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पहली बारिश में गांव की गलियां दल-दल में तब्दील
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हमीरपुर। मानसून की पहली बारिश में प्रशासन के दावों की पोल खुल गई। बारिश के कारण जगह-जगह जलभराव हो गया। जिससे लोगों को निकलने में परेशानी हो रही है।
गुरुवार की रात हुई बारिश से पिछले कई दिनों से पड़ रही उमस व गर्मी से राहत मिली है। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल पाइप लाइन बिछाने के लिए खोदी गई सड़कें बारिश में दलदल में तब्दील हो गई। गांव पत्योरा, देवगांव, सौंखर, पचखुरा महान, सुरौली बुजुर्ग आदि गांवों के ग्रामीणों में अनंता सिंह, अरुण कुमार, जहान सिंह, चिंताहरण पांडे, अवधेश सिंह, बबलू सिंह के मुताबिक बारिश आफत बनकर आई है। गांव के मुख्य रास्तों व गलियों में पानी भर गया, जिससे निकलने तक के लिए जगह नहीं बची है।
बारिश से तापमान में गिरावट हुई है। अधिकतम तापमान 40 डिग्री से घटकर 32 डिग्री आ गया। यह बारिश खेती के लिए फायदेमंद है।
केवीके के कृषि वैैैज्ञानिक डा. एसपी सोनकर ने बताया कि मानसून ने दस्तक दे दी है। करीब 10 मिमी बारिश हुई है। मौसम पूर्वानुमान के मुताबिक अगले चार दिनों तक रुक-रुक कर बारिश होने की संभावना है।
सड़क पर जलभराव से परेशानी
पौथिया। कलौलीतीर गांव में खेरापति बाबा मंदिर से बस्ती के अंदर जाने वाली सीसी सड़क में जलभराव है। गांव निवासी जगत प्रसाद, रामपाल, हिमांशू श्रीवास्तव, पूर्व प्रधान नसीर अहमद, विनोद सचान, मुन्नालाल श्रीवास्तव आदि लोगों ने मुख्य रास्ता ठीक कराए जाने की मांग की है। बीते शनिवार को इसी रास्ते में पूर्व मंत्री की कार का पहिया फंस गया था। उधर प्रधान प्रतिनिधि कल्लू ने बताया की सफाई कर्मचारी नहीं है। काम पर आने के बाद ही रास्तों की सफाई कराई जाएगी। (संवाद)
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फोटो 01 एचएएमपी 41 उरई रोड पर मंगरौठ गांव से बंगरा संपर्क मार्ग की दयनीय हालत। संवाद
दो दशक से उखड़ा पड़ा है मंगरौठ-बंगरा मार्ग
मंगरौठ मार्ग गड्डों में तब्दील, जान हथेली पर लेकर गुजरते हैं ग्रामीण
संवाद न्यूज एजेंसी
राठ। मंगरौठ-मोड़ से बंगरा गांव तक 14 किलोमीटर संपर्क मार्ग दो दशक से उखड़ा पड़ा है। ग्रामीणों की शिकायत के बाद भी सड़क नहीं बन सकी। बारिश में यहां से निकलना जोखिम भरा है।
मंगरौठ मोड़ से जिगनी गांव तक नौ किलोमीटर व जिगनी से बंगरा गांव तक पांच किलोमीटर सड़क का निर्माण वर्ष 1996 में हुआ था। मौरंग लदे ओवरलोड ट्रकों के निकलने से यह मार्ग गड्ढों में तब्दील हो चुका है। 20 सालों से किसी भी सरकार ने सड़क निर्माण की सुध नहीं ली।
बंगरा गांव के विदेश कुमार, देवेंद्र कुमार, धीरेंद्र कुमार, विपिन कुमार, पवन कुमार, मंगरौठ के अक्षय प्रताप सिंह यादव, जिगनी के शिवराज सिंह, दीप सिंह, आदित्य प्रताप सिंह, शिवम प्रताप सिंह, अमित कुमार आदि ने बताया मरीजों को अस्पताल ले जाना आफत से कम नहीं है। जर्जर सड़क के चलते इन गांवों में कोई अपनी बेटी का रिश्ता करना पसंद नहीं करता। अधिकारियों व नेताओं से कोरे आश्वासन मिले। विगत विधानसभा चुनाव में जिगनी गांव के लोगों ने सड़क निर्माण का दबाव बनाने के लिए मतदान बहिष्कार की घोषणा की थी।
बोले ग्रामीण
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फोटो 01 एचएएमपी 42 विक्रम सिंह राजपूत
बालू भरे ट्रकों से परेशानी
भाकियू के युवा जिलाध्यक्ष बंगरा गांव निवासी विक्रम सिंह राजपूत कहते हैं सड़क न होने से आधा दर्जन गांव के लोगों को आवागमन में कठिनाई होती है। प्रतिदिन बाइक सवार गिरकर चोटहिल होते हैं। जर्जर सड़क से बालू भरे ट्रकों की धमाचौकड़ी भी हादसों की वजह बनती है।
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फोटो 01 एचएएमपी 43 प्रबल प्रताप सिंह
जर्जर मार्ग से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित
जिगनी के प्रबल प्रताप सिंह परिहार कहते हैं कि सरकार सर्व शिक्षा अभियान चला रही है। इसके विपरीत जर्जर मार्ग के कारण गांव के बच्चे बारिश के चार माह स्कूल जाने से वंचित रहते हैं। जिससे उनकी पढ़ाई बाधित हो रही है। बताया गांव में आठवीं के बाद कोई स्कूल नहीं है।
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जनप्रतिनिधियों ने की गांव की उपेक्षा
फोटो 01 एचएएमपी 44 श्रीचंद्र राजपूत
बंगरा गांव के श्रीचंद्र राजपूत कहते हैं कि बारिश शुरू होने के साथ ही सड़क में कीचड़ हो जाता है। जिससे इस पर पैदल चलना भी मुश्किल होता है। शिकायत के बाद भी शासन व प्रशासन ने इन गांवों की समस्या पर ध्यान नहीं दिया है। विकास के दावे खोखले साबित हो रहे।
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गुरुवार की रात हुई बारिश से पिछले कई दिनों से पड़ रही उमस व गर्मी से राहत मिली है। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल पाइप लाइन बिछाने के लिए खोदी गई सड़कें बारिश में दलदल में तब्दील हो गई। गांव पत्योरा, देवगांव, सौंखर, पचखुरा महान, सुरौली बुजुर्ग आदि गांवों के ग्रामीणों में अनंता सिंह, अरुण कुमार, जहान सिंह, चिंताहरण पांडे, अवधेश सिंह, बबलू सिंह के मुताबिक बारिश आफत बनकर आई है। गांव के मुख्य रास्तों व गलियों में पानी भर गया, जिससे निकलने तक के लिए जगह नहीं बची है।
बारिश से तापमान में गिरावट हुई है। अधिकतम तापमान 40 डिग्री से घटकर 32 डिग्री आ गया। यह बारिश खेती के लिए फायदेमंद है।
केवीके के कृषि वैैैज्ञानिक डा. एसपी सोनकर ने बताया कि मानसून ने दस्तक दे दी है। करीब 10 मिमी बारिश हुई है। मौसम पूर्वानुमान के मुताबिक अगले चार दिनों तक रुक-रुक कर बारिश होने की संभावना है।
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सड़क पर जलभराव से परेशानी
पौथिया। कलौलीतीर गांव में खेरापति बाबा मंदिर से बस्ती के अंदर जाने वाली सीसी सड़क में जलभराव है। गांव निवासी जगत प्रसाद, रामपाल, हिमांशू श्रीवास्तव, पूर्व प्रधान नसीर अहमद, विनोद सचान, मुन्नालाल श्रीवास्तव आदि लोगों ने मुख्य रास्ता ठीक कराए जाने की मांग की है। बीते शनिवार को इसी रास्ते में पूर्व मंत्री की कार का पहिया फंस गया था। उधर प्रधान प्रतिनिधि कल्लू ने बताया की सफाई कर्मचारी नहीं है। काम पर आने के बाद ही रास्तों की सफाई कराई जाएगी। (संवाद)
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फोटो 01 एचएएमपी 41 उरई रोड पर मंगरौठ गांव से बंगरा संपर्क मार्ग की दयनीय हालत। संवाद
दो दशक से उखड़ा पड़ा है मंगरौठ-बंगरा मार्ग
मंगरौठ मार्ग गड्डों में तब्दील, जान हथेली पर लेकर गुजरते हैं ग्रामीण
संवाद न्यूज एजेंसी
राठ। मंगरौठ-मोड़ से बंगरा गांव तक 14 किलोमीटर संपर्क मार्ग दो दशक से उखड़ा पड़ा है। ग्रामीणों की शिकायत के बाद भी सड़क नहीं बन सकी। बारिश में यहां से निकलना जोखिम भरा है।
मंगरौठ मोड़ से जिगनी गांव तक नौ किलोमीटर व जिगनी से बंगरा गांव तक पांच किलोमीटर सड़क का निर्माण वर्ष 1996 में हुआ था। मौरंग लदे ओवरलोड ट्रकों के निकलने से यह मार्ग गड्ढों में तब्दील हो चुका है। 20 सालों से किसी भी सरकार ने सड़क निर्माण की सुध नहीं ली।
बंगरा गांव के विदेश कुमार, देवेंद्र कुमार, धीरेंद्र कुमार, विपिन कुमार, पवन कुमार, मंगरौठ के अक्षय प्रताप सिंह यादव, जिगनी के शिवराज सिंह, दीप सिंह, आदित्य प्रताप सिंह, शिवम प्रताप सिंह, अमित कुमार आदि ने बताया मरीजों को अस्पताल ले जाना आफत से कम नहीं है। जर्जर सड़क के चलते इन गांवों में कोई अपनी बेटी का रिश्ता करना पसंद नहीं करता। अधिकारियों व नेताओं से कोरे आश्वासन मिले। विगत विधानसभा चुनाव में जिगनी गांव के लोगों ने सड़क निर्माण का दबाव बनाने के लिए मतदान बहिष्कार की घोषणा की थी।
बोले ग्रामीण
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फोटो 01 एचएएमपी 42 विक्रम सिंह राजपूत
बालू भरे ट्रकों से परेशानी
भाकियू के युवा जिलाध्यक्ष बंगरा गांव निवासी विक्रम सिंह राजपूत कहते हैं सड़क न होने से आधा दर्जन गांव के लोगों को आवागमन में कठिनाई होती है। प्रतिदिन बाइक सवार गिरकर चोटहिल होते हैं। जर्जर सड़क से बालू भरे ट्रकों की धमाचौकड़ी भी हादसों की वजह बनती है।
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फोटो 01 एचएएमपी 43 प्रबल प्रताप सिंह
जर्जर मार्ग से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित
जिगनी के प्रबल प्रताप सिंह परिहार कहते हैं कि सरकार सर्व शिक्षा अभियान चला रही है। इसके विपरीत जर्जर मार्ग के कारण गांव के बच्चे बारिश के चार माह स्कूल जाने से वंचित रहते हैं। जिससे उनकी पढ़ाई बाधित हो रही है। बताया गांव में आठवीं के बाद कोई स्कूल नहीं है।
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जनप्रतिनिधियों ने की गांव की उपेक्षा
फोटो 01 एचएएमपी 44 श्रीचंद्र राजपूत
बंगरा गांव के श्रीचंद्र राजपूत कहते हैं कि बारिश शुरू होने के साथ ही सड़क में कीचड़ हो जाता है। जिससे इस पर पैदल चलना भी मुश्किल होता है। शिकायत के बाद भी शासन व प्रशासन ने इन गांवों की समस्या पर ध्यान नहीं दिया है। विकास के दावे खोखले साबित हो रहे।