकों को इसके लिए इधर-उधर भटकना नहीं पड़ा। शराब तो उन्हें आसानी से मिल गई। मगर गिलास व चखना न मिलने पर इधर से उधर भटके। साथ ठेकों में जमकर लोगों की भीड़ भी रही।
पहले से रूट नहीं किया निर्धारित
चुनाव को लेकर पुलिस व यातायात विभाग ने पहले से रूट निर्धारित नहीं किया। जिससे आम लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ी। लक्ष्मीबाई, तहसील तिराहा, बस स्टैंड, अमनशहीद और आकिल तिराहे में मोबाइल बैरियर लगाकर चार पहिया वाहनों को नहीं निकलने दिया गया। बाहर से आने वाले लोग क्षीरसागर गेस्टहाउस से बंगाली मोहाल होते हुए सुभाष बाजार से कोतवाली होते हुए कुरारा मार्ग को निकले। जाने वालों को भी इसी मार्ग से जाना पड़ा। पुलिस अगर पहले से रूट निर्धारित कर देती तो लोगों को परेेशानी न उठानी पड़ती।
सपा और निषाद पार्टी ने धांधली के लगाए आरोप
जिले की जलालपुर सीट से निर्वाचित हुई वंदना यादव ने मतदान के बाद आरोप लगाया कि भाजपा प्रत्याशी के दबाव में प्रशासन रहा। मतदान में धांधली की है। जबरदस्ती वोट डलवाए गए हैं। निषाद पार्टी के प्रत्याशी दुष्यंत सिंह को कलेक्ट्रेट के अंदर से बाहर कराया गया है। उन्होंने कहा इसकी शिकायत पार्टी मुख्यालय भेजी जा रही है। वहीं निषाद पार्टी के प्रत्याशी दुष्यंत सिंह ने कहा कि मतदान में पारदर्शिता नहीं की गई है। पार्टी के विधायक अंदर मौजूद रहे लेकिन उन्हें बाहर कर दिया गया है। निषाद पार्टी के कार्यकर्ताओं ने भी सड़क पर विरोध करते हुए जमकर नारेबाजी की है।
वोटरों के चेक किए प्रमाण पत्र
शनिवार को हुए मतदान में कलक्ट्रेट के मुख्य गेट पर तैनात ललपुरा प्रभारी ओमप्रकाश यादव ने सभी सदस्यों व प्रत्याशियों के प्रमाणपत्र चेक किए। जांच पड़ताल के बाद ही अंदर जाने दिया।
दो गज दूरी की उड़ी धज्जियां
जिला पंचायत अध्यक्ष पद के मतदान में भाजपाइयों ने जमकर नियमों की धज्जियां उड़ाईं। कलक्ट्रेट के मुख्य गेट पर पुलिस फोर्स तैनात होने के बाद भी भाजपा सहित अन्य दलों की भीड़ लगी रही। जिसे हटाने का प्रयास नहीं किया गया। भाजपा प्रत्याशी जयंती राजपूत के मतदान केंद्र में पहुंचने से पहले उनके साथ सैकड़ों की संख्या में समर्थक नारेबाजी कर बिना मास्क के पहुंचे। जिसमें विधायकों के साथ जिलाध्यक्ष बृजकिशोर गुप्ता समेत अन्य भाजपाई मौजूद रहे।
मीडिया कर्मियों से अभद्रता
मतदान को लेकर सुबह करीब दस बजे से कलक्ट्रेट के मुख्य गेट पर सरगर्मी तेज हो गई। मतदान कवरेज को लेकर कलक्ट्रेट परिसर में जा रहे मीडिया कर्मियों से मुख्यगेट में तैनात डिप्टी कलेक्टर संजीव कुमार शाक्य की बहस हो गई। उन्होंने सभी मीडिया कर्मियों को गेट बाहर निकाल कर कवरेज को कहा। जिससे करीब 15 मिनट तक बहस चलती रही।
इन थानों का पुलिस फोर्स तैनात रहा
मतदान को शांतिपूर्ण कराने को लेकर एसपी नरेंद्र कुमार सिंह ने सुरक्षा को लेकर सदर सीओ अनुराग सिंह, सरीला सीओ विवेक यादव, छह इंस्पेक्टर, एक प्लाटून पीएसी, महिला सिपाही समेत एक सैकड़ा कांस्टेबल तैनात किए थे। मतदान को शांतिपूर्ण कराने के लिए कलक्ट्रेट को पांचों गेटों को सील करा दिया गया था।
दस सदस्यों के साथ पहुंचीं भाजपा प्रत्याशी
भाजपा प्रत्याशी जयंती राजपूत अपने दस सदस्यों के साथ कलक्ट्रेट के मुख्य गेट पहुंचीं। जहां राठ विधायक मनीषा अनुरागी ने प्रत्याशी जयंती राजपूत समेत अन्य सदस्यों को माला पहनाकर मतदान के लिए भेजा। प्रत्याशी के साथ मतदान करने गए सदस्यों में सुमन, सुनीता, रामदुलारी, अंजू पाल, हरिओम, अनुज थे।
10:58 पर कलक्ट्रेट पहुंचे प्रेक्षक
जिला पंचायत अध्यक्ष पद का शांतिपूर्ण मतदान कराने के लिए आईएएस श्रीशचंद्र वर्मा को प्रेक्षक बनाया गया था। शनिवार को अध्यक्ष पद का नामांकन सुबह दस बजे से शुरू हो गया। 10:58 पर प्रेक्षक अपनी स्कॉट के साथ कलक्ट्रेट के मुख्य गेट पर पहुंचे। जहां कलक्ट्रेट के मुख्य गेट में तैनात सिपाहियों ने गेट खोलकर प्रेक्षक को अंदर जाने दिया।
पानी व चाय के लिए तरसते रहे लोग
जिला पंचायत अध्यक्ष पद का मतदान होने के चलते ड्यूटी में तैनात सिपाही पानी पीने के लिए परेशान दिखे। वहीं कुछ सिपाही चाय की तलाश में भटकते नजर आए। वहीं मतदान के लिए लगाई गई बैरिकेडिंग से पैदल सामान लादकर आ रहे यात्रियों को चिलचिलाती धूप में पानी न मिलने से छाया में बैठकर हैंडपंपों से अपनी प्यास बुझानी पड़ी।
छाया में बैठे सिपाहियों को एसओ ने फटकारा
कलक्ट्रेट के मुख्य गेट पर तैनात सिपाही दोपहर करीब एक बजे समीप ही बंद पड़ी दुकानों के चबूतरे पर छाया में बैठ गए। वहां तैनात ललपुरा कोतवाल ओमप्रकाश यादव ने सिपाहियों को फटकार लगाते हुए ड्यूटी में ध्यान देने की बात कही। जिस पर कुछ सिपाहियों ने बहस की। मीडिया कर्मियों के पास पहुंचते ही सभी सतर्क हो गए।