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सीएए के विरोध में सैकड़ों महिलाएं आंबेडकर पार्क में बैठी, अचानक सैकड़ों महिलाएं बच्चों संग तिरंगा लेकर स्टेशन मार्ग पर निकली
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मौदहा में सीएए व एनआरसी के विरोध में जुलूस निकालती मुस्मिल महिलाएं।
- फोटो : HAMIRPUR
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मौदहा (हमीरपुर)। गणतंत्र दिवस पर कस्बे में सैकड़ों मुस्लिम महिलाएं बच्चों संग सीएए (नागरिकता संशोधन कानून) और एनआरसी (नेशनल रजिस्टर आफ सिटिजन) के विरोध में हाथों में तिरंगा लेकर स्टेशन मार्ग पर से जुलूस निकाला। अचानक महिलाओं के बच्चों संग सड़क पर जुलूस निकालने से पुलिस प्रशासन के हाथ पांव फूल गए और अधिकारी हरकत में आए। स्टेशन मार्ग पर नारेबाजी करने के दौरान महिलाएं आंबेडकर पार्क में धरने में बैठ गईं। करीब दो घंटे तक आंबेडकर पार्क में धरना देने और यहां से न हटने के बाद पुलिस के सख्त रुख अख्तियार करने के बाद महिलाएं राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन देकर अपने-अपने घरों को चलीं गईं।
संवेदनशील मौदहा कस्बे में भी रविवार को दोपहर दिल्ली के शाहीन बाग और लखनऊ के घंटाघर की तर्ज पर सैकड़ों महिलाओं ने नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में बच्चों संग धरना देने की कोशिश की। दोपहर 11 बजे के आसपास स्टेशन रोड और उससे सटे मोहल्लों से अचानक सैकड़ों महिलाएं बच्चों संग पोस्टर बैनर लेकर निकली और एनआरसी के विरोध में नारेबाजी शुरू कर दी। इस दौरान हमें चाहिए आजादी, आजादी लेकर रहेंगे आदि समेत कई नारे भी लगाए गए।
महिलाओं ने नरहिया मार्ग होते हुए आंबेडकर पार्क पहुंची। पार्क के पास ही स्टेशन मार्ग पर सड़क जाम कर प्रदर्शन किया। नगर में सैकड़ाें मुस्लिम महिलाओं द्वारा बिना अनुमति जुलूस निकालने और आंबेडकर पार्क में धरने पर बैठने की जानकारी पर मौदहा एसडीएम अजीत परेश और पुलिस क्षेत्राधिकारी सौम्या पांडेय भारी पुलिस फोर्स संग मौके पर पहुंचीं।
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काफी देर तक अधिकारियों ने महिलाओं को समझाया, लेकिन पार्क में धरने पर बैठने की जिद पर महिलाएं अड़ी रहीं। इस दौरान प्रशासनिक अधिकारी महिलाओं को समझाते रहे। आखिर में न मानने पर सीओ सौम्या पांडे ने सख्त रुख अख्तियार किया और बिना अनुमति धरना-प्रदर्शन व जुलूस निकालने पर कानून का पाठ पढ़ाया। सीओ की सख्ती देख महिलाओं के तेवर ढीले पड़ गए।
पुलिस की सख्ती और प्रशासन के समझाने का असर यह रहा कि धरना स्थल से न उठने की जिद पर अड़ी महिलाएं दो घंटे के बाद राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपकर अपने-अपने घरों को चली गईं। इस दौरान स्टेशन मार्ग करीब दो घंटे तक बाधित रहा। महिलाओं के सड़क से हटने के बाद अपने-अपने घरों को चले जाने के बावजूद नगर के मुख्य स्थानों पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। गौरतलब हो कि 20 दिसंबर को नगर में एनआरसी के विरोध में काफी बवाल हुआ था।
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संवेदनशील मौदहा कस्बे में भी रविवार को दोपहर दिल्ली के शाहीन बाग और लखनऊ के घंटाघर की तर्ज पर सैकड़ों महिलाओं ने नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में बच्चों संग धरना देने की कोशिश की। दोपहर 11 बजे के आसपास स्टेशन रोड और उससे सटे मोहल्लों से अचानक सैकड़ों महिलाएं बच्चों संग पोस्टर बैनर लेकर निकली और एनआरसी के विरोध में नारेबाजी शुरू कर दी। इस दौरान हमें चाहिए आजादी, आजादी लेकर रहेंगे आदि समेत कई नारे भी लगाए गए।
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महिलाओं ने नरहिया मार्ग होते हुए आंबेडकर पार्क पहुंची। पार्क के पास ही स्टेशन मार्ग पर सड़क जाम कर प्रदर्शन किया। नगर में सैकड़ाें मुस्लिम महिलाओं द्वारा बिना अनुमति जुलूस निकालने और आंबेडकर पार्क में धरने पर बैठने की जानकारी पर मौदहा एसडीएम अजीत परेश और पुलिस क्षेत्राधिकारी सौम्या पांडेय भारी पुलिस फोर्स संग मौके पर पहुंचीं।
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काफी देर तक अधिकारियों ने महिलाओं को समझाया, लेकिन पार्क में धरने पर बैठने की जिद पर महिलाएं अड़ी रहीं। इस दौरान प्रशासनिक अधिकारी महिलाओं को समझाते रहे। आखिर में न मानने पर सीओ सौम्या पांडे ने सख्त रुख अख्तियार किया और बिना अनुमति धरना-प्रदर्शन व जुलूस निकालने पर कानून का पाठ पढ़ाया। सीओ की सख्ती देख महिलाओं के तेवर ढीले पड़ गए।
पुलिस की सख्ती और प्रशासन के समझाने का असर यह रहा कि धरना स्थल से न उठने की जिद पर अड़ी महिलाएं दो घंटे के बाद राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपकर अपने-अपने घरों को चली गईं। इस दौरान स्टेशन मार्ग करीब दो घंटे तक बाधित रहा। महिलाओं के सड़क से हटने के बाद अपने-अपने घरों को चले जाने के बावजूद नगर के मुख्य स्थानों पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। गौरतलब हो कि 20 दिसंबर को नगर में एनआरसी के विरोध में काफी बवाल हुआ था।