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इंगोहटा जिला पंचायत सदस्य सीट से जुड़े सर्वाधिक गांव
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भरुआसुमेरपुर। ब्लॉक के चार जिला पंचायत सीटों में हुए बदलाव के कारण पौथिया सीट पर घमासान होना तय है। वहीं इंगोहटा सीट में अल्पसंख्यक बाहुल्य गांव अधिक जुड़ जाने से सपा का समीकरण एआईएमआईएम (आल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिममीन) बिगाड़ सकती है।
छानी सीट पर नजर लगाएं सामान्य वर्ग के लोगों को निराशा हाथ लगी है। पिछले चुनाव में छानी सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित थी। इस बार इसे पिछड़ी जाति महिला के लिए आरक्षित किया गया है और पौथिया सीट पिछले चुनाव में पिछड़ी जाति महिला के लिए आरक्षित थी। इस बार इस सीट को अनारक्षित की श्रेणी में रखा गया है। इस सीट पर इस बार सपा, बसपा, भाजपा, कांग्रेस के साथ आम आदमी पार्टी के दिग्गजों के बीच घमासान होने की पूरी संभावना है। ब्लॉक की इंगोहटा सीट पिछली बार की तरह इस बार भी अनारक्षित है। लेकिन इस सीट पर मुस्लिम बाहुल्य गांवों की अधिकता है। इस वजह से कुछ दिग्गज यहां से उतरने में हिचकिचा रहे है। पिछली बार इस सीट पर सपा के राकेश यादव सफल हुए थे। इस बार इस सीट पर सपा का समीकरण बिगाड़ने के लिए एआईएमआईएम उतारू है।
इस दल के नेताओं ने मुस्लिम प्रत्याशी उतारने का ऐलान किया है। इसके बाद भी सपा, बसपा, कांग्रेस इस सीट पर मजबूत उम्मीदवार उतारने की तैयारी कर रहे हैं। टेढ़ा सीट पिछली बार सामान्य थी। तब भाजपा के हरिओम सिंह सेंगर ने बसपा के रामफूल निषाद को हराया था। इस सीट पर बसपा के साथ सपा, भाजपा व कांग्रेस भी मजबूत उम्मीदवार उतारने की तैयारी में है। राजनीति के जानकारों का मानना है कि ब्लॉक के चारों जिला पंचायत सीटों पर विभिन्न दलों से समर्थित उम्मीदवारों के मध्य सीधा मुकाबला होगा। जिस तरह से राजनीतिक दलों के नेताओं की गतिविधियां इन सीटों पर सक्रिय हैं इससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि मुकाबला कड़ा होगा।
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छानी सीट पर नजर लगाएं सामान्य वर्ग के लोगों को निराशा हाथ लगी है। पिछले चुनाव में छानी सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित थी। इस बार इसे पिछड़ी जाति महिला के लिए आरक्षित किया गया है और पौथिया सीट पिछले चुनाव में पिछड़ी जाति महिला के लिए आरक्षित थी। इस बार इस सीट को अनारक्षित की श्रेणी में रखा गया है। इस सीट पर इस बार सपा, बसपा, भाजपा, कांग्रेस के साथ आम आदमी पार्टी के दिग्गजों के बीच घमासान होने की पूरी संभावना है। ब्लॉक की इंगोहटा सीट पिछली बार की तरह इस बार भी अनारक्षित है। लेकिन इस सीट पर मुस्लिम बाहुल्य गांवों की अधिकता है। इस वजह से कुछ दिग्गज यहां से उतरने में हिचकिचा रहे है। पिछली बार इस सीट पर सपा के राकेश यादव सफल हुए थे। इस बार इस सीट पर सपा का समीकरण बिगाड़ने के लिए एआईएमआईएम उतारू है।
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इस दल के नेताओं ने मुस्लिम प्रत्याशी उतारने का ऐलान किया है। इसके बाद भी सपा, बसपा, कांग्रेस इस सीट पर मजबूत उम्मीदवार उतारने की तैयारी कर रहे हैं। टेढ़ा सीट पिछली बार सामान्य थी। तब भाजपा के हरिओम सिंह सेंगर ने बसपा के रामफूल निषाद को हराया था। इस सीट पर बसपा के साथ सपा, भाजपा व कांग्रेस भी मजबूत उम्मीदवार उतारने की तैयारी में है। राजनीति के जानकारों का मानना है कि ब्लॉक के चारों जिला पंचायत सीटों पर विभिन्न दलों से समर्थित उम्मीदवारों के मध्य सीधा मुकाबला होगा। जिस तरह से राजनीतिक दलों के नेताओं की गतिविधियां इन सीटों पर सक्रिय हैं इससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि मुकाबला कड़ा होगा।
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