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Hamirpur News: हद से ज्यादा रुलाना नहीं चाहिए...
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फोटो 27 एचएएमपी 26- काव्य गोष्ठी के दौरान मंच पर मौजूद कवि। आयोजक
भरुआ सुमेरपुर। शरद पूर्णिमा, महर्षि वाल्मीकि जयंती और अखिल भारतीय साहित्य परिषद के 61वें स्थापना दिवस पर उदयराज गार्डन में काव्य गोष्ठी आयोजित हुई। मुख्य अतिथि प्रदेश मंत्री डॉ. महेश पांडेय बजरंग रहे। इस दौरान रेवती कुमार पाठक की कृति शौर्य-सुलेखा का विमोचन हुआ।
कवि हरीप्रकाश कुशवाहा कौशल ने सुनाया हद से ज्यादा रुलाना नहीं चाहिए, दिल किसी का दुखाना नहीं चाहिए। राजेंद्र प्रेमी ने कहा तुम्हारे आने का अहसास, काश तुम होते मेरे पास। जगदीश चंद्र जोशी ने रामायण की महिमा बताते हुए पढ़ा रामायण भारत क्या, विश्व में मशहूर है। यह भारतीय संस्कृति का सबसे अमूल्य नूर है।
गणेश सिंह विद्यार्थी ने महर्षि वाल्मीकि की करुणा और काव्य साधना का वर्णन किया। कमल किशोर कमल ने सुनाया रामायण की नीतियां लाती हरित बहार, संस्कार उपहार दे, बदले लोकाचार। आचार्य देवनारायण सोनी ने मानवता का संदेश देते हुए कहा किसी बीमार बेजान को रक्त दीजिए, जो करे तुम्हारा इंतजार उसे वक्त दीजिए। गीता ओमर, शोएब मौदवी, कैलाश सोनी, नारायण प्रसाद रसिक सहित अनेक कवियों ने रचनाएं प्रस्तुत कीं। इस अवसर पर हरीराम गुप्त निरपेक्ष, लखनलाल जोशी ललित, कैलाश सोनी आदि मौजूद रहे।
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कवि हरीप्रकाश कुशवाहा कौशल ने सुनाया हद से ज्यादा रुलाना नहीं चाहिए, दिल किसी का दुखाना नहीं चाहिए। राजेंद्र प्रेमी ने कहा तुम्हारे आने का अहसास, काश तुम होते मेरे पास। जगदीश चंद्र जोशी ने रामायण की महिमा बताते हुए पढ़ा रामायण भारत क्या, विश्व में मशहूर है। यह भारतीय संस्कृति का सबसे अमूल्य नूर है।
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गणेश सिंह विद्यार्थी ने महर्षि वाल्मीकि की करुणा और काव्य साधना का वर्णन किया। कमल किशोर कमल ने सुनाया रामायण की नीतियां लाती हरित बहार, संस्कार उपहार दे, बदले लोकाचार। आचार्य देवनारायण सोनी ने मानवता का संदेश देते हुए कहा किसी बीमार बेजान को रक्त दीजिए, जो करे तुम्हारा इंतजार उसे वक्त दीजिए। गीता ओमर, शोएब मौदवी, कैलाश सोनी, नारायण प्रसाद रसिक सहित अनेक कवियों ने रचनाएं प्रस्तुत कीं। इस अवसर पर हरीराम गुप्त निरपेक्ष, लखनलाल जोशी ललित, कैलाश सोनी आदि मौजूद रहे।
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