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पुलिस को महिलाओं ने लाठियों से पीटा
ब्यूरो, अमर उजाला हमीरपुर
Updated Sun, 06 Sep 2015 11:37 PM IST
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चिकासी थाने के बडेरा माफ गांव में किशोर का शव
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पोस्टमार्टम के लिए जबरन उठाने पर परिजनों ने पुलिस को दौड़ा-दौड़ा कर
लाठियों से पीटा। महिलाओं की पिटाई से चिकासी थाना इंचार्ज के सिर पर गंभीर
चोटें आईं। एक पुलिस कर्मी भी घायल हो गया। पुलिस ने गांव के पूर्व प्रधान
के घर में घुसकर जान बचाई। घायल थाना इंचार्ज को गोहांड पीएचसी भेजा गया।
हालत नाजुक होने पर जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। इस घटना से गांव में
तनाव व्याप्त है। बवाल की सूचना पर एसपी और अपर पुलिस अधीक्षक ने घटना स्थल
का निरीक्षण किया।
जालौन जिले के सरसई गांव निवासी जयपाल केवट का पुत्र पुष्पेंद्र (12) अपनी मां चंदा देवी के साथ चिकासी थाने के बडेरा माफ गांव में मामा के घर आया था।
शनिवार सुबह 10 बजे पुष्पेंद्र अपनी मां के साथ गांव के पास बेतवा नदी में नहाने गया था। नहाने के दौरान पुष्पेंद्र गहरे पानी में डूब गया था। काफी तलाश के बाद जब पुष्पेंद्र का पता नहीं चला तो पुलिस को जानकारी दी गई।
सूचना पाकर पहुंचे थानाध्यक्ष चिकासी बीपी मिश्रा ने उन्नाव से गोताखोर बुलाकर शव की तलाश करानी शुरू कर दी। रात करीब 11 बजे गोताखोर पुष्पेंद्र का शव का पानी से निकाल सके। रात में परिजन पुष्पेंद्र के शव को लेकर घर आ गए।
रविवार सुबह 11 बजे पुलिस गांव पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए उठाने लगी तो महिलाओं ने विरोध किया। मृतक की परिजन राजकुमारी ने बताया कि पुलिस जबरन शव ले जाने लगी।
जब उन्होंने शव छीनना चाहा तो पुलिस ने धकियाते हुए अभद्रता शुरू कर दी। जिससे मौजूद महिलाएं आक्रोशित हो उठीं और महिलाओं ने लाठियां लेकर पुलिस पर हमला कर दिया।
महिलाओं ने पीछा कर चिकासी थानाध्यक्ष बीपी मिश्रा के सिर पर डंडा मार घायल कर दिया। जिससे वह गिर पडे़ फिर एक सिपाही को भी पीटा। इसके बाद वहां मौजूद सिपाही अपनी जान बचाते हुए भाग खडे़ हुए।
पुलिस ने पूर्व प्रधान के घर में घुसकर जान बचाई। पुलिस की पिटाई से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। सूचना पर पुलिस अधीक्षक, अपर पुलिस अधीक्षक सहित सर्किल की पुलिस मौके पर पहुंच गई।
पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार सिंह ने बताया कि घटना की जांच कराई जाएगी। समाचार लिखे जाने तक थाने में मामले की रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई थी। गांव में व्याप्त तनाव को देखते हुए पीएससी तैनात कर दी गई।
इस दौरान एसडीएम सरीला रामयश गौतम, सीओ सरीला राजेश कुमार, सीओ राठ विजय त्रिपाठी, जगदेव यादव सहित कई थानों का पुलिस बल तैनात रहा।
जालौन जिले के सरसई गांव निवासी जयपाल केवट का पुत्र पुष्पेंद्र (12) अपनी मां चंदा देवी के साथ चिकासी थाने के बडेरा माफ गांव में मामा के घर आया था।
शनिवार सुबह 10 बजे पुष्पेंद्र अपनी मां के साथ गांव के पास बेतवा नदी में नहाने गया था। नहाने के दौरान पुष्पेंद्र गहरे पानी में डूब गया था। काफी तलाश के बाद जब पुष्पेंद्र का पता नहीं चला तो पुलिस को जानकारी दी गई।
सूचना पाकर पहुंचे थानाध्यक्ष चिकासी बीपी मिश्रा ने उन्नाव से गोताखोर बुलाकर शव की तलाश करानी शुरू कर दी। रात करीब 11 बजे गोताखोर पुष्पेंद्र का शव का पानी से निकाल सके। रात में परिजन पुष्पेंद्र के शव को लेकर घर आ गए।
रविवार सुबह 11 बजे पुलिस गांव पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए उठाने लगी तो महिलाओं ने विरोध किया। मृतक की परिजन राजकुमारी ने बताया कि पुलिस जबरन शव ले जाने लगी।
जब उन्होंने शव छीनना चाहा तो पुलिस ने धकियाते हुए अभद्रता शुरू कर दी। जिससे मौजूद महिलाएं आक्रोशित हो उठीं और महिलाओं ने लाठियां लेकर पुलिस पर हमला कर दिया।
महिलाओं ने पीछा कर चिकासी थानाध्यक्ष बीपी मिश्रा के सिर पर डंडा मार घायल कर दिया। जिससे वह गिर पडे़ फिर एक सिपाही को भी पीटा। इसके बाद वहां मौजूद सिपाही अपनी जान बचाते हुए भाग खडे़ हुए।
पुलिस ने पूर्व प्रधान के घर में घुसकर जान बचाई। पुलिस की पिटाई से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। सूचना पर पुलिस अधीक्षक, अपर पुलिस अधीक्षक सहित सर्किल की पुलिस मौके पर पहुंच गई।
पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार सिंह ने बताया कि घटना की जांच कराई जाएगी। समाचार लिखे जाने तक थाने में मामले की रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई थी। गांव में व्याप्त तनाव को देखते हुए पीएससी तैनात कर दी गई।
इस दौरान एसडीएम सरीला रामयश गौतम, सीओ सरीला राजेश कुमार, सीओ राठ विजय त्रिपाठी, जगदेव यादव सहित कई थानों का पुलिस बल तैनात रहा।