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ग्रामीण बैंकों में नई करेंसी नहीं

Tue, 22 Nov 2016 12:26 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला हमीरपुर
ब्यूरो, अमर उजाला हमीरपुर Updated Tue, 22 Nov 2016 12:26 AM IST
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No new currency in rural banks
खेड़ाशिलाजीत गांव की बैंक में विट्राल फार्म दिखाते ग्रामीण। - फोटो : Amar ujala

ग्रामीण क्षेत्रों की बैंकों में नई करेंसी का अकाल है। इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक शाखा खेड़ा शिलाजीत को नोटबंदी के बाद से अब तक मात्र डेढ़ लाख की नई करेंसी मिली है। ऐसे चाहे किसान हो या शादी वाले लोग हर कोई नगदी को लेकर बेताब है। किसान बैंक में बैठकर नई करेंसी के आने की बाट जोह रहा है। मजदूरों के घराें में फांकाकशी की नौबत है। मांगने से कर्ज भी नहीं मिल रहा है।

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कहीं, लाइनें लगीं हैं, तो कहीं बैंक के बाहर पैसा आने के इंतजार में बैठे किसान मोदी को कोस रहे हैं। धूमधाम से बेटियों के हाथ पीले करने का अरमान संजोए पिता के सामने यह नोटबंदी भारी अड़चन बनी है। शादी का कार्ड दिखाकर ढाई लाख निकालने का फरमान तो जारी कर दिया है, लेकिन नई करेंसी की कमी से यह केवल हवाहवाई लग रहा है। खेड़ा शिलाजीत गांव के मजदूर वीरेंद्र कुमार अहिरवार की रातों की नींद हराम है। बेटी उमा की शादी 27 नवंबर को है। बैंक में पुराना 19 हजार रुपये सगे संबंधियों से उधार लेकर जमा कर चुका है। इसी चिंता में बेटी व पत्नी ठीक से खाना नहीं खा रही हैं और वह भी बेहद परेशान है।
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दो दिन से बैंक में नहीं आई करेंसी   
इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक खेड़ाशिलाजीत में नोटबंदी के बाद हालात बेहद खराब हैं। बीते दो दिनों से रुपये नहीं आए हैं। रुपये आने के इंतजार में बाहर बैठे किसान फूलसिंह, मूलचंद्र, हरिमोहन, खिलाड़ी निवासी गुटकवारा, रामपाल बंधौली, सुरेश, महेश, लल्लू मिले। बताया कि किसी तरह पलेवा तो कर लिया है। लेकिन खाद बीज को पैसा नहीं है।
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दो दिन से बाउचर व चेक लेकर आ रहे हैं। पूरा दिन बैंक के बाहर बैठे रहते हैं लेकिन शाम तक रुपये नहीं मिलते हैं। कहा कि पहले नए नोटों की व्यवस्था कर लेनी चाहिए थी, इसके बाद नोट बंद करने चाहिए थे। प्रधानमंत्री गांव आकर देखें कि यहां अकाल से भी बुरे हालात होते जा रहे हैं। शाखा प्रबंधक सिद्धार्थ ने बताया कि उनकी बैंक को करेंसी की आपूर्ति बहुत कम की जा रही है। अब तक केवल डेढ़ लाख रुपये मिले हैं।

आटा दाल क ो लेकर गिड़गिड़ाती रही महिला मजदूर  
इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक जलालपुर में भी तड़के से लंबी लाइन लग गई। लोगों को दो हजार से ज्यादा की निकासी नहीं की जा रही है। परेशान किसान बैंक कर्मियों की मनुहार करते दिखे। लाइन में खड़ी महिला मजदूर कमली (50) निवासी खंडौत ने कहा कि घर में खाने का सामान नहीं है। मजदूरी मिल नहीं रही है। पहले काम किया था उसी का पैसा खाते में जमा है।


वही निकालने आई है। लेकिन दो दिन से वह परेशान है। भीड़ इतनी ज्यादा है कि नंबर आते-आते पैसा खत्म हो जाता है। शाखा प्रबंधक नाथूराम ने बताया कि जितना पैसा मिल रहा है। उसी अनुपात में लोगाें को बांट रहे हैं। वह खुद मजबूर हैं। मैनेजर ने कहा है कि नई करेंसी आने पर शादी के लिए 15 हजार रुपये दिए जाएंगे।

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