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उत्पीड़न का आरोप लगाकर ग्राम प्रधानों ने की नारेबाजी

Tue, 05 Nov 2019 12:06 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 05 Nov 2019 12:06 AM IST
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राठ। ब्लाक सभागार में सोमवार को राष्ट्रीय ग्राम प्रधान संघ की बैठक हुई। मुख्य अतिथि जिलाध्यक्ष आनंद अशोक सचान रहे। वहीं प्रधानों ने प्रशासनिक अधिकारियों पर उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए जमकर नारेबाजी की। इसके बाद एसडीएम सुरेश कुमार को नौ सूत्री मांग पत्र सौंपा।
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जिलाध्यक्ष आनंद अशोक सचान ने कहा कि प्रधान एकजुट होकर उत्पीड़न के खिलाफ संघर्ष करेंगे। ब्लाक अध्यक्ष रामस्वरूप ने कहा कि जरूरत पड़ने पर प्रधान एक साथ त्यागपत्र देने को तैयार हैं।
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ज्ञापन में अन्ना गोवंश के लिए चौकीदार व चरवाहों की व्यवस्था को अलग से धन आवंटन, गोवंश संरक्षण का प्रबंध अन्य किसी संस्था को दिए जाने, प्रशासनिक अधिकारियों की बयानबाजी व अभद्र व्यवहार पर रोक लगाने, ब्लाक कार्यालय में नियमित मनरेगा कंप्यूटर आपरेटर की व्यवस्था मांग एसडीएम से की। समाधान न निकलने पर प्रधानों ने आंदोलन की चेतावनी भी दी है।
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संचालन महामंत्री देवेंद्र सिंह राजपूत ने किया। इस मौके पर करन सिंह, प्रमोद कुमारी, ममता देवी, कैलाश रानी, गिरजारानी, मानसिंह, महिपाल सिंह, सिद्धगोपाल, टीकाराम, हीरादेवी, तुलसीदास, राजेश कुमार, चंद्रप्रकाश, निशा सिंह, जुझार सिंह आदि ग्राम प्रधान मौजूद रहे।

किसानों की समस्याओं को लेकर दिया ज्ञापन
हमीरपुर। लोकतांत्रिक इंसाफ पार्टी के संस्थापक भगवानदास दीक्षित के नेतृत्व में किसानों ने विभिन्न समस्याओं को लेकर प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। जिसमें बुंदेलखंड में सूखा, बाढ़, ओला व अतिवृष्टि तथा अन्ना मवेशी आदि दैवी आपदाओं से जूझ रहे किसानों का कर्जमाफी, मुफ्त बिजली देने व सिंचाई के पर्याप्त साधन उपलब्ध कराने की मांग की है। पार्टी के संस्थापक भगवानदास दीक्षित ने बताया कि किसानों की स्थित गरीबों से भी बदतर हो गई है। बैंकों व साहूकारों से कर्ज लेकर फसलों की बुआई करता है। इसके बाद भी दैवी आपदा, सूखा, बाढ़, ओला, अतिवृष्टि व अन्ना मवेशियों से फसलें नहीं बचा पा रहे हैं। सरकारी बैंकों व साहूकारों का कर्ज न चुका पाने पर वह आत्महत्या कर रहे हैं। सरकारें किसानों के लिए योजनाओं के नाम पर खानापूर्ति कर रही हैं। उनके साथ रणविजय प्रजापति, राजाराम, शंकर, जयकिशन दीक्षित, गुरु प्रसाद, जगरूप सिंह, बृजेश कुमार, विजय सिंह आदि किसान मौजूद रहे। संवाद
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